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कोरोना से भी भयंकर हुआ चुनावी हार का डर , रैलियों में उमड़ रही भीड़ 

देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक पार्टियों ने इस कदर पूरी ताकत झोंक डाली है कि नेताओं और कारकर्ताओं में कोरोना का जरा भी भय नहीं रहा। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सभी राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज नेताओं की रैलियों का प्रचार -प्रसार जोरों पर है। पश्चिम बंगाल और असम में छह अप्रैल को तीसरे चरण के तहत चुनाव होने हैं। ऐसे में आज चार अप्रैल  की शाम तक चुनावी शोर समाप्त हो जाएगा।
दरअसल, आज दोनों ही राज्यों में चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है, जिसे देखते हुए सभी पार्टियां आज के दिन  अपनी पूरी ताकत झोंकती हुई नजर आएंगी। बता दें, बंगाल में तीसरे चरण के तहत तीन जिलों की 31 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, तो  असम में तीसरे और अंतिम चरण का चुनाव 40 विधानसभा सीटों पर होगा।   केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी अब छह अप्रैल को ही चुनाव होंगे। ऐसे में इन राज्यों में भी सभी सीटों पर आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। केरल की सभी 140, तमिलनाडु की सभी 234 और पुडुचेरी की  30 सीटों के लिए मतदान होना है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज असम में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे तो भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा तमिलनाडु का दौरा करेंगे। उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बंगाल में जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी  केरल में चुनाव प्रचार करेंगे।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री हैं। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने सबसे ज्यादा 211 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। यहां बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए। वर्ष 2016 के चुनाव में कांग्रेस ने 44, लेफ्ट ने 26 और भाजपा ने केवल तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि अन्य ने दस सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार साल 2021 में 294 विधानसभा सीटों के लिए आठ चरणों में चुनाव हो रहे हैं।

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असम में 126 विधानसभा सीटें हैं। फिलहाल यहां एनडीए की सरकार है और सर्वानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री हैं। पिछले चुनाव में भाजपा 89 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 60 सीटें जीती थीं। वहीं असम गण परिषद ने 30 सीटों पर चुनाव लड़कर 14 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 13 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीटें जीती थीं। कांग्रेस ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सिर्फ 26 सीटों पर कब्जा किया था। यहां बहुमत के लिए 64 सीटें चाहिए।
तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं। यहां अभी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) की सरकार है और इ पलानीस्वामी मुख्यमंत्री हैं। पिछले चुनाव में एआईएडीएमके ने 136 और मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने 89 सीटें जीती थीं। यहां बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए।
केरल में विधानसभा की 140 सीटें हैं। वर्तमान में यहां सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सरकार है और पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री हैं। पिछले चुनाव में एलडीएफ को 91 और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 47 सीटें मिली थीं। यहां बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए।
पुडुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है। पुडुचेरी में विधानसभा की कुल 30 सीटें हैं। कुछ दिन पहले ही यहां कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार गिर गई थी। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 15 सीटें जीती थीं। ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस ने 30 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ आठ सीटें जीती थीं। अन्य के खातों में सात सीटें गई। यहां बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए।

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