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ये चुनावी बजट है ‘सब के लिए सब कुछ’

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 का बजट पेश किया | यूपी सरकार के इस चुनावी बजट में लगभग सभी वर्ग के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था की गयी है। किसान भी सरकार की इस लोकलुभावन बजट में शामिल है। प्रस्तुत बजट का आकार 4 लाख 79 हजार 701 करोड़ से भी अधिक है। यह बजट विगत बजट की अपेक्षा 12 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में 21 हजार 212 करोड़ 95 लाख रुपयों की नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं।
बजट में विशेषतौर पर कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 700 करोड़ रूपयों की व्यवस्था की गयी है। ये रुपए प्रदेश के नए 36 थानों के निर्माण, पुलिस-पीएसी प्रशिक्षण क्षमता में विस्तार और पुलिसकर्मियों की बैरकों के निर्माण में खर्च किए जाने हैं। देखा जाए तो योगी सरकार की यह पहल निश्चित तौर प्रशंसनीय मानी जा सकती है। पुलिसकर्मियों की नयी बैरकों के लिए काफी समय से मांग हो रही थी। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग में टाइप-ए एवं टाइप-बी के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए भी 700 करोड़ रुपयों की व्यवस्था की गयी है। इतना ही नही कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नवसृजित जनपदों में 07 पुलिस लाइनों के निर्माण के लिए भी 400 करोड़ की व्यवस्था की गयी है। साथ ही पूरे प्रदेश में 57 फायर स्टेशनों पर आवासीय तथा अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रूपयों की व्यवस्था इस बजट में है।
गन्ना किसानों के लिए भी सरकार ने अपने वायदों के अनुरूप राहत पहुचाने की कोशिश इस बजट में की है। सरकारी क्षेत्र की बन्द पड़ी चीनी मिलों के पुनः संचालन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था की गयी है साथ ही सहकारी क्षेत्र की बंद चीनी मिलों को पीपीपी पद्धति से पुनः संचालित किए जाने के लिए 25 करोड़ रूपयों की व्यवस्था इस बजट में है।
कृषि एवं सहकारिता के क्षेत्र में भी सरकार ने कुछ अच्छे कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 892 करोड़ रूपयों का प्राविधान किया गया है तो दूसरी ओर नेशनल क्राॅप इन्श्योरेंस प्रोग्राम के लिए 450 करोड़ रूपयों का प्राविधान इस बजट में है। उर्वरकों के पूर्व भण्डारण योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2019-2020 के बजट में 150 करोड़ रूपयों की व्यवस्था प्रस्तावित है। विपणन वर्ष 2019-2020 के लिए 1840 रूपए प्रति कुन्तल की दर से 6000 क्रय केन्द्रों के माध्यम से गेहूं क्रय किया जाना तय किया गया है तो दूसरी ओर 60.51 लाख कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य भी रखा गया है। भण्डारण की व्यवस्था सुदृझ़ करने के लिए 40 मण्डी स्थलो में से प्रत्येक 5 हजार मीट्रिक टन के भण्डार गृह राज्य भण्डारण निगम की पार्टनरशिप में निर्मित कराने का कार्य शुरु किए जाने की व्यवस्था इस बजट में की गयी है।
पशुपालन एवं दुग्ध विकास का क्षेत्र भी इस बजट से अछूता नहीं रह सका है। प्रदेश में गौर वंश संदर्द्धन के लिए सरकार प्रतिबद्धता की बात करती है। इसी आधार पशु पालन एवं दुग्ध विकास के अलावा अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाने की व्यवस्था इस बजट में है।
योगी सरकार का बजट हो और उसमें गौवंश के लिए कोई व्यवस्था न हो? ऐसा हो ही नही सकता। इस बजट में गौ वंश के रख-रखाव एवं गौशाला निर्माण कार्य के लिए 247 करोड़ से भी अधिक की रकम सुनिश्चित की गयी है तो दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए भी 200 करोड़ की व्यवस्था इस बजट में है।
मत्स्य पालन क्षेत्र में भी 8 करोड़ 82 लाख की योजनाएं बनायी गयी हैं। ग्राम्य विकास खासतौर से सरकार के इस बजट में शामिल किया गया है। पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लिए इस बजट में 6.240 करोड़ रूपयों की व्यवस्था प्रस्तावित है। इतना ही नही राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के क्रियान्वयन के लिए 3.488 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है जबकि बुन्देलखण्ड, विन्ध्य क्षेत्र एवं गुणता प्रभावित ग्रामों में पाईप पेयजल योजना के लिए 3,000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सर्वाधिक चर्चित स्वच्छ भारत मिशन योजना को भी योगी सरकार के बजट में स्थान दिया गया है। इस योजना के लिए 6 हजार करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। छोटे किसानों के लिए लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित की गयी हैं। निःशुल्क बोरिंगे योजना के लिए 55 करोड़, मध्यम गहरे नलकूप योजना के लिए 70 करोड़ और प्रदेशक े पठारी क्षेत्रों में सिंचाई के लिए सामुदायिक ब्लास्ट कूपों के लिए निर्माण एवं रखरखाव के लिए 20 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार के बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास के लिए एक जनपद एक उत्पाद योजना के लिए 250 करोड़ की व्यवस्था है तो दूसरी ओर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री येवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। हथकरघा, खादी एवं ग्रामोद्योगों के लिए भी इस बजट में व्यवस्था प्रस्तावित है। पाॅवरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराए जाने के लिए 150 करोड़, उत्तर प्रदेश हैण्डलूम, पाॅवरलूम, सिल्क , टेक्सटाइल्स एण्ड गारमेन्टिंग पाॅलिसी-2017 के लिए 50 करोड़, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए 5 करोड़ और माटी कला समन्वित विकास कार्यक्रम के संचालन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को भी चुस्त-दुरुस्त बनाए जाने के लिए बजट में व्यवस्था प्रस्तावित है। आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शनल मिशन योजना के लिए 1,298 करोड़ रूपय, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 291 करोड़ की व्यवस्था के साथ ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छातिदत करने के लिए 111 करोड़ रकी व्यवस्था इस बजट में प्रस्तावित की गयी है।
चिकित्सा शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा के लिए इस बजट में जिला चिकित्सालयों, मेडिकल काॅलेजों को उच्चीकृत किए जाने के लिए 908 करोड़, केजीएमयू, लखनऊ के लिए 907 करोड़ सहित अनेक जनपदों के अस्पतालों को उच्चीकृत करने के लिए करोड़ों की योजनाओं को हरी झण्डी दी गयी है।
वन एवं पर्यावरण भी बजट में शामिल किया गया है। इस वर्ष मनरेगा वित्त पोषित वृक्षारोपण की 3 नयी योजनाओं, मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना, मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना प्रारम्भ किए जाने को हरी झण्डी दी गयी है।
मदरसों और अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में घोटालों के बावजूद योगी सरकार के इस बजट में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना के लिए 942 करोड़ और अरबी-फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 459 करोड़ की व्यवस्था करके योगी सरकार ने साफ इशारा कर दिया कि आने वाले चुनाव में इस बजट को खूब भुनाया जायेगा।
इसी तरह से लगभग समस्त विभागों और उससे जुड़ी योजनाओं के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है।
इस बजट के आधार पर ही सरकार दावा कर रही है कि यूपी एक बार फिर से बीजेपी की होगी, बशर्ते इस बजट को लोकसभा क्षेत्र के उन इलाकों में सर्वाधिक प्रचारित किया जा सके जहां से सर्वाधिक वोट पड़ते हैं, यानी ग्रामीण अंचल। स्पष्ट है कि योगी सरकार इस बजट को पेश करने के बाद अब पूरी तन्मयता से इसके प्रचार-प्रसार में जुट जायेगी। चुनाव अधिसूचना जारी होने से पहले ही खजाने के द्वारा योजना को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए खोल दिए जायेंगे।
2 Comments
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  2. g 2 weeks ago
    Reply

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