[gtranslate]
Country

कोरोना महामारी का एपिसेंटर बना यूरोप

विश्व में कोरोना की धीमी रफ्तार एक बार फिर बढ़ती जा रही है। दोनों खुराक लेने वाले भी संक्रमित हो रहे हैं। इस समय कोरोना से बचाव के लिए मास्क और कोरोना वैक्सीन को ही कारगर माना जा रहा है। इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यूरोप में कोरोना महामारी का असर बहुत तेज हो गया है।

दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में यह चेतावनी दी है, लेकिन कई विशेषज्ञ पूर्व से ही अनुमान लगा रहे थे कि यूरोप में कोरोना महामारी का एक नया कहर आने वाला है। डब्ल्यूएचओ ने दुनिया को इस खतरे को लेकर आगाह किया है। उन्होंने बताया कि यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जर्मनी में भी लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक, हंस क्लूज ने मौजूदा स्थिति को “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताया। उन्होंने कहा- ‘हम एक बार फिर एपिसेंटर (केंद्र) बन गए हैं’।

डब्ल्यूएचओ द्वारा चेतावनी दी है कि यूरोप और मध्य एशिया के 53 में से 43 देशों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यही रफ्तार बनी रही तो अस्पतालों में बेड के लिए लड़ाई हो सकती है। डब्ल्यूएचओ ने भी इन देशों में मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी भी कोरोना वायरस के डेल्टा वेरियंट की वजह से हुई है। इस वेरियंट ने कई यूरोपीय देशों में प्रतिबंधों को हटाने की गति को धीमा कर दिया है। एक बार फिर कुछ जगहों पर नए प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। विशेष रूप से पूर्वी यूरोप नई लहर से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रूस में पहली बार संक्रमण के नए मामलों का रिकॉर्ड बना।

यह भी पढ़ें : कोवैक्सीन को अंततः WHO से अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में यूरोप में नए संक्रमण के मामलों में छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह दुनिया के किसी भी अन्य क्षेत्र से अधिक है। वर्तमान में यूरोप को छोड़कर दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में नए संक्रमणों में गिरावट देखी जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने यूरोप में इस डेल्टा वेरियंट के कहर को कुछ कारणों का जिम्मेदार ठहराया है। इनमें COVID-19 प्रतिबंधों में ढील और पूर्वी यूरोप में टीकाकरण की धीमी गति शामिल है।

ब्रिटेन में पिछले एक हफ्ते में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। लेकिन ब्रिटिश सरकार अभी भी प्रतिबंध लगाने के मूड में नहीं है। ब्रिटेन में जुलाई में ही कोरोना से जुड़ी पाबंदियों को खत्म कर दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल ही में मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन यूरोप में रुझान बताता है कि हजारों और लोगों को अभी भी अपने प्रियजनों को खोना पड़ सकता है।

 

You may also like

MERA DDDD DDD DD