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स्मृतियों में रहेंगे दिग्गज

दो साल से अधिक हो गए हैं, कोरोना महामारी से पूरी दुनिया अब तक त्रस्त है। महामारी के दौरान दुनियाभर में अनगिनत मौतें हुई। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी दुनिया को अलविदा कह गए जो एक अलग पहचान रखते थे। जो हमेशा देश-दुनिया की स्मृति में रहेंगे। देश-दुनिया में राजनीति का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। लेकिन केवल राजनीति ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में देखा जाए तो इस साल में देश-दुनिया के कई दिग्गज स्मृति में ही रह गए। ऐसे कई दिग्गज आज सशरीर हमारे मध्य तो नहीं हैं लेकिन उनकी स्मृति और उनका सियासी कौशल आज भी बेमिसाल माना जाता है। इन लोगों में देश के राष्ट्रपति, सेलिब्रिटी, खिलाड़ी और राज्यों के मुख्यमंत्री तक शामिल हैं। भारत समेत विदेशों के भी महत्वपूर्ण लोग दुनिया से रुख्सत हो गए।

जनरल बिपिन रावत

भारत को इस साल का सबसे बड़ा झटका साल के अंत में लगा जब खबर आई कि अपने देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत का निधन हो गया। बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस थे। रावत ने जनवरी 2020 से 8 दिसंबर को एक तमिलनाडु में हुई एक हेलिकॉप्‍टर दुर्घटना में अपनी मृत्यु तक भारतीय सशस्त्र बलों के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में कार्य किया।

जोवेनेल मोइसे

अमेरिकी महाद्वीप के देश हैती में 7 जुलाई, 2021 को राष्ट्रपति की हत्या से दुनियाभर में हड़कंप मच गया था। हैती के राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे की हत्या उनके निजी आवास में हुई थी। मोइसे के निजी आवास में अज्ञात लोगों के समूह ने जबरदस्ती घुस कर उन पर हमला किया था। 53 साल की उम्र में जान गंवाने वाले राष्ट्रपति मोइसे 2017 में राष्ट्रपति बने थे। इस हमले में मोइसे की पत्नी, प्रथम महिला मार्टिनी मोइसे भी गोलीबारी में घायल हुई थीं।

दिलीप कुमार

इस साल 7 जुलाई को हिन्दी सिनेमा के दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार का निधन हो गया था। बॉलीवुड के ट्रेजेडी किंग ने मुंबई के अस्पताल में 98 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी वक्त से बीमार थे। दिलीप कुमार को उनकी बेहतरीन अदाकारी के लिए ट्रेजडी किंग के नाम से जाना जाता था। उन्होंने अपने दौर में वो शानदार काम किया, जिसकी वजह से वह आज भी सबके दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं। दिलीप कुमार ने दीदार, देवदास और मुगल-ए-आजम जैसी फिल्म में सीरियस एक्टिंग करके अपनी अलग पहचान बना ली थी। जिसकी वजह से वह ट्रेजडी किंग कहलाए।

डिजाइनर टी. मार्क टेलर

इस साल दुनिया के जाने माने ‘हीमैन’ जैसे कार्टून कैरेक्टर के डिजाइनर टी. मार्क टेलर का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। टी. मार्क टेलर टॉय मास्टर्स (2012), टीनएज म्यूटेंट निंजा टर्टल्स (1987), और पावर ऑफ ग्रेस्कुल: द डेफिनिटिव हिस्ट्री ऑफ ही-मैन एंड द मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स (2017) जैसे वर्ल्ड फेमस खिलौनों के डिजाइनर थे।उन्होंने टीला, स्ट्रैटोस, बीस्ट मैन, कंकाल, मैन-एट-आर्म्स, मेर-मैन, बैटल कैट, मैन फेस, राम मैन, प्रिंस एडम, राशि चक्र जैसे आइकन भी डिजाइन किए।

आर्चबिशप डेसमंड टूटू

दक्षिण अफ्रीका के अपार्थाइड विरोधी आइकॉन डेसमंड टूटू का 90 साल की उम्र में निधन हो गया है। दुनिया भर में उन्हें मानवाधिकारों और बराबरी के लिए लड़ने वाले नैतिकता के एक स्तंभ के रूप में याद किया जा रहा है।

टूटू का जन्म सात अक्टूबर 1931 को जोहानसबर्ग के पास हुआ था। उनकी माता एक घरेलू सहायिका थीं और उनके पिता एक स्कूल टीचर थे। उन्होंने खुद भी टीचर बनने की शिक्षा ली थी लेकिन अश्वेत बच्चों के लिए बनाई गई निम्न शिक्षा प्रणाली पर क्रोध ने उन्हें एक पादरी बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

के आर गौरी अम्मा

यह साल देश की सबसे पुरानी राजनेता को खोने के लिए भी याद रखा जाएगा। 2021 में केरल के दिग्गज राजनेता और 1957 में ई एम एस नंबूदरीपाद के नेतृत्व वाली पहली कम्युनिस्ट सरकार की सदस्य, के आर गौरी अम्मा का निधन हो गया। वह देश की सबसे पुरानी राजनेता थीं। उनकी आयु 102 साल थी। उन्हें केरल की सबसे ताकतवर महिलाओं में से एक माना जाता है। उन्हें लोग प्यार से ‘अम्मा’ कहते थे। वह पहली केरल विधानसभा की अकेली जीवित सदस्य थीं। वह केरल की पहली राजस्व मंत्री भी रही थीं।

मरिलिया मेंडोंका

ब्राजील की यंग स्टार सिंगर का निधन 5 नवंबर 2021 को एक प्लेन क्रैश में हुआ। मारिलिया मेंडोंका के ऑफिस ने उनके निधन की पुष्टि की थी। मारिलिया मेंडोंका का विमान गोइयानिया और रियो डी जनेरियो के उत्तर में स्थित मिनस गेरैस राज्य के एक छोटे से शहर कैरेटिंगा के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

कल्याण सिंह

 

राजस्थान के राज्यपाल रहे कल्याण सिंह ने 21 अगस्त, 2021 को लंबी बीमारी से संघर्ष के बाद 89 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहने के दौरान कल्याण सिंह ने 30 साल की उम्र में 1962 में राजनीति में कदम रखा था। जनसंघ से जुड़े रहे कल्याण सिंह साल 1975-76 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान 21 महीने जेल में रहे थे। अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

इंदिरा हृदयेश

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का 13 जून को नई दिल्ली में निधन हो गया था। वह 80 साल की थीं। 7 अप्रैल 1941 को जन्मीं इंदिरा हृदयेश 33 साल की उम्र में पहली बार 1974 में यूपी विधान परिषद की सदस्य बनीं। उस समय उत्तराखंड अलग राज्य नहीं हुआ करता था। उसके बाद 1986, 1992 और 1998 में भी वो विधान परिषद की सदस्य चुनी गईं। मार्च 2002 में उत्तराखंड में पहली विधानसभा के लिए चुनाव हुए। इस चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई और एनडी तिवारी मुख्यमंत्री बने। हलद्वानी सीट से इंदिरा पहली बार विधायक बनीं। एनडी तिवारी की सरकार में इंदिरा हृदयेश पीडब्ल्यूडी , फाइनेंस, संसदीय कार्य जैसे अहम विभागों की मंत्री बनाई गईं।

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