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Country Uttarakhand

पहाड़ में पलायन को आईना दिखाने वाले BJP के पूर्व विधायक  KC पुनेठा नही रहें 

अपनी स्वाभिमानी ठेठ पहाड़ी शैली के जरिए पहचाने जाने वाले पिथौरागढ़ के दो बार विधायक रहे केसी ( कृष्ण चंद्र )  पुनेठा का देर रात निधन हो गया। वह फेफड़े की बीमारी से ग्रसित थे। कई दिनों तक देहरादून इलाज कराने के बाद जब उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनका इलाज मुंबई में हुआ जहां । वह ठीक नहीं हो पाए और कल उन्होंने अपने गांव फोर्ती में अंतिम सांस ली।
जिला चंपावत के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के गांव फोर्ती  निवासी कृष्ण चंद्र पुनेठा 65 वर्ष के थे। उन्होंने अविभाजित उत्तर प्रदेश में पहाड़ का दो बार प्रतिनिधित्व किया । उस समय पिथौरागढ़ विधानसभा काफी विस्तृत हुआ करती थी। जब वह वहां के दो बार विधायक बने थे।
एक बार वर्ष 1991 में तथा दूसरी बार वर्ष 1996 में उनको पिथौरागढ़ का विधायक बनाया गया था। तब पिथौरागढ़ विधानसभा सीट में ही लोहाघाट चंपावत के साथ  ही कई विधानसभा सम्मिलित थी। राज्य बनने के बाद वह हिल्ट्रॉन के अध्यक्ष रहे थे । के सी पुनेठा को पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का खास माना जाता है। उनकी और कोश्यारी की दोस्ती जग जाहिर है।
बताया जा रहा है कि जब देहरादून में पुनेठा की तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो नहीं महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एअरलिफ्ट करके उन्हें मुंबई बुलाया। जहां उनका इलाज कराया। इस तरह भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी दोस्ती का फर्ज निभाया। लेकिन स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर अंत समय पर पीसी पुनेठा ने अपने फोर्ती स्थित गांव में देर रात करीब 2:00 बजे अंतिम सास ली।
जब उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था तब केसी पुनेठा को जमीनी पहाड़ी नेता कहा जाता था । वह अपनी स्वाभिमानी शैली के लिए जाने जाते थे। समझौता करना उनके चरित्र में शामिल नहीं था । पहाड़ को पलायन  जैसी गंभीर चुनौती से निजात दिलाने के लिए वह अंतिम समय तक लड़ते रहे । जिसके चलते ही उन्होंने अपने गांव फोर्ती में एक फार्म हाउस बनाया। जहां पर आधुनिक फार्मिंग की। जिसमें उन्होंने पहाड़ पर रोजगार देने वाली फसलों को लगाकर लोगों को यह संदेश दिया कि वह पहाड़ में रहकर भी अपना परिवार पाल सकते हैं।
इसी के साथ ही पूर्व विधायक के सी पुनेठा ने अपने गांव फोर्ती में ही एक गौशाला बनाई। यहां उन्होंने सैकड़ों देसी और विदेशी नस्ल की दुधारू गाय पालन उनके दूध से दूध , छाछ , मट्ठा और उनके साथ ही पनीर का उत्पादन किया। उनका मट्ठा और दूध तथा पनीर आसपास के शहरों में बहुत प्रसिद्ध हैं।  खासकर पुनेठा पनीर। यह सब वह खुद अपने फार्म हाउस में बनाते हैं। इसके लिए उन्होंने एक प्लांट लगवा रखा है। जिसमें गावों के युवाओं को रोजगार भी दिया हुआ है। गौरतलब है कि ‘ दि  संडे पोस्ट ‘ ने पूर्व विधायक केसी पुनेठा का सकारात्मक समाचार प्रकाशित किया है।  जिसमें “पहाड़ से पलायन को चुनौती देता एक पूर्व विधायक ” नामक समाचार प्रकाशित किया गया था।

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