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नक्सल हमले में विधायक सहित चार मरे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नक्सलियों ने अपनी ताकत का अहसास कराया है। चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर रहे नक्सलियों  ने साफ संदेश दिया है कि व्यवस्था के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। 9 अप्रैल की शाम को उन्होंने भाजपा के एक काफिले पर हमला कर डाला। इसमें एक विधायक सहित चार पुलिसर्मियों की जानें चली गई।
नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के जिस क्षेत्र में बारूदी सुरंग बिछाकर विस्फोट किया वह बस्तर लोकसभा क्षेत्र में आता है। इस क्षेत्र में लोकसभा के लिए 11 अप्रैल को मतदान होना है। राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के महानिदेशक गिरधारी नायक और पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन, में बताया कि दंतेवाड़ा जिला के कुंआकोण्डा थाना के क्षेत्र के लगभग चार किलोमीटर दूर कुआकोण्डा-बचेली मार्ग पर श्यामगिरी के पास दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक भीमा मंडावी अपने सुरक्षा काफिले के साथ जा रहे थे।
गौरतलब है कि शाम 04:45 बजे माओवादियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर उनके वाहन को परखच्चे उड़ गए। जिसमें विधायक मंडावी की मृत्यु हो गई और उनके वाहन चालक आरक्षक दंतेश्वर मौर्य एवं तीन पीएसओ प्रधान आरक्षक छगन कुलदीप, रामलाल ओयामी और आरक्षक सोमडू कवासी शहीद हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुबह नौ बजे भीमा मण्डावी अपने तीन गाड़ियों के सुरक्षा काफिले के साथ, जिसमें वह स्वयं बुलेट प्रूफ वाहन में बैठकर चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए निकले थे। उनकी सुरक्षा में दंतेवाड़ा की डीआरजी के 50 जवानों का दल 25 मोटरसाइकिल पर सवार थे। वह सुबह नेतापुर, तन्नेनार, मेटापाल स्थानों पर जाकर दोपहर एक बजे दंतेवाड़ा पार्टी कार्यालय वापस पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने डीआरजी के सुरक्षा प्रभारी से कहा कि आज का प्रचार कार्यक्रम समाप्त हो गया है। अब यह सुरक्षा वापस ले जाए।
भोजन के बाद वह फिर से केवल अपनी तीन सुरक्षा गाड़ियों के साथ रवाना होकर सबसे पहले किरन्दुल पार्टी कार्यालय गए। वहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर बचेली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान बचेली थाना के प्रभारी शील आदित्य सिंह को जब जानकारी मिली कि विधायक भीमा मंडावी बचेली से कुआकोण्डा मार्ग पर जा रहे हैं, तब उन्होंने अपने मोबाईल फोन से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे मंडावी को बताया कि उस मार्ग पर सुरक्षा न मिलने के कारण वहां न जाएं।
दंतेवाड़ा नक्सली हमला में मोदी बोले, जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। अवस्थी और नायक ने बताया कि सिंह और भीमा मंडावी के बीच लगभग दो मिनट तक बात हुई। इसके बावजूद विधायक मंडावी अपनी गाड़ी और सुरक्षा वाहनों के उस रास्ते की ओर चले गए। कुआकोण्डा से चार किलोमीटर पहले यह घटना घट गई। नक्सलियों ने इस विस्फोट के बाद विधायक मंडावी के साथ चल रहे सुरक्षा बलों ने जवाबी इनकाउंटर की तब नक्सली वहां से निकल गए। दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव भी बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इस घटना में मृत विधायक और अन्य जवानों को शवों को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय गया।
अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा ना होने की जानकारी विधायक को दी थी। लेकिन इस पर उन्होंने ध्यान गौर किया। वह इस क्षेत्र में नहीं जाते तब शायद यह घटना नहीं होती। पुलिस कर्मियों ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त सुरक्षा दी गई। इस दौरे के दौरान उन्हें डीआरजी के जवान भी सुरक्षा देते हैं। दूसरे चरण के मतदान के दौरान भी नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं वहां सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए बीजापुर और सुकमा में दो पुलिस उप महानिरीक्षक रतनलाल डांगी एवं अकबर राम कोर्राम को तैनात किया। इस घटना के बाद पुलिस उप महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा को वहां भेजा गया है। कर्मियों ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी में इस घटना को लगभग 25 नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। हांलकि इस संबंध में अधिक जानकारी जांच के बाद मिल सकेगी।
छत्तीसगढ़ के नक्सल क्षेत्रों में नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों से सुरक्षा बलों ने इस संबंध में नक्सली पोस्टर बैनर भी बरामद किया। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में शांति पूर्ण मतदान की चुनौती को देखते हुए बड़ी मात्रा में जवानों को तैनात किया गया है। क्षेत्र में सुरक्षा बल लगातार गस्त कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों के लिए तीन चरणों में 11 अप्रैल, 18 अप्रैल और 23 अप्रैल को मतदान होगा। पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर लोकसभा सीट के लिए, दूसरे चरण में कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद लोकसभा सीट के लिए तथा तीसरे चरण में रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर चांपा, दुर्ग और सरगुजा लोकसभा सीट के लिए मतदान होना है। लोकसभा निर्वाचन के दौरान तीन चरणों में राज्य के एक करोड़ 89 लाख 16 हजार 285 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 166 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इसके लिए 15 हजार 365 मतदान केन्द्र बनाए हैं।

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