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फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ता देश , ‘डबल म्यूटेंट’ ने बढ़ाई चिंता

 पिछले एक साल से पूरा देश निरंतर कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहा है। एक बार फिर से  कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। इनमें पांच राज्यों का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। इन हालात में फिर से देशव्यापी लॉकडाउन लगने के आसार बन  रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि कोरोना के एक  और नये खतरे ने सरकार और देश की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दरअसल , देश में कोरोना वायरस के एक नए ‘डबल म्यूटेंट’ वेरिएंट का पता चला है। देश के 18 राज्यों में कई ‘वेरिएंट ऑफ़ कंसर्न्स’ (VOCs) पाए गए हैं। इसका मतलब ये है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना वायरस के अलग-अलग रूप पाए गए हैं जो एक बड़ा खतरा बन सकते हैं। इन कोरोना वैरियंट में ब्रिटेन, दक्षिण अफ़्रीका, ब्राज़ील के साथ-साथ भारत में पाया गया नया ‘डबल म्यूटेंट’ वेरिएंट शामिल है। नया ‘डबल म्यूटेंट’ वैरिएंट भारत में मिला है। इसी वजह से  अगले  कुछ महीनों तक कोविड-19 टीकों  के निर्यात को भारत संभवत: विस्तार नहीं देगा, क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर उसका ध्यान घरेलू मांग को पूरा करने पर केंद्रित हो गया है।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक भारत विभिन्न देशों से की जा चुकी मौजूदा प्रतिबद्धताएं पूरी करेगा, लेकिन घरेलू मांग पूरा करने के लिए आगामी कुछ महीनों के लिए निर्यात नहीं बढ़ाएगा। भारत ने विदेशों में टीके की आपूर्ति करना 20 जनवरी से शुरू किया।  भारत अब तक करीब 80 देशों में टीके की छह करोड़ चार लाख खुराक भिजवा चुका है।

वहीं देशभर में कोविड-19 टीके की 5.21 करोड़ से अधिक खुराक लाभार्थियों को लगाई जा चुकी हैं।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर अब तक  कुल 5 करोड़ 21 लाख 97 हजार 380 खुराक लगाई जा चुकी हैं।

क्या है भारत मे मिला डबल म्यूटेंट वैरिएंट ?

देश में मिले डबल म्यूटेंट वैरिएंट को लेकर अभी शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। भारत में पहली बार डबल म्यूटेंट वैरिएंट का पता चला है। डबल म्यूटेंट वैरिएंट को लेकर एक जानकारी ये सामने आई है कि कोरोना का ये प्रकार तेजी से फैलता है यानी ये ज्यादा खतरनाक  है।  साथ ही यह शरीर के इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र से बचने में भी सक्षम है। यह नया ‘डबल म्यूटेंट’ वैरिएंट शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र से बचकर बॉडी में संक्रामकता के स्तर को बढ़ाता है। हालांकि अभी इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि देश में बढ़ रहा संक्रमण, कोरोना के इस नए वैरिएंट की वजह से ही है।

 डबल म्यूटेंट वैरिएंट कितना खतरनाक ?

डबल म्यूटेंट वैरिएंट इसलिए खतरनाक है क्योंकि ये शरीर के इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र से ना सिर्फ बच सकता है बल्कि ये शरीर में तेजी से संक्रमण भी फैलाता है। ये वैरियंट इसलिए भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि इसमें वायरस के एक ही रूप में दो बदलाव हुए हैं। स्पाइक प्रोटीन में बदलाव के चलते इसकी संक्रामकता में इजाफा हो सकता है और इसके स्वरूप में हुए दूसरे बदलाव के चलते यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में सफल रहता है। हालांकि, अभी इसको लेकर अभी अध्ययन जारी है और इसको लेकर ज्यादा जानकारी आने वाले समय में आएगी।

 म्यूटेशन और वैरियंट में अंतर

किसी भी वायरस में लगातार बदलाव होता रहते है और यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। वायरस अपना रूप बदलकर अपनी आंतरिक संरचना में बदलाव करता रहता है। कोई भी वायरस जब रूप बदलता है तो वह पूरा नहीं होता उसके कुछ न कुछ घटक छूट जाते हैं और इसे ही हम म्यूटेशन कहते हैं। जब उस म्यूटेशन का इंसानों पर असर होता है तो उसे वैरिएंट कहा जाता है।

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