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गहलोत बनेंगे कार्यकारी कांग्रेस अध्यक्ष और पायलट मुख्यमंत्री

राहुल गांधी द्वारा पार्टी का अध्यक्ष पद स्वीकार्य न करने और उन्हें मनाने की कोशिशे असफल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने अब नया फार्मूला निकाला है। जिसके तहत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा । पार्टी सूत्रों के अनुसार, अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के बाद राजस्थान की कमान उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को दी जा सकती है। हाल के समय में गहलोत और पायलट गुट के बीच विवाद की कई खबरें आई हैं। पार्टी को लगता है कि गहलोत के अध्यक्ष बनने से यह समस्या भी दूर हो जाएगी। और इस तरह एक तीर से दो निशाने साधे जा सकते है।
गौरतलब है कि राजस्थान में 5 माह पूर्व से ही कांग्रेस में दो गुट हो गए हैं । जिसमें एक गुट प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट का है तो दूसरा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का है। गुटबाजी का कारण विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलना रहा । बहुमत मिलने के पीछे प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की मेहनत की सराहना की गई । कांग्रेस कार्यकर्ता इसके चलते ही उम्मीद पाले बैठे थे कि मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाया जाएगा ।
लेकिन ऐन वक्त पर कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट की जगह अशोक गहलोत को राजस्थान का सीएम घोषित कर दिया । इसके बाद कई दिनों तक राजस्थान में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़कों पर उतर आया  था । ज्यादातर कांग्रेसी सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में थे । हालाकी कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को डिप्टी सीएम बना कर कुछ हद तक मामले को मैनेज करने का प्रयास किया ।
तब तो मामला जैसे तैसे करके शांत पड़ गया । लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद एक बार फिर राजस्थान कांग्रेस का जिन बोतल से बाहर आ गया । राजस्थान में जहां पांच माह पूर्व कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जीत का शतक बनाया था वही लोकसभा चुनाव में उसकी सिल्वर जुबली  हार हुयी । यानी कि पूरे 25 सीटें भाजपा के खाते में चली गई ।इसके पीछे कांग्रेस में गुटबाजी को कहा जा रहा है ।
हालांकि हार के बाद हुई कांग्रेस कार्यसमिति की पहली समीक्षा बैठक में राहुल गांधी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि वह लोकसभा के सभी प्रत्याशियों को चुनाव जिताने की बजाए पुत्र मोह में ज्यादा बिजी हो गए । इसके चलते उनके ज्यादातर रेलिया बेटे वैभव गहलोत के लोकसभा चुनाव तक ही सीमित होकर रह गई थी । इसके बाद  कांग्रेस अध्यक्ष ने  अपना पद  स्वीकार करने से मना कर दिया  और कहा कि  गांधी परिवार से बाहर का व्यक्ति ही  अध्यक्ष बनाया जाएगा ।
अशोक गहलोत और सचिन पायलट में राजस्थान कांग्रेस से एक प्रस्ताव भी पास कराया । जिसमें सभी कांग्रेसियों ने एकमत होकर राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बने रहने की गुजारिश की । लेकिन इसका राहुल का लेश मात्र भी असर नहीं पड़ा । करीब एक माह होने को आया और अभी तक राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद नहीं स्वीकारा है ।
राहुल गांधी हठ कर रहे हैं कि उन्हें अध्यक्ष पद पर किसी और की नियुक्ति करानी है । कांग्रेसियों ने राहुल गांधी को मनाने की बहुत कोशिश की । यहां तक कि यह भी कहा कि अगर वह अध्यक्ष नहीं बने रहे तो लोग खुदकुशी कर लेंगे। बावजूद इसके राहुल गांधी अपने इरादे से टस से मस नहीं हुए है । इसी के साथ वह अपनी बहन प्रियंका गांधी को भी अध्यक्ष पद पर बिठाने से साफ इंकार कर रहे है।
फिलहाल कांग्रेस में अध्यक्ष पद पर गांधी परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति की चर्चा चल रही हैं । लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे है। फिलहाल कांग्रेस में यह चर्चा जोरों से है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष बनाया जा रहा है और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष एवं डिप्टी सीएम सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा । चर्चा है कि कांग्रेस के बहुत से लोग उसके पक्ष में हैं । लेकिन वह इसका खुलकर समर्थन नही कर रहे है।
हो सकता है बहुत जल्द यह घोषणा हो जाएगी । इससे कांग्रेस एक तीर से दो निशाने साधेगी। पहला यह कि राजस्थान में जो कॉन्ग्रेस दो पावर सेंटरों में बटी हुई थी वह एक पावर सेंटर तक सिमट जाएगी और राजस्थान की गुटबाजी पर विराम लग जाएगा ।  और दुसरे गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष भी पार्टी को  मिल जाएगा। फिलहाल देखना यह बाकी है की कांग्रेस अपने इस इस फार्मूले को प्रयोग में लाती है या कुछ नया प्लान सामने लेकर आएगी ।

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