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कोरोना की दूसरी लहर का कहर , तोड़े पिछले सारे रिकॉर्ड

 देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि मानो अब यह बेलगाम हो चुका  है। हालत यह है कि बीते 24 घंटों में  जो मामले सामने आए हैं उन्होंने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 1 लाख 15 हजार 239 नए मामले दर्ज किये गए हैं। महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक प्रतिदिन मिलने वाले नए संक्रमितों की यह सर्वोच्च संख्या है। यह दूसरा मौका है, जब एक दिन में एक लाख से अधिक नए मामले मिले हैं।

रविवार चार अप्रैल को एक दिन में 1 लाख 3 हजार 764 नए मामले थे जो अब तक की दूसरी सर्वोच्च संख्या है। कोरोना की पहली लहर में एक दिन में मिले नए मरीजों की सर्वोच्च संख्या 97 हजार 894 थी जिसे 17 सितंबर 2020 को दर्ज किया गया था। इस अवधि में 630 और कोरोना मरीजों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1 लाख 66 हजार 207 हो गई। आंकड़ों के अनुसार देश में नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ उपचाराधीन मामलों की संख्या बढ़कर 8 लाख 38 हजार 650 हो गई, जो कुल मामलों का 6.5 प्रतिशत है। देश में 12 फरवरी को सबसे कम 1 लाख 35 हजार 926 उपचाराधीन मामले थे, जो उस समय के कुल मामलों का 1.25 प्रतिशत थे।

71 फीसदी से अधिक मौतें केवल चार राज्यों में 
कोरोना से 24 घंटों के दौरा हुई कुल 630 मौतों में से 71 फीसदी से अधिक मौतें केवल चार राज्यों में हुई हैं। महाराष्ट्र में 297, पंजाब में 61, छत्तीसगढ़ में 53 और कर्नाटक में 39 कोरोना मरीजों की मौत हो गई।

पांच राज्यों में 74 फीसदी इलाजरत मरीज 
राज्य                सक्रिय मामले
महाराष्ट्र             472283
छत्तीसगढ़            52445
कर्नाटक               45107
केरल                29960
पंजाब               25913

25 करोड़ से अधिक जांच:
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 5 अप्रैल तक 25 करोड़ 2 लाख 31 हजार 269 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। इनमें से 12 लाख 11 हजार 612 नमूनों की जांच सोमवार पांच अप्रैल को की गई थी।

महाराष्ट्र में 55 हजार 469 नए मामले: 
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना  संक्रमण के  55 हजार 469 नए मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 31लाख 13 हजार 354 हो गए। महामारी से 297 और मरीजों की मौत हो गई जिससे मृतकों की संख्या 56 हजार 330 पर पहुंच गई। कर्नाटक में 6 हजार 150, यूपी में 5 हजार 895, केरल में 3 हजार 502 और दिल्ली में 5 हजार 100 नए कोरोना मामले मिले।

केंद्र सरकार का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा तेज है इसलिए देश के लिए अगले चार सप्ताह बेहद नाजुक हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेंस में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की लहर की तीव्रता इस बार ज्यादा है। पिछली बार के मुकाबले यह तेजी से फैल रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए पूरे देश को मेहनत करनी होगी तथा इसमें जन भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। अगले चार सप्ताह देश के लिए बेहद नाजुक हैं।

यह भी पढ़ें :कोरोना वायरस से इस साल भी निजात नहीं मिलने वाली: WHO

देश में कोरोना वायरस  की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हो रही है। हर दिन आने वाले नए मामले रिकॉर्ड बना रहे हैं। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में कोरोना के ताबड़तोड़ नए मामलों के पीछे सबसे बड़ी वजह इसके अलग-अलग वेरिएंट को पहचान न पाना हो सकता है। भारत में इन वेरिएंट्स को पता लगाने में देरी हो रही है जिसकी वजह से तबाही कई गुणा ज्यादा हो सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इससे न सिर्फ इलाज बल्कि वैक्सीन का असर भी प्रभावित हो सकता है।

सरकारी डेटा के मुताबिक, भारत अपने पॉजिटिव सैंपलों में से सिर्फ एक प्रतिशत को ही जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजता है। वहीं, ब्रिटेन कुल संक्रमितों के 8 प्रतिशत सैंपलों की जीनोम सिक्वेंसिंग करता है। बीते हफ्ते तो यूके में 33 फीसदी सैंपलों को सिक्वेंस किया गया। अमेरिका में भी एक हफ्ते में आए 4 लाख नए मामलों के 4 फीसदी सैंपलों की जांच की गई।

 भारत में कोरोना वायरस के 1 लाख 15 हजार नए मामले रिपोर्ट हुए हैं। इसके बाद भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 1.28 करोड़ तक पहुंच गए हैं। अब भारत कुल संक्रमितों के मामले में सिर्फ ब्राजील और अमेरिका से पीछे है। भारत में महाराष्ट्र कोरोना का गढ़ बना हुआ है, जहां लगातार रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं।

बीते साल दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय सफर कर आने वाले कुछ यात्रियों में कोरोना का यूके वाला वेरिएंट मिला था, जिसके बाद भारत ने राज्यों द्वारा संचालित 10 लैबोरेटरी को मिलाकर एक कंजोर्शियम बनाया था ताकि पॉजिटिव सैंपलों की सिक्वेंसिंग की जा सके। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने 30 मार्च को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि जनवरी से मार्च के बीच देश में सिर्फ 11 हजार 64 सैंपलों की ही सिक्वेंसिंग की गई, जोकि 0.6 प्रतिशत से भी कम है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में 30 मार्च तक कोरोना के यूके वेरिएंट वाले 807 केस, दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट वाले 47 केस और ब्राजील के वेरिएंट वाला एक केस मिल चुका था। खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कल छह अप्रैल  को 11 राज्यों के साथ मीटिंग के दौरान यह बताया था कि पंजाब में 80 फीसदी नए मामले कोविड-19 के यूके वेरिएंट की वजह से हैं। उन्होंने बताया था कि जीनोम सिक्वेंसिंग से ही इसकी पुष्टि हुई है। उन्होंने यह भी कहा था कि शादियों, स्थानीय निकाय चुनावों और किसान आंदोलन  की वजह से पंजाब में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

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