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गाजियाबाद में चिकित्सको से बदसलूकी के आरोपी जमातियो पर लगेगा रासुका 

योगी अदित्य नाथ ने गाज़ियाबाद के जिला अस्पताल में स्वास्थकर्मियों के साथ हुई घटना के बाद आरोपियो पर NSA (रासुका)लगाने का आदेश दिया हैं मुख्यमंत्री ने यह भी कहाँ ” ये ना कानून को मानेंगे ना व्यवस्था को मानेँगे ये मानवता के दुश्मन हैं इन्हे हम छोड़ेंगे नहीं

गाजियाबाद के एमएमजी हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर रविद्र सिंह राणा का यह कहना है हमारे हॉस्पिटल मे निजामुद्दीन जमात से आए 6 व्यक्तियों को क्वारैटाइन किया गया है। लेकिन जब से इन लोगों को यहां क्वारैटाइन किया गया है तब से ही इन्होंने अस्पताल में अराजकता का माहौल पैदा किया हुआ था । इन लोगों ने नर्सो के साथ बदतमीजी की है। यहां तक कि जब भी नर्स उनके कमरे में जाती है तो यह अपना-अपना पजामा खोलकर खड़े हो जाते हैं। कुछ कपड़े बदलने का नाटक करने लगते हैं।तो कुछ जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। कुछ लोग तो अस्पताल की गैलरी में नंगे ही घुमने लगते थे।

हमारी स्टाफ की नर्सों के साथ यह अश्लील फब्तियां कस रहे थे। यहां तक कि उन्हें वल्गर शब्द बोल रहे थे। गंदे गाने सुना रहे थे । इससे हमारे स्टाफ की नर्स परेशान हो गई। कई नर्सों से बीड़ी सिगरेट की मांग की गई तो कईयों से चिकन बिरयानी के लिए बोला गया। इन लोगों के पास जब हमारी नर्स चिकित्सा जांच करने जाती है तो यह बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे पूरे हॉस्पिटल में दहशत का माहौल है। नर्सों से पहले जमात के लोगों ने हमारे स्टाफ के लोगों के साथ बदतमीजीया की थी ।

जिनमें उनके ऊपर तक थूका गया था। यह लोग अपने इलाज कराने का विरोध कर रहे थे। इससे जेंट्स स्टाफ ने इनका इलाज करने के लिए हाथ खड़े कर दिए। लेकिन बाद में जब नर्सों के साथ भी यही बिहेव किया गया तो मजबूरन हमें थाने में रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी। पुलिस ने भी हमारी नर्सों की सुरक्षा के लिए कोई पहल नहीं की ।

एसपी साहब ( प्रकाश कुमार) के आदेश पर यहां दो पुलिस वाले तैनात किए थे । लेकिन वह अपना मोबाइल नंबर लिखवा कर यह कहकर चले गए कि वह गस्त पर जा रहे हैं । ऐसे में अगर हमारी नर्सों के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो फिर इसकी जवाबदेही किसकी होती”।

तीन दिन पूर्व दिल्ली के निजामुद्दीन से जमात से जुड़े 6 लोगों को गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल क्वारैटाइन करने के लिए भेजा गया था। जहां इन्हें आइशोलेशन वार्ड में एडमिट किया गया था। लेकिन जब जमात से जुड़े लोगों की हरकतों से अस्पताल के कर्मचारी परेशान हो गये तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

इसके बाद एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती तब्लीगी जमात के 6 मरीजों को राजकुमार गोयल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां इन्हें क्वारैंटाइन करके रखा गया है। हालांकि, एमएमजी अस्पताल के स्टाफ के साथ बदसलूकी करने की वजह से इनके खिलाफ एफआईआर तो हुई है साथ ही इन सभी पर जेल जाने का खतरा भी मंडराने लगा है।

एस पी क्राइम प्रकाश कुमार की माने तो इस मामले में सीएम साहब बहुत नाराज हैं। इस बाबत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। फिलहाल डासना स्थित जिला जेल में एक आइशोलेशन वार्ड तैयार किया जा रहा है। जहा इन सभी आरोपी लोंगो को भेजा जाएगा। इसके बाद सभी को जेल में ही आइशोलेशन किया जाएगा।

गौरतलब है कि तबलीगी जमात के लोगों की वजह से दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कोरोना वायरस फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिससे पूरे देश में दहशत का माहौल है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बाबत कई सख्त फैसले लिए हैं। अलग-अलग जगहों से जांच में सहयोग नहीं करने के मामले सामने आने के बाद सीएम योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति पुलिस अथवा चिकित्सक के साथ बदसलूकी करें उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।

सीएम ने यह भी कहा है कि तबलीगी जमात के लोगों की गलतियों का खामियाजा स्वास्थकर्मियो। फुलिसकर्मियो और प्रदेश की जनता को नही भुगतने दिया जाएगा। इससे पहले सीएम ने जमात से लौटे विदेशी नागरिकों के पासपोस्ट जब्त करने का आदेश दिया था, जिसे आगे भी जारी रखने को कहा गया है। याद रहे कि प्रदेश में अब तक 1300 से अधिक जमात से जुड़े लोगों की पहचान की गई है, जिसमें 258 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

उधर इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी । जिसमें उन्होंने बताया था कि निजामुद्दीन के मरकज से कुल 2346 लोगों को निकाला गया था । जिनमें से कुल 536 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 1810 लोग क्वारंटाइन सेंटरों में भेजे गए थे। जो 536 लोग अस्पताल में भेजे गए थे उनमें से अब तक 108 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई है।

दिल्ली में अब तक कोरोना के 293 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें अब तक 4 की मौत हो चुकी है। जिसमें से करीब 50 फ़ीसदी यानी 108 मामले अकेले निजामुद्दीन के मरकत से निकाले गए लोगों के हैं। गाजियाबाद के अस्पताल में भेजे गए सभी लोग उसी तबलीगी जमात से जुड़े है।

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