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किसानों ने दुष्यंत चौटाला पर उतारा गुस्सा, सड़क मार्ग छोड़ हेलिकैप्टर से खिसक लिये डिप्टी सीएम

केंद्र सरकार द्दारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। हालांकि मीडिया का एक वर्ग किसान आंदोलन कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में पड़ता दिखा रहा है। लेकिन हरियाणा और पंजाब में आंदोलन निरंतर जारी है। किसान आंदोलन के कारण ही बीजेपी के नेताओं का घर से निकलना मुश्किल हो रखा है। हरियाणा में बीजेपी की जेजेपी के साथ गठबंधन वाली सरकार है। जेजेपी जिसके रहनुमा दुष्यंत चौटाला है उनको भी अब प्रदेश में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला गुरुवार 1 अप्रैल को हिसार दौरे पर गए थे। जहां उन्हें किसानों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। किसानों को पहले से ही दुष्यंत के कार्यक्रम की रुपरेखा पता थी। इसलिए किसान पहले से ही हिसार के एयरपोर्ट पर उनका विरोध करने के लिए पहुंचे हुए थे।

जैसे ही दुष्यंत चौटाला सरकारी हेलिकॉप्टर से एयरपोर्ट पर पहुंचे, तभी भारी संख्या में किसान एयरपोर्ट पर जुटे हुए थे। किसानों ने दुष्यंत का रास्ता रोक दिया। बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासन ने उनके रुट को डायवर्ट कर दिया और उन्हें हिसार एयरपोर्ट से 6 किलोमीटर दूर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) पहुंचाया गया। एचएयू के पीछे वाले गेट से दुष्यंत लघु सचिवालय पहुंचे। हिसार में दुष्यंत कुछ प्रोजेक्ट का उद्धाटन करने के लिए आए हुए थे। उन्होंने मात्र 2 मिनट में उद्धाटन किया, 5 मिनट में पानी के टैकरों को हरी झंडी दिखाई, उसके बाद बॉक्सर पिंकी जागड़ा के विवाह समारोह में 5 मिनट रुके, और बाद में अपने मामा के सेक्टर-13 वाले घर से सीधा हेलिकॉप्टर में बैठकर गुड़गांव चले गए।

जब किसानों को इस बात की जानकारी मिली की दुष्यंत चौटाला हिसार आ रहे है तो किसान सुबह 9 बजे से हिसार एयरपोर्ट के बाहर इकट्ठा होने लगे थे। भीड़ को देखते हुए वहां भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किए गए, किसानों और पुलिस के बीच झंडप हुई,जिसमें कई किसानों को चोटें आई। शाम के समय किसानों ने इकट्ठा होकर दुष्यंत के निवास स्थान पर भी नारेबाजी की। किसानों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैंस के गोले भी छोडे। डिप्टी सीएम के तय कार्यक्रम के अनुसार हिसार पहुंचते ही उन्होंने पैदल चलकर कार्यक्रमों तक पहुंचना था। लेकिन किसानों के बढ़ते जमावड़े के कारण डिप्टी सीएम ने जल्दीबाजी में सभी उद्धघाटन किए।

प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने पुलिस अफसरों की बैठक में निर्देंश दिए कि नेताओं या जनप्रतिनिधियों का घेराव रोका जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इस बात को भी हमें नहीं भूलना चाहिए कि इससे दूसरों को कोई समस्या न हो। अगर आपको विरोध करना है तो कार्यक्रम से 200 मीटर दूर आप आंदोलन कर सकते है। विज ने कहा कि पंजाब जैसी हाथापाई हम अपने यहां नहीं होने देंगे। दरअसल पंजाब में हाल ही में किसानों ने एक बीजेपी विधायक को निर्वस्त्र कर दिया था। हालांकि इस मामले में 20 से अधिक किसानों ने गिरफ्तारी दी है। जब से केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को लागू किया है तब से पंजाब हरियाणा औऱ पश्चिमी यूपी में इनका जमकर विरोध हो रहा है। किसान दिल्ली के बॉर्डर पर पिछले कई महीनों से डटे हुए है। जेजेपी के कई नेताओं ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उन्हें यह बिल रद्द कर देने चाहिए। विधानसभा में विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। लेकिन जब वोटिंग हुई तो 35 इसके पक्ष में और 55 सदस्य इसके विपक्ष में खड़े हुए थे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

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