Country

अवैध हथियारों की राजधानी

दिल्ली में अपराधियों द्वारा अवैध हथियारों के इस्तेमाल के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो वर्षों के भीतर ही राजधनी दिल्ली में बरामद अवैध हथियारों की संख्या करीब दो गुनी हो गई है। इसे देखते हुए इस बात का भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से बड़े पैमाने पर राजधानी में अवैध हथियारों की तस्करी बढ़ती जा रही है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016, 2017 और 2018 की तुलना करें तो पता चलता है कि पिछले वर्ष के मुकाबले हर साल आर्म्स एक्ट के दर्ज किए गए मामलों में भारी इजाफा हुआ है।

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि वर्ष 2016 में जहां आर्म्स एक्ट के 658 केस दर्ज किए गए थे, वहीं 2017 में यह आंकड़ा 957 तक पहुंच गया था, जबकि वर्ष 2018 में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामलों का आंकड़ा 1540 तक जा पहुंचा।

पुलिस सूत्रों की मानें तो पिछले वर्ष के मुकाबले 37 प्रतिशत से भी ज्यादा अवैध हथियार बरामद किए गए. आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि वर्ष 2016 में आर्म्स एक्ट के 658 केस दर्ज किए गए थे, जिसमें 745 लोगों की गिरफ्तारी की गई और उनसे 902 अवैध हथियार जब्त किए गए थे. वर्ष 2017 में 957 केस दर्ज हुए थे, जिसमें 1141 आरोपित गिरफ्तार हुए, जिनसे 1381 अवैध हथियारों की बरामदगी हुई. जबकि बात अगर 2018 की करें तो पिछले वर्ष आर्म्स एक्ट के तहत 1540 केस दर्ज कर पुलिस ने 1901 आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए 1905 अवैध हथियार बरामद किए थे।

इसका मतलब 2016 में बरामद अवैध हथियारों के मुकाबले 2018 में दो गुने हथियार बरामद किए गए। आपराधिक गतिविधियों में अवैध पिस्टल व कट्टे के इस्तेमाल में पिछले साल के मुकाबले कमी देखी गई है। जहां 2016 में 912 आपराधिक गतिविधि के दौरान अवैध पिस्टल का इस्तेमाल दर्ज किया गया था, वहीं 2017 में 848 मामलों में अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया गया। पिछले साल यह आंकड़ा 752 मामलों का था जबकि बरामद अवैध हथियारों की संख्या काफी बढ़ी है। इसका अर्थ यह हुआ कि ज्यादातर अवैध हथियारों की बरामदगी हथियार तस्करों से की गई।

1 Comment
  1. Rakesh Srivastava 2 months ago
    Reply

    Good New brother

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like