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थर्ड वेव से पहले ही दिल्ली में बच्चों को लेकर बढी चिंता, 3 अस्पतालों में एडमिट हुए 84 बच्चे

कोरोना की इस दूसरी लहर में हर घर में बीमारी से कोई ना कोई पीड़ित है । बहुत से लोगों को कोरोना होकर ठीक हो चुका है। तो बहुत से ऐसे लोग हैं जो अभी भी इलाज करा रहे हैं। इस दौरान कोरोना संक्रमण से पीड़ित बहुत लोगों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से बीमारी का आंकड़ा घट रहा है ।

जबकि दूसरी तरफ अभी से तीसरी लहर की चिंता सताए जा रही है। बताया जा रहा है कि यह तीसरी लहर बच्चों पर भारी पड़ सकती है। इससे बचने के लिए सरकार इस बार पहले से ही चिकित्सा व्यवस्था चाक-चौबंद करने में जुटी हुई है । तीसरी लहर आने से पहले ही दिल्ली में बच्चों में कोरोना पॉजिटिव के बढ़ते केस चिंता का विषय बने हुए हैं । दिल्ली के तीन अस्पतालों के आंकड़ों की ही बात करें तो फिलहाल इन तीन अस्पताल में ही 84 बच्चे कोरोना पॉजिटिव है।

जिनमें लोकनायक अस्पताल में 8 से 9 साल के 29 बच्चे एडमिट है। पिछले साल की बात करें तो तब कोरोना की पहली लहर में इस हॉस्पिटल में कोरोना पॉजिटिव हुए बच्चे सिर्फ आठ थे। इस बार यह संख्या 4 गुना ज्यादा है। बच्चों में बढ़ रहे कोरोना के मामलो के चलते लोकनायक अस्पताल में वेंटिलेटर और बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। पहले यहां 15 वेंटिलेटर थे लेकिन अब 21 लगा दिए गए हैं। इसी तरह बेड भी बढाए गए हैं।

दिल्ली के गुरु तेग बहादुर यानी कि जीटीबी अस्पताल में इस समय 15 बच्चे कोरोनावायरस से पीड़ित है। बच्चों का इलाज चल रहा है। जबकि पिछले साल इस हॉस्पिटल में इस बीमारी से पीड़ित 5 ही बच्चे थे।

बसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल में डॉक्टर राहुल नागपाल की माने तो पहले के मुकाबले इस बार ज्यादा बच्चों को कोरोना हुआ है। डॉ नागपाल बताते हैं कि पहली लहर में 300 बच्चे हॉस्पिटल में आए थे। जिनमें 25 बच्चे ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए । इस बार फोर्टिस हॉस्पिटल की ओपीडी में ही 1000 से अधिक बच्चे आ चुके हैं। जिनमें से 40 बच्चों में कोरोना संक्रमण पाया गया। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

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