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बिना काम पूरा किये, छत्तीसगढ़ सरकार को मिल गया ‘बधाई पत्र’

देश के ग्रामीण क्षेत्रो में रहने वाले आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लोग खुद का पक्का घर नहीं बना पाते हैं।प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2021 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रोंं के कमज़ोर वर्गों के लोगोंं स्वयं का पक्का घर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा गरीब लोगोंं के स्वयं का पक्का बनाने का सपना साकार करना, पक्का शौचालय बनाने के लिए 12000 रुपये की सहायता देना सरकार का मुख्‍य ध्‍येय है। लेकिन तब क्या हो जब यह सारा पैसा कागजों पर तो लेकिन लाभार्थियों के हाथ में या खातों में न पहुंचे।

 

वर्ष 2021 के पहले ही दिन यानी कि 1 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब लाइट हाउस प्रोजेक्ट का वर्चुअल शिलान्यास कर रहे थे तो उसी दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बयान जारी करते हुए यह कहा था कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बनाए जाने वाले मकानों की राशि हितग्राहियों के खाते में सीधी डाली जा रही है।  बिचौलियों का काम खत्म कर दिया गया है और मकानों का निर्माण कार्य तय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा दावों की बानगी यह है कि 2015 में जिन पात्र हितग्राहियों ने मकानों का निर्माण शुरू किया था। उनकी राशि अभी तक खातों में नही डल पाई है, वहीं छत्तीसगढ़ के डौंडी लोहारा में दर्जनों लोगों को आशियाना तैयार किये बिना ही केंद्र को बधाई पत्र दे दिया गया है।

अब सवाल यह है इतनी बड़ी लापरवाही का आखिर जिम्मेदार कौन है ?

 

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (pmay-g) ग्रामीण आवास योजना 2021 के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए जगह को 20 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर किया जायेगा।यह जनता के हित की खबर है लेकिन यदि इसमें पारदर्शिता नहीं दिखाई गयी तो यह हित अहित में भी बदल सकता है।
इस योजना के तहत खाना बनाने, रसोई हेतु क्षेत्र भी शामिल है।

इस योजना के तहत मैदानी इलाकों में इकाई सहायता 1.20 लाख रुपए तय है एवं पहाड़ी इलाकों में सहायता 1.30 लाख रुपए है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की शुरुआत PM नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2015 में की गई थी। इस योजना के तहत केंद्र सरकार देश के ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लोगों को स्‍वयं का पक्का घर बनाने के लिए एवं इसके साथ ही पहले से बसे हुए किसी पुराने घर की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2021 के तहत खबर यह है कि अब समतल भूमि पर पक्का घर बनाने के लिए केंद्र सरकार 1 ,20 000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। पहाड़ी इलाके में पक्के घर के निर्माण के लिए सरकार 1 30 ,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में लगभग 2691 करोड़ रु. की वित्तीय सहायता जारी की। उन्‍होंने यह राशि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जारी की। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इससे 6.1 लाख लाभार्थी सीधे तौर पर लाभान्वित हुए।

जानें , लाभार्थी को राशि देने की प्रक्रिया

इसके लिए पांच जियो टेगिंंग करनी होती है। पहले खाली जगह की फोटो और दूसरे नंबर पर नींव भरने तक की फोटो अपडेट होती है। ऐसा करने पर पहली किस्त जारी होती है। तीसरे नंबर पर चौखट तक काम होने और चौथे नंबर पर छत तक काम होने की फोटो अपडेट करनी होती है। उसके बाद दूसरी किस्त जारी होती है। पांचवे नंबर पर मकान का निर्माण कार्य पूरा होने पर फोटो अपडेट करनी होती है, जिसके बाद अंतिम किस्त जारी की जाती है।

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत बहुत से ऐसे परिवार हैं जो भी भी अपनी रकम के इन्तजार में आस लगाए बैठें हैं। दूसरी तरफ सबसे बुरी स्थिति यह है कि बिना यह जांच किये कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सभी लाभार्थियों को लाभ मिला कि नहीं ,बधाई पात्र।

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