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दिग्विजय पर हमला, ज्योतिरादित्य की चाल कमलनाथ पर वार

प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं में मची रार पर पूछे जाने पर मध्य प्रदेश के एक तेजतर्रार विधायक ने पूरे मसले को प्रख्यात कवि कुंवर बेचैन का एक शेर कह बयां कर डाला- ‘मैं कई बड़े लोगों की निचाइयों से वाकिफ हूं/बहुत मुश्किल है दुनिया में बड़े होकर बड़ा होना।’ यह शेर इस युवा तुर्क ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही नूरा-कुश्ती की बाबत सुनाया। इस नूरा-कुश्ती में ताजा प्रकरण राज्य सरकार में वन मंत्री उमंग सिंगहर का वह पत्र है जो उन्होंने लिखा तो पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकिन उन तक पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया में सिंधिया समर्थकों के जरिए जबरर्दस्त वायरल हो चला है। अपने इस पत्र में सिंगहर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर हमला बोला है। बकौल उमंग सिंगहर दिग्विजय सिंह राज्य सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर उसे अस्थिर करने का काम कर रहे हैं। पार्टी आलाकमान को लिखे पत्र में वन मंत्री आरोप लगाते हैं कि ‘मुझे आपको सूचित करते हुए पीड़ा हो रही है कि दिग्विजय सिंह राज्य में खुद को पावर सेंटर बनाने का काम कर रहे हैं।’

‘मैं कई बड़े लोगों की निचाइयों से वाकिफ हूं/बहुत मुश्किल है दुनिया में बड़े होकर बड़ा होना।’

एक विधायक का पूरे मामले पर पूछे जाने पर शायराना जवाब

दिग्गी राजा पर वन मंत्री ने ट्रांस्फर-पोस्टिंग के लिए सरकार के मंत्रियों पर दबाव बनाने, उन्हें पत्र लिखकर उनके द्वारा कहे गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगने और ऐसे पत्रों को सोशल मीडिया में लीक कर मुख्यमंत्री कमलनाथ को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वन मंत्री ने दिग्विजय सिंह पर समांतर सरकार चलाने का आरोप भी इस पत्र में लगाया है। मंत्री का कहना है कि दिग्विजय का अनुसरण कर अन्य नेता और सांसद भी ऐसा ही यदि करने लगेंगे तो मंत्री कैसे अपने दायित्यों का निर्वहन कर पायेंगे? वन मंत्री इतने पर ही नहीं रूके, उन्होंने राज्य सरकार में शहरी विकास मंत्री जयवर्धन सिंह पर भी निशाना साधा। जयवर्धन सिंह दिग्विजय के पुत्र हैं। वन मंत्री ने कहा कि जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में शिवराज सिंह के शासनकाल में आयोजित सिगंहस्त कुंभ में कोई भ्रष्ट्राचार न पाये जाने की बात कही जो पूर्णतः गलत है। गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने कुंभ घोटाले को एक मुख्य मुद्दा बनाया था।

दरअसल इससे पहले जयवर्धन सिंह ने फरवरी में वन मंत्री को भाजपा सरकार के शासनकाल में हुए एक पुलिस फायरिंग मामले में क्लीन चिट देने पर घेरा था। वन मंत्री द्वारा पूर्व सरकार को वृणारोपण घोटाले में भी बरी करने पर भी पर जयवर्धन सिंह ने आपत्ति की थी। प्रदेश भाजपा कमलनाथ सरकार के मंत्रियों के बीच चल रहे घमासान से खासी उत्साहित है। हालांकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मुद्दे पर खामोशी बनाए रखी है, जानकारों का कहना है कि वन मंत्री की भड़ास के पीछे ज्योतिरादित्य सिंधिया का हाथ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए जोर आजमाईश कर रहे सिंधिया की राह में कमलनाथ रोड़ा बने हुए हैं। सीएम पद की दावेदारी में कमलनाथ से मात खा चुके सिंधिया समर्थकों ने जिस अंदाज में वन मंत्री उमंग सिंगहर की इस चिट्टी को सोशल मीडिया के जरिए वायरल किया उससे माना जारहा है कि कहीं न कहीं पूरे प्रकरण के पीछे ग्वालियर के महाराज की सहमति है। घोर संकट का सामना कर रही कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण प्रदेश में मची इस रार के चलते संकट खासा गहरा गया है।

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