सरकार और बैंकों की विफलता से पैदा हुआ कर्ज का गड़बड़झाला
                                                                                -उर्जित पटेल

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने 5 जुलाई को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के बैंकिंग क्षेत्र की चिंता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 2014 तक बैंकों और सरकार की विफलता के कारण ही कर्ज के गड़बड़झाले की वर्तमान स्थिति उत्पन्न हुई है। इसका असर देश की आर्थिक ग्रोथ पर देखा जा सकता है। डूबे कर्ज के चलते बैंंकों द्वारा कर्ज देने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक जहां जरूरत से ज्यादा कर्ज देते आए हैं तो वहीं सरकार द्वारा भी अपनी भूमिका को पूरी तरह नहीं निभाया गया था।

उर्जित पटेल द्वारा 10 दिसंबर को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफा दिया गया था। कहा जाता है कि उन्होंने सरकार के साथ विवादों के चलते यह कदम उठाया था। अपने इस्तीफे के बाद उर्जित पटेल की ‘डूबे कर्ज’ पर यह पहली प्रतिक्रिया है उनके द्वारा यह भी कहा गया कि अभी विशेष रूपसे सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों की एनपीए और मौजूदा पूंजी बफर को कुछ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है और यह एक बड़े दबाव से निपटने में अपर्याप्त है।

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