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बेंगलुरु में मौजूद कांग्रेस के विधायकों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा हम हैं सिंधिया के साथ

बेंगलुरु में मौजूद कांग्रेस के विधायकों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा हम हैं सिंधिया के साथ

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी सरकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्यपाल से मिलने से लेकर मीडिया से बातचीत तक वो लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह से फ्लोर टेस्ट से बचा जा सके। हालांकि, वे लगातार कहते रहे हैं कि उसके सारे विधायक उनके साथ हैं और हम ही सरकार बनाएंगे। अगर विपक्ष को लगता है कि हमारे पास बहुमत नहीं है तो अविश्वास प्रस्ताव लाए।

मुख्यमंत्री कमलनाथ लगातार मीडिया से ये कह रहे हैं कि विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बना कर रखा गया है। यदि विधायक बेंगलुरु में बंधक नहीं है तो मीडिया के सामने क्यों नहीं आते। ऐसे में बेंगलुरु में आज (मंगलवार) कांग्रेस के उन विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कमलनाथ के सभी सवालों के जवाब दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है और उनका इस्तीफा स्वीकार होना चाहिए। विधायकों ने एक स्वर में कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके नेता है और यहां मौजूद सभी विधायक सिंधिया जी के साथ हैं।

कांग्रेस सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव जब हुआ था, उस वक़्त जनता के सामने मुख्यमंत्री पद के लिए दो चेहरे थे। पहला ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूसरा कमलनाथ। मध्यप्रदेश की जनता ने सिंधिया के चेहरे पर वोट किया था। लेकिन पार्टी ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया। हम सब यहां अपनी मर्जी से आए हैं। हमें किसी ने बंधक नहीं बनाया। गोविंद सिंह राजपूत ने आगे कहा कि हम मंत्री होने के बावजूद शांति से काम नहीं कर पा रहे हैं। हम सुरक्षित नहीं हैं। अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया को टारगेट किया जा सकता है तो हमें भी टारगेट कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने केंद्र से सुरक्षा की मांग की है।

गोविंद सिंह राजपूत ने दावा किया कि जो विधायक जयपुर में हैं वे भी नाखुश हैं। गोविंद आगे कहा, “कमलनाथ जी का व्यवहार कैसा है। मैं मंत्री रहा हूं। हमने देखा है। कमलनाथ जी ने कभी भी हमें 15 मिनट भी शांतिपूर्वक नहीं सुना। हम लोग बंधक नहीं स्वेच्छा से आए हैं। ये पूरा प्रदेश जानता है कि मध्य प्रदेश की सरकार बनने में सिंधिया जी की अहम भूमिका थी। सिंधिया जी को मुख्यमंत्री न बनाकर कमलनाथ को बनाया हमें लगा था कि सब ठीक ठाक रहेगा। लेकिन कुछ ठीक नहीं हो रहा। हम सब सिंधिया जी के साथ खड़े हैं। उनके हर फैसले में साथ हूँ।”

वहीं, तुलसी सिलावट ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में बनी थी। कांग्रेस विधायक इमरती देवी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। उन्होंने ही हमें राजनीति करना सिखाया है। मैं जो भी आज हूं सिंधिया जी की वजह से हूं। अगर सिंधिया जी कहेंगे की कुंए में कूद जाओ तो मैं कूदने को तैयार हूं।

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