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  विधानसभा चुनावों के दौरान करोड़ों रुपए जब्त, सबसे आगे पंजाब  

देश में इन दिनों पांच महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। जिनमें से उत्तराखण्ड , पंजाब और गोवा एक ही चरण में चुनाव हो चुके हैं , वहीं उत्तर प्रदेश में सात में से चार चरणों  चुनाव संपन्न हो गए हैं। जबकि  मणिपुर में चुनाव होने बाकी है।


नोट पर बिक रहा वोट

 

चुनावों के दौरान राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों सहित निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों ने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनावों में साम-दाम-दंड-भेद का भरपूर प्रयोग किया गया। कई जगह ऐसी खबरें सामने आई कि ‘नोट पर बिक रहा वोट।’ हालांकि जिस तरह अवैध शराब चुनाव में बांटने के लिए ले जाई जा रही थी वह पकड़ी भी गई। इसी तरह मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ले जाई जा रही करोड़ों रूपए की नकदी भी पकड़ी गई। लेकिन नोट बांटते हुए सरेआम कोई पकड़ा नहीं गया।

दरअसल ,चुनाव आयोग ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश,उत्तराखण्ड , पंजाब, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम जब्त की गई है।  प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी के कारण उत्तर प्रदेश,उत्तराखण्ड , पंजाब, मणिपुर और गोवा राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव 2022 में जब्ती का आकंड़ा 1हजार करोड़  रुपए  के पार पहुंच गया है।

चुनाव आयोग ने निगरानी प्रक्रिया के जरिए चुनाव में धनबल के खतरे को रोकने के लिए आयोग के प्रयासों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। चुनाव आयोग के अनुसार पांच चुनावों वाले राज्यों में से पहले स्थान पंजाब है। यहां चुनाव के दौरान  510 . 91 करोड़  रुपए   की जब्ती हुई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 307.92 करोड़  रुपए  और मणिपुर 167.83 करोड़  रुपए की रकम जप्त की गई ,इसके अलावा उत्तराखण्ड में चुनाव के दौरान 18.81 रुपए और गोवा से  12.73  रुपए   की जब्ती की गई है।

कुल (1018.20 ) जब्ती की गई रकम में से 140.29 करोड़  रुपए  नकद, 99.84 करोड़  रुपए  कीमत की शराब , 569.52 करोड़  रुपए  की दवाएं, 115.05 करोड़  रुपए   की कीमती धातुएं और 93.5 करोड़  रुपए   की अन्य वस्तुएं शामिल हैं। इस दौरान  पंजाब से ही 376.19 करोड़  रुपए   का नशीला पदार्थ भी बरामद किया गया था।

इससे पहले  चुनाव आयोग ने सीबीडीटी, सीबीआईसी, एनसीबी, उत्पाद शुल्क और सीमावर्ती राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों जैसे प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ चुनाव वाले राज्यों में ‘प्रलोभन मुक्त’ चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एक संपूर्ण रूपरेखा के लिए कई बैठकें की थी।

 

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आयोग ने राज्यों में आयोजित बैठकों के दौरान प्रवर्तन एजेंसियों और पुलिस नोडल अधिकारियों की व्यापक समीक्षा की, जिससे मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बनाई गई वस्तुओं की करीबी और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया जा सके। ईडी के मुताबिक  कि इन राज्यों में 63 विधानसभा क्षेत्रों को अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया।

गौरतलब है कि पंजाब, गोवा और उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं।  इस बीच उत्तर प्रदेश में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के चार चरण संपन्न हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में शेष तीन चरणों का मतदान 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को होगा। मणिपुर में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 28 फरवरी और 5 मार्च को होंगे। सभी राज्यों में वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।

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