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कैबिनेट की बैठक में मिले तोहफे

लोकसभा चुनाव बाद कैबिनेट की पहली बैठक में सूबे की योगी सरकार ने आम जनता से लेकर व्यवसायियों को तमाम तोहफे दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कैबिनेट की बैठक में आधा दर्जन प्रस्ताव पास हुए हैं। सरकार ने जो प्रस्ताव पास किया है उसके मुताबिक यूपी के होटल, रेस्टोरेन्ट और पब अब खुद ताजी बीयर बना सकेंगे। इसके लिये लाइसेंस के आधार पर रोजाना 600 लीटर बीयर बनाई जा सकती है। प्रस्ताव में कड़े निर्देश दिए गए हैं कि यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो अब ढाई लाख जुर्माना देना पड़ेगा।
प्रदेश में लघु माइक्रो ग्रेवी की स्थापना के लिए नियमवाली 1961 में छठवां संशोधन किया गया है। ताजी बियर के तहत यह संशोधन किया गया है, जिसमें होटलों में माइक्रो ग्रेवी लगाया गया है। माइक्रो ग्रेसी से ही बियर का उत्पादन होता है। गौरतलब है कि इससे पूर्व देश के आधा दर्जन राज्यो में ऐसी व्यवस्था पहले से ही चली आ रही है। अभी तक यूपी के होटल, रेस्टोरेन्ट, पब की लाइसेंस फीस 25 हजार थी जिसे बढ़ाकर ढाई लाख कर दी गई है। लाइसेंस नवीनीकरण के लिये 2 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। नियमों के तहत प्रतिदिन 600 लीटर 2.1 लाख लीटर प्रतिवर्ष से अधिक उत्पादन नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे भारी जुर्माने के साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी।
कैबिनेट की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन 400 से बढ़कर 500 रुपये किए जाने की मंजूरी हो गयी है। राज्य अंश में 100 रुपये की वृद्धि करके ही 500 रुपए किए गए हैं। ज्ञात हो 79 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को पहले से ही 500 रुपये पेंशन दी जा रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक 41 लाख लाभार्थी  पेंशन पा रहे हैं। पेंशन में यह वृद्धि बीती 1 जनवरी से लागू किए जाने का फैसला लिया गया है।
यूपी सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी प्रगति किए जाने का दावा किया है। ज्ञात हो रायबरेली में एम्स का निर्माण कार्य चल रहा है। सरकार का दावा है कि एम्स का निर्माण अगले वर्ष 2020 में पूरा कर लिया जायेगा।
पीजीआई के चिकित्सकों को भी तोहफा दिए जाने पर संस्तुति हो चुकी है। कैबिनेट की बैठक में पीजीआई के डाॅक्टरों का कार्यकाल अब 2 साल और बढ़ा दिया गया है। चिकित्सकों की भर्ती की उम्र अब 35 से 37 साल कर दी गयी है।
कैबिनेट की बैठक में शिक्षा क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा। बेसिक शिक्षा के क्षेत्र कुछ नए नियम शामिल किए गए हैं। कक्षाओं में सहायक शिक्षा के लिए बीटीसी के साथ अब शिक्षकों को बीएड करने संबंधी निर्णय को नियमावली के परिशिष्ट में शामिल किया गया। इस निर्णय से फर्जीवाडे़ पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।

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