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आज के दौर में डिजिटल लर्निंग को नए दौर का सरल माध्यम माना जाता है। जिसके चलते तमाम देशों में ऑनलाइन कक्षाओं और इंटरनेट से पढ़ाई हो रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है जहां ऑनलाइन शिक्षा की जरूरत को महसूस किया जाता है। भारत की सबसे बड़ी ऑनलाइन एजुकेशन कंपनी BYJU’s का नाम आज की तारीख में डिजिटल लर्निंग के मामले में दूसरी कंपनियों की अपेक्षा पहले आता है। लेकिन कुछ समय से BYJU’s पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। जो इसे सवालों के कटघरे में खड़ा कर रहे हैं कि आखिर इतनी विश्वसनीय डिजिटल लर्निंग कंपनी पर इतने गंभीर आरोप क्यों ?

दरअसल, ऑनलाइन लर्निंग उपलब्ध करवाने वाली बायजू’स कंपनी के खिलाफ हजारों लोग शिकायत कर रहे हैं। वर्तमान में देश में कंपनी के 75 लाख ग्राहक हैं। लिहाजा इसे नजरअंदाज कर पाना असंभव है।

भारत में एजुकेशन सेक्टर में तेजी से फैलता बायजू’स हर घर में लोकप्रिय बन गया है। लेकिन वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका कहना है कि उन्हें बायजू’स द्वारा धोखा दिया गया है। सोशल मीडिया और कंज्यूमर वेबसाइटों पर लोग कंपनी के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने बायजू’स के कारण अपनी बचत ख़राब कर दी है। उनके साथ कंपनी ने छल किया है।

बायजू’स (BYJU’s) का खंडन लोगों का कहना है कि कंपनी के द्वारा शुरुआत में कुछ दिन फ्री कोचिंग दी जाएगी अगर आपको क्लास पसंद नहीं आती है तो कंपनी द्वारा जो पैसा एडवांस दिया गया है वो रिफंड हो जायेगा। लेकिन कंस्यूमर के अनुसार ऐसा नहीं हो रहा है। उनको क्लास पसंद न आने पर उनका पैसा रिफंड नहीं हो रहा है। जिसके लिए वह कंज्यूमर कंपलेंट्स डॉट इन वेबसाइट पर बायजू’स के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं।

अब तक इस पोर्टल पर 3 हजार 759 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। जिसमें अब तक वेबसाइट के अनुसार, 1 हजार 397 शिकायतों का निवारण किया गया है। अन्य शिक्षा-तकनीकी कंपनियों जैसे सिंपलीलर्न, वेदांतु, अनएकेडमी और अब दिवालिया हो चुकी लीडो लर्निंग के खिलाफ कुल शिकायतों की संख्या सिर्फ 350 है।

बायजू’स (BYJU’s) की स्थापना 2011 में बेंगलुरु में हुई थी। 2015 में उसने अपने ऐप को शुरू किया था। लेकिन जब कोविड महामारी आई तो यह कंपनी के लिए वरदान साबित हुई क्योंकि ग्राहकों ने ऑनलाइन लर्निंग की ओर रुख किया। उसके बाद कंपनी को बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय निवेश भी मिला।

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