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अराजक होती बिहार की राजनीति

बिहार विधानसभा में विधानसभा में विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक को लेकर जो हंगामा हुआ उससे साफ है कि राज्य की राजनीति अब अराजकता के ऐसे दौर में पहुंच चुकी है जहां सदन में खुलेआम हाथापाई हो रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक-दूसरे को दुश्मन समझ रहे हों। हालांकि राज्य की राजनीति अपराधियों को टिकट दिये जाने या उन्हें महत्व दिये जाने को लेकर पहले भी चर्चा में रही, लेकिन अब बिहार विधानसभा में मंगलवार को वह सबकुछ हुआ जिसको लेकर हर कोई यही कह रहा हैं की यह  नहीं होना चाहिए था. |  सदन से लेकर स्पीकर के चेंबर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. खींचा-तानी, धक्का-मुक्की तक हुई. पुलिस ने विधायकों को खींच-खींच कर बाहर निकाला. महिला विधायक भी हंगामा करने में  पीछे नहीं रहीं.

राष्ट्रीय जनता दल ,कांग्रेस और वाम दल के महागठबंधन के सदस्य बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक, 2021 का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने इसे लेकर विधानसभा में हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिन में पांच बार स्थगित करनी पड़ी.|  ये सारा का सारा हंगामा बिहार विशेष पुलिस सशस्त्र विधेयक 2021 को लेकर हुआ|  पुलिस बल को कथित तौर पर बगैर वारंट की गिरफ्तारी की शक्ति देने वाले  इस विधेयक को सरकार के बिहार विधानसभा में पेश करने के बाद सदन में अलग ही  स्थिति  देखने को मिली.| राजद विधायकों ने  हंगामा करते हुए स्पीकर का घेराव तक कर लिया| स्पीकर का घेराव करते देख सदन में पुलिस तक बुलानी पड़ी | विपक्ष का आरोप हैं की सत्ता पक्ष के इशारे पर सदन में उसके विधयाको को पुलिस ने पीटा | उन पर घूँसे बरसाये और घसीटा गया | महिला विधायकों तक को पीटा गया | इस घटनाकर्म ने विपक्ष को गोलबंद होने के मौका दे दिया हैं | कांग्रेस ही नहीं समजवादी पार्टी भी इसकी निंदा कर रही हैं  |

तेजस्वी ने ट्वीट किया, ‘‘आज राम मनोहर लोहिया की जयंती है, अगर सड़कें खामोश हो जाएं, तो संसद आवारा हो जाती है.’’ उन्होंने क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की याद में उर्दू की कुछ पंक्तियां भी ट्वीट कीं. फिर इसके बाद  तेजस्वी और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव और कुछ अन्य विधायकों के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल  के कार्यकर्ता बड़ी तादाद में दिन में जे पी गोलंबर पर एकत्र हुए. वहां से उन्होंने विधानसभा परिसर की ओर मार्च किया, जो करीब तीन किमी दूर है.  लेकिन अनधिकृत जुलूस निकालने और डाक बंगला चौराहे पर पथराव करने में संलिप्त रहने को लेकर पुलिस ने तेजस्वी और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को कोतवाली थाना ले गये थी.|

इसके कुछ समय बाद वे थाने से  रिहा होने के बाद तेजस्वी  विधानसभा पहूचे ,जहाँ पे पहले से ही उनकी पार्टी राजद,कांग्रेस और वाम दाल के नेता इस बिल का विरोध कर रहे थे | उनके सदन में आने से पहले ही सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित की जा चुकी थी., तेजस्वी के आने के बाद विपक्षी सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के आसन के करीब चले गये और जोर शोर से हंगामा करने लगे | हंगामा इतना बाद गया की विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच हाथापाई होने लगी |  तब समय रहते हुए मार्शल वहा पहुंच गये ताकि सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ उनकी हाथापाई होने से रोका जा सके.

इसके कुछ समय बाद  विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदन की कार्यवाही शाम साढे चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी और अपने कक्ष के अंदर चले गये, जबकि महागठबंधन के सदस्यों ने इनके कक्ष को  चारों ओर से घेर लिया और नारेबाजी करने लगे. स्थिति से निपटने में मार्शल को समस्या होने के बारे में पता चलने पर पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा विधानसभा परिसर पहुंचे.|

सदन की कार्यवाही को फिर से शुरू करने के लिए  भाजपा के वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार ने सदन के पीठासीन अधिकारी के तौर पर कार्यवाही बहाल की, लेकिन पूरे सदन में हंगामा होता रहा. और  विपक्षी सदस्यों ने सदन के पीठासीन अधिकारी  प्रेम कुमार से कागज छीनने की कोशिश की. मंत्री के तौर पर विधानसभा में मौजूद एमएलसी अशोक चौधरी उस वक्त गुस्से में नजर आए, जब विपक्ष के विधायक  अध्यक्ष के आसन के करीब चले गये थे. इसी बीच राजद के एक विधायक इस दौरान चौधरी के साथ धक्कामुक्की होने पर फर्श पर गिर पड़े. इससे विपक्षी सदस्य गुस्से में आ गये और उन्होंने मेज पर कुर्सी पटक कर उसे  तोड़ दी. इसके चलते, पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही शाम साढ़े पांच बजे के तक के लिए स्थगित कर दी. दिन में, तेजस्वी के नेतृत्व में राजद कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर तक मार्च करने की कोशिश की, जिस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़पें हुई. जिसके बाद पुलिस ने सदन से  विधायकों को  बाहर निकाला शुरू किया  |

बिहार की विधानसभा से बीते दिन जो दृश्य सामने आए, उसकी हर कोई निंदा कर रहा है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी बुधवार को ट्वीट कर इस मसले पर  राज्य सरकार पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पूरी तरह से RSS-BJP मय हो चुके हैं.उन्होंने  अपने ट्वीट में लिखा कि लोकतंत्र का चीरहरण करने वालों को सरकार कहलाने का कोई अधिकार नहीं है. विपक्ष फिर भी जनहित में आवाज़ उठाता रहेग.

बिहार विधानसभा में बीते दिन मचे बवाल के कई वीडियो भी सामने आए, जिसमें पुलिसकर्मी विधायकों पर हाथ उठा रहे हैं,इस पर विपक्ष के नेता ने भी तेजस्वी ने भी  ट्वीट किया ‘ नीली शर्ट पहना शख़्स पटना का DM है जो माननीय विधायक को धक्का दे रहा है। दो माननीय विधायकों को घसीटा जा रहा है और प्रशासन का अधिकारी जूते से विधायक को लात मार रहा है। लोहिया जयंती पर नीतीश कुमार यह कुकर्म करवा रहे है। सड़क और सदन कहीं कोई सुरक्षित नहीं। ; |

 

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