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रैनबैक्सी के 2300 करोड़ धोखाधड़ी मामले में पांचवीं गिरफ्तारी,मलविंदर सिंह अरेस्ट 

 

रैनबैक्सी लैबोरेटरीज के पूर्व सीईओ मलविंदर सिंह को भी पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया गया है।  गिरफ्तारी के बाद मलविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग दिल्ली लेकर आएगी।  इसके साथ ही 2,300 करोड़ रुपये धोखाधड़ी मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी है।

इसके पहले  रैनबेक्सी के पूर्व प्रोमोटर शिविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार किया था।  इसी मामले में शिविंदर सिंह के साथ रेलिगेयर के पूर्व सीएमडी ​सुनील गोधवानी समेत दो ​अन्य लोगों ​की भी गिरफ्तारी हुई है।  इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने इन्हें 740 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किया है। साथ ही मलविंदर सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।

गिरफ्तारी तब हुई जब इन सभी को मंदिर मार्ग में ईओडब्ल्यू कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया।  इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की डीसीपी वर्षा शर्मा ने ने पुष्टि की कि पुलिस ने शिविंदर सिंह, सुनील गोडवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया है।

 

बताया जा रहा है कि शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की ​दाइची सांक्यो नाम की एक कंपनी पर 3,500 करोड़ रुपये का कर्ज है।  सिंगापुर की एक ट्रिब्युनल ने दोनों भाइयों को इस मामले में दोषी करार दिया है।  दोनों भाइयों पर आरोप है कि वो जापानी ड्रगमेकर कंपनी को बिना किसी विस्तृत जानकारी के ही रैनबैक्सी कंपनी को बेचने की तैयारी कर रहे थे। 

 

बता दें कि दोनों भाइयों के बीच फोर्टिस हेल्थेकयर और रेलिगेयर एंटरप्राइज लिमिटेड को लेकर विवाद है। जांच खुलासे के बाद बाजार नियामक सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ने दोनों भाइयों और उनसे संबंधित 8 फर्म्स को 403 करोड़ रुपये फोर्टिस के खाते में जमा करने का आदेश दिया है। जांच में पता चला था कि दोनों ने फोर्टिस से फंड को अन्य जगह पर डाइवर्ट किया और फाइनेंशियल स्टेटमेंट में गड़​बड़ियां की।

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