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गहलोत- पायलट की रार बरकरार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा खुलेआम ‘गद्दार’ कहे जाने पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट अब जवाब दिया है। सचिन पायलट का साफ किया कि वह इस टिप्पणी से ‘दुखी और आहत’ हैं,हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘हम सबको मिलकर काम करना होगा’ और नेतृत्व के मसले पर पार्टी ही फैसला लेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,सचिन पायलट ने खास बातचीत में कहा कि एक राजनेता होने के साथ ही वह एक इंसान भी हैं और उन्हें इससे दुख और पीड़ा हुई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह अतीत में नहीं जाना चाहते है।

सचिन पायलट ने यह भी कहा, ‘हां, मैं एक राजनीतिज्ञ हूं, लेकिन मैं एक इंसान भी हूं। मैं दुखी और आहत महसूस कर रहा था,लेकिन मैं अतीत में नहीं जाना चाहता हूं।‘सार्वजनिक जीवन में मैं गरिमा बनाए रखता हूं,लेकिन आपको आगे बढ़ना होगा और मेरे जिम्मे एक काम और एक मिशन है।हमें अब आगे बढ़ना है। साल 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का श्रेय सचिन पायलट द्वारा जमीनी स्तर पर की गई मेहनत को भी दिया जाता है। ऐसे में जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका मानना है कि राज्य में मुख्यमंत्री बदलने से उन्हें अगला चुनाव जीतने में मदद मिलेगी? इस पर पायलट ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, ‘मेरा मानना है कि नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी ही फैसला करेगी।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अशोक गहलोत ने कहा था कि पायलट ‘गद्दार’ हैं और उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि उन्होंने 2020 में कांग्रेस के खिलाफ बगावत की थी और राज्य सरकार को गिराने की कोशिश की थी। वहीं इस पर पायलट ने बेहद संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस तरह ‘कीचड़ उछालने’ से मदद नहीं मिलेगी। वहीं अशोक गहलोत के इस बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व भी हरकत में आती दिखी है। दिल्ली से कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल जयपुर भेजे गए, उन्होंने सीएम गहलोत और उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट के बीच एकजुटता दिखाई। मीडिया के सामने वेणुगोपाल ने दोनों नेताओं का हाथ पकड़कर कहा था, ‘यह राजस्थान कांग्रेस है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यहां पार्टी में सभी एकजुट हैं।

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