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बिल पर टूटे दिल,कांग्रेस-शिवसेना दोस्ती में दरार

कुछ दिनों पूर्व ही महाराष्ट्र में मिलकर सरकार बनाने वाले दो दल आमने – सामने आ गए है ।जिसके चलते महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिवसेना में दरार आ चुकी है। दोस्ती में दरार का कारण नागरिकता संशोधन बिल है। शिवसेना के लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करने से सोनिया गांधी नाराज हैं। इसके बाद कांग्रेस की ओर से गठबंधन तोड़ने की भी धमकी दी जा चुकी है।
अब कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना का अगर यही रुख कुछ मंत्रालय हमारे लिए अहमियत नहीं रखता है। कांग्रेस ने बिल के बारे मे कहा कि इसमें न केवल धर्म के आधार पर भेदभाव किया गया है, बल्कि यह सामाजिक परंपरा और अंतरराष्ट्रीय संधि के भी खिलाफ है। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि यह विधेयक असंवैधानिक है, संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। जिन आदर्शों को लेकर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने संविधान की रचना की थी, यह उसके भी खिलाफ है। बहरहाल, आज कांग्रेस की नजर राज्य सभा में पेश होने वाले बिल पर है। इसमें भी अगर शिवसेना बिल का समर्थन करती है तो महाराष्ट्र में सरकार का रास्ता बंद हो सकता है।
पहले नागरिकता संशोधन विधेयक  की आलोचना करने वाली शिवसेना सदन में अचानक बादल जाती है और बीजेपी के पक्ष में वोट कर देती है। वहीं इसके बाद जब  कांग्रेस गठबंधन तोड़ने कि धमकी देती है तो शिवसेना फिर से बीजेपी खिलाफ हो जाती है। नेता संजय राउत का अब कहना है कि कल जो लोकसभा में हुआ भूल जाइए, लेकिन देखना है कि राज्यसभा में शिवसेना क्या करती है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब तक चीजें स्पष्ट नहीं हो जाती, हम समर्थन नहीं करेंगे।
मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा जब तक चीजें स्पष्ट नहीं हो जाती, हम बिल का समर्थन नहीं करेंगे. अगर कोई भी नागरिक इस बिल की वजह से डरा हुआ है तो उनके शक दूर होने चाहिए । वे भी हमारे नागरिक हैं, इसलिए उनके सवालों के भी जवाब दिए जाने चाहिए। हालांकि आज यह देखना बाकि है कि राज्य सभा में शिवसेना का स्टैंड क्या रहता है।

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