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बुलंदशहर हिंसा के आरोपी रिहा,शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी ने कहा मुझे भी मार डालेंगे

 

याद कीजिए 3 दिसंबर 2018 का वह दिन जब बुलंदशहर जनपद के स्याना के चिंगरावठी गांव में एक गौवंश  के अंश मिलने से हिंसा हुई थी।  पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां लोगों की भीड़ पहले से मौजूद थी। पुलिस भीड़ को समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन लोग काफी उग्र थे और उन्होंने पुलिस पर ही हमला कर दिया था।  इस हिंसा में उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्परेक्टर सुबोध कुमार समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गौकशी के बाद भड़की इस हिंसा में 22 नामजद और 50-60 अज्ञात बलवाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस हिंसा के मामले में 42 आरोपी जेल में बंद किए गए थे। जिनमे जीतू फौजी समेत सात आरोपियों को 24 अगस्त को जमानत मिल चुकी है। इसके बाद कल हाईकोर्ट ने इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता भी रिहा कर दिए।  

 

चौकाने वाली बात ये भी है कि गौ हत्या में पकड़े गए सभी आरोपियों पर देशद्रोह की धारा लगी हुई है। लेकिन इंस्पेक्टर को ऑन ड्यूटी वर्दी में बेरहमी से मौत के घाट उतार देने वालों के ऊपर से देशद्रोह की धारा हट दी गई। बुलंदशहर के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया और पुलिस को फ़टकार लगाते हुए सभी आरोपियों के ऊपर से धारा 124 ए  (देशद्रोह) को हटा दिया क्योंकि देशद्रोह की धारा लगाने के लिए पुलिस ने प्रदेश के गृहविभाग से अनुमति ही नहीं ली थी।  

 

चिंतनीय यह है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पिछले साल दिसम्बर में हुई हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर के परिजन ने वारदात के आरोपियों के 25 अगस्त को जमानत पर रिहा होने पर उनके फूलमालाओं से स्वागत का वीडियो वायरल होने के बाद जनता ने सरकार से ऐसे अराजक तत्वों को सलाखों के पीछे ही रखने की मांग की थी। तब सामने आए एक वीडियो में बुलंदशहर हिंसा के अभियुक्तों शिखर अग्रवाल और जीतू फौजी का फूल माला पहनाकर स्वागत किये जाने और जश्न के माहौल में उनके समर्थकों को नारे लगाते देखा गया था।

बुलंदशहर हिंसा  के मुख्य आरोपी योगेश राज को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कल जमानत दे दी है। याद रहे कि बजरंग दल का स्थानीय नेता योगेश राज उन लोगों में शामिल था, जिसने महाव गांव में मवेशी का शव मिलने के बाद भड़की हिंसा के दौरान भीड़ को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को मारने के लिए उकसाया था।

 

हिंसा के मुख्य आरोपी को जमानत मिलने के बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी सिंह का आज बयान सामने आया है। जिसमे उन्होंने कहा है कि इस न्याय प्रणाली से मैं बहुत नाराज हूं।  अगर इन्हें (पति) न्याय नहीं मिलेगा तो फिर किसे मिलेगा।  मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अगर देश के लिए जान देने वालों के लिए यह कुछ नहीं कर सकते तो फिर किसके लिए करेंगे? मुझे लगता है कि ये न्याय प्रणाली केवल उनके लिए है जो ताकतवर हैं। एक सिस्टम बन गया है, ये (आरोपी) अपने दल के प्रमुख के पास जाएंगे, उनके पैर चाटेंगे और वो दल के प्रमुख इनकी दलाली करेंगे। अब सिर्फ यही हो रहा है। न्याय प्रणाली में अब कुछ रह ही नहीं गया है।

 

रजनी सिंह ने कहा कि मैंने अमूमन देखा है कि जिस पर एनएसए लगता है, उसे एक साल से पहले जमानत नहीं मिलती है। आरोपी पर अप्रैल में एनएसए लगा था लेकिन उसे दो महीने में जमानत मिल गई।  उन्होंने यह भी कहा कि मुझे ये समझ नहीं आ रहा है कि ये लोग दोषी कहां पर नहीं हैं। अगर योगेश राज और शिखर अग्रवाल इस दंगे को इतनी प्रमुखता नहीं देते तो शायद मेरे घर का प्रमुख आज मेरे साथ होता।रजनी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि इस पूरे मामले पर मुझे बहुत नाराजगी है।  कोई कुछ नहीं कर रहा।  मुझे ऐसा लगता है कि ये लोग एक दिन मुझे ही मार डालेंगे। ये अच्छा रहेगा? तब ना कोई कहने वाला होगा और ना कोई सुनने वाला होगा।

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