[gtranslate]
Country

दिल्ली चुनाव में दलबदलुओं पर सबकी नजर

दिल्ली चुनाव में दलबदलुओं पर सबकी नजर

दिल्ली के दंगल में दलबदलू नेताओं पर सबकी नजर है। यह वह दलबदलू है जो पिछले एक महीने से अपनी पार्टियों को छोड़कर दूसरी पार्टियों में शामिल हो चुके हैं। यही नहीं बल्कि अलका लांबा जैसी नेता तो पिछले साल ही अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में आ गई थी। जबकि राम सिंह नेताजी ऐसे उम्मीदवार है जो आम आदमी पार्टी का पल्लू पकड़कर विधानसभा जाने की तैयारी में लगे हैं। आज शाम तक इन दल बदलूओं की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि, ताजा रुझानों से कपिल मिश्रा और अलका लाबा अपने अपने प्रतिद्वंदियों से पीछे चल रहे हैं।

बहरहाल, दिल्ली चुनाव में दल बदलने वाले नेताओं पर सभी की नजर है। क्योंकि चुनावी नतीजे इनके राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। दिल्ली के इस चुनाव में 10 से अधिक ऐसे नेता है जो दल बदलकर चुनाव लड़ रहे है। इसमें बड़े चेहरों में कपिल मिश्रा, अलका लांबा, रामसिंह नेता समेत अन्य लोग शामिल है। उसमें आप के वह विधायक भी है जो टिकट कटने के बाद मैदान में है।

दल बदलकर चुनाव लड़ने वालों में सबसे अधिक नेता आम आदमी पार्टी से मैदान में है। इसमें द्वारका से महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा, बदरपुर से रामसिंह नेताजी, मटियामहल से शोएब इकबाल, चांदन चौक से प्रहलाद साहनी, हरि नगर से राजकुमारी ढिल्लन समेत अन्य नेता है। पार्टी के साथ इनकी भी प्रतिष्ठा भी दांव है। यह सब बड़े राजनीतिक है या राजनीतिक परिवार से आते है। दल बदलने के बाद चुनावी नतीजों से इनका आगे का राजनीतिक भविष्य तय होगा।

 

 

इसी तरह भाजपा से मॉडल टाउन से कपिल मिश्रा, गांधी नगर से अनिल वाजपेयी का चुनावी परिणाम भी उनके राजनीतिक दिशा तय करेगा। यह दोनों ही आम आदमी पार्टी से भाजपा में आएं थे। आप से नाराज होकर कांग्रेस से चांदनी चौक से सीट चुनाव लड़ अलका लांबा का भी भविष्य इन चुनावी नतीजों पर निर्भर है। हालांकि, यह सभी नेता अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। वहीं टिकट कटने से नाराज आप विधायक एनडी शर्मा जो कि बसपा से बदरपुर से चुनाव लड़ रहे है। कमांडो सुरेंद्र दिल्ली कैंट से एनसीपी से चुनाव लड़ रहे है। उनकी हार जीत आगे का राजनीतिक भविष्य तय होगा। दोनों को पार्टी ने मनाने की कोशिश की थी मगर वह नहीं माने। बाद में वह दूसरे दलों से चुनाव मैदान में उतरे है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD