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देश में पहली बार संसद में रात भर धरना,8 निलंबित सांसद कृषि बिलों के विरोध में 

देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब संसद में रात में सांसदों ने धरना दिया। धरना देने वाले 8 सांसद हैं। सभी विपक्षी दल के हैं। इनको कृषि बिलों के विरोध में हंगामा करने की वजह से पूरे सत्र में निलंबित किया गया है। यह सभी रात भर धरने पर बैठे रहे। अभी भी इनका धरना जारी है।  इन धरनारत सांसदों में कांग्रेस के तीन तृणमूल और सीपीआई के दो-दो और आप के एक सांसद संजय सिंह शामिल है।
दिलचस्प वाकया यह है कि सभी विपक्षी दल के सांसदों को जिस उपसभापति से असंसदीय व्यवहार करने की वजह से निलंबित किया गया है, वह सुबह उन सभी के लिए चाय लेकर पहुंचे। लेकिन घटनारत सभी 8 सांसदों ने उपसभापति के हाथ से चाय पीना स्वीकार नहीं किया।
बताया जा रहा है कि कई धरनारत सांसद 65 साल से ज्यादा की उम्र के हैं । उनको शुगर की बीमारी भी है। इनमें कांग्रेस के रिपुन बोरा और सीपीआई के ई करीम आदि है। जिनको किसी तरह की कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या ना हो, इसके मद्देनजर वहां एक एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई थी। धरने पर बैठे सांसदों ने अपने अपने घरों से तकिया और कंबल ही नहीं बल्कि मच्छर भगाने की दवा भी मंगवाई थी।
संसद में रात भर धरना देने वाले संसद तृणमूल से डेरेक ओ ब्रायन, तृणमूल से ही डोला सेन, कांग्रेस के रिपुन बोरा, कांग्रेस के राजीव सातव, कांग्रेस के ही सैयद नजीर, सीपीआई के ई करीम, सीपीआई के ही के के रागेश और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह आदि है।
धरनारत आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर एक ट्वीट कर कहा कि यह व्यक्तिगत रिश्ते निभाने का वक्त नहीं है। हम किसानों के लिए धरने पर बैठे हैं। उपसभापति जी मिलने आए हमने उनसे भी कहा कि संविधान को ताक पर रखकर किसान विरोधी काला कानून बिना वोटिंग के पास किया गया। जबकि भाजपा अलप मत में थी और आप भी इसके लिए जिम्मेदार है।

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