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निगम ने बुजुर्गों को कूड़े की गाड़ी में भर हाइवे पर छोड़ा

इंटरनेट मीडिया पर शुक्रवार को नगर निगम कर्मियों द्वारा कमजोर बुजुर्गों को एक गाड़ी में भरकर इंदौर-देवास हाईवे पर छोड़ने का वीडियो वायरल होने से मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। वीडियो में निगम के कुछ कर्मचारी एक बुजुर्ग कमजोर महिला और एक पुरुष बुजुर्ग को गाड़ी से उतारते और फिर बैठाते हुए दिख रहे हैं। गाड़ी में कुछ और बुजुर्ग व उनका सामान नजर आ रहा है। वीडियो शिप्रा के आसपास का बताया जा रहा है, लेकिन यह साफ नहीं हुआ है कि यह किस दिन का वाकया है।

इंदौर में भिक्षुकों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने जिला प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, नगर निगम के दो कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इंदौर में कड़ाके की ठंड को देखते हुए भिक्षुकों को रैन बसेरा में ले जाने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान उनसे दुर्व्यवहार की घटना सामने आई। इस कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी को दी गई थी। सोलंकी द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई। इस लापरवाही पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें इंदौर से बाहर पदस्थ करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रतिवर्ष की भांति भिक्षुकों को रैन बसेरा ले जाने को कहा गया था। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।

मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने यह वीडियो शूट करते हुए बताया कि निगमकर्मी बुजुर्गों को सड़क किनारे फेंकने आए हैं और बुजुर्गों को इंदौर नगर निगम का गाड़ी में भरकर लाया गया है। जब गांव वाले वीडियो बनाने लगे और कर्मियों को फटकारा तो कर्मी उन्हें फिर गाड़ी में बैठाने लगे। ग्रामीणों ने कर्मियों से कहा कि कम से कम बुजुर्गों को इस तरह नहीं फेंकना चाहिए। नगर निगम के कर्मचारियों की संख्या तीन थी, जो यह अमानवीय काम कर रहे थे। जिस गाड़ी से बुजुर्गों को हाईवे पर बेसहारा कर छोड़ने लाया गया था, उसका नंबर एमपीएफ 7622 था और यह निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते की गाड़ी है।

अधिकारियों से पता करने पर यह कहा गया कि इस मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इसी महीने स्वच्छता सर्वेक्षण होना है ‍और इसके चलते लगातार पांचवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने के लिए इंदौर नगर निगम कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

धटना को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा कि इंदौर, मप्र की ये घटना मानवता पर एक कलंक है। सरकार और प्रशासन को इन बेसहारा लोगों से माफी माँगनी चाहिए और ऑर्डर लागू कर रहे छोटे कर्मचारियों पर नहीं बल्कि ऑर्डर देनेवाले उच्चस्थ अधिकारियों पर ऐक्शन होना चाहिए।

वीडियो बनाने वाले दुकानदार राजेश जोशी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर जब उन्होंने निगमकर्मियों को 8-10 बुजुर्गों को उतारते हुए देखा तो उन्होंने कर्मियों से सवाल किया कि यहां क्यों उतार रहे हो। जवाब में कर्मी बोले कि सरकार का आदेश है। ये हमें इंदौर में परेशान कर रहे हैं। फिर वो बुजुर्गों को छोड़कर जाने लगे और दोबारा लौटकर आए।

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