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दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा मामले में उमर खालिद समेत जामिया के दो छात्रों के खिलाफ FIR

दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा मामले में उमर खालिद समेत जामिया के दो छात्रों के खिलाफ FIR

दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस ने जामिया के छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मीरान हैदर और सफूरा जरगर के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

मीरान हैदर के वकील अकरम खान का कहना है कि पुलिस ने जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ भी यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर में पुलिस की तरफ से दावा किया है कि सांप्रदायिक दंगा एक ‘पूर्व नियोजित साजिश’ था, जो कथित तौर पर उमर और दो अन्य लोगों ने रची थी।

मीरान हैदर और जरगर सफूरा को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है। दोनों पर कथित तौर पर आरोप है कि उन्होंने फरवरी में हुए दिल्ली सांप्रदायिक दंगों को भड़काने की साजिश रची। जरगर जामिया कोऑर्डिनेशन समिति की मीडिया कोऑर्डिनेटर हैं। जबकि मिरान हैदर इस समिति का सदस्य है।

मीरान पीएचडी छात्र है। वे दिल्ली राजद युवा इकाई के अध्यक्ष भी हैं। वहीं सफूरा जामिया से एम फिल कर रही हैं। पुलिस ने दर्ज एफआईआर में दावा किया है कि सांप्रदायिक दंगा एक ‘पूर्व नियोजित साजिश’ था, जो कथित तौर पर उमर और दो अन्य लोगों ने रची थी। छात्रों पर राजद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने और दंगे करने का भी मामला दर्ज किया गया है।

उमर खालिद भड़काऊ भाषण देने का आरोप

पुलिस एफआईआर के अनुसार, खालिद ने कथित तौर पर दो स्थानों पर भड़काऊ भाषण दिए थे। साथ ही भारत में अल्पसंख्यकों के मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के दौरान लोगों से सड़कों को बंद करने के लिए कहा था।

एफआईआर में ये बी कहा गहा है कि इस साजिश में हथियार, पेट्रोल बंद, तेजाब की बोतलें और पत्थर कई घरों में इकट्ठे किए गए। पुलिस का आरोप है कि सह-अभियुक्त दानिश को दंगों में हिस्सा लेने के लिए दो जगहों पर लोगों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

पुलिस का निष्पक्ष जांच का दावा

19 अप्रैल को अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, महेश भट्ट और रत्ना पाठक शाह समेत लगभग 20 से अधिक फिल्म के हस्तियों ने एक बयान जारी किया था। उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के लिए छात्रों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने पर चिंता जाहिर की थी और उनकी रिहाई की मांग की थी। उसके बाद पुलिस ने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया हिंसा और उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में जांच निष्पक्ष तरीके से की गई और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में पुलिस कथित तौर पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद जामिया कैंपस में दाखिल हुई थी। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ हुआ था। राज्यसभा सदस्य और राजद नेता मनोज झा ने मीरान की गिरफ्तारी को लेकर एक ट्वीट किया, “दिल्ली पुलिस ने उसे जांच के लिए बुलाया और फिर ऊपर से आदेश मिलने के बाद मीरन हैदर को गिरफ्तार कर लिया, जो कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों की मदद कर रहा था।” जामिया के छात्रों और पूर्व छात्रों के समूह जामिया कोऑर्डिनेशन समिति (जेसीसी) ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।

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