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10 राज्यों में फैला ब्लैक फंगस, UP में मिले 89 केस, 3 की मौत

अभी देश में कोरोना महामारी से लोग निजात पाए नहीं थे कि फिलहाल अब एक और नई बीमारी से दहशत में आ गए हैं । यह बीमारी है ब्लैक फंगस। इस बीमारी में मरीज अपनी आंखो की रोशनी खो देता है। कुछ मामलों में तो जबड़े और नाक की हड्डी तक गल जाती है। ब्लैक फंगस का इलाज काफी महंगा होता है। बताया जा रहा है कि एक इंजेक्शन 5 हजार रुपए का तीन माह तक लगाया जाता है। इसके इलाज पर एक दिन में 50 से 70 हजार रुपए तक खर्च होते हैं।

बताया जाता है कि ब्लैक फंगस की यह बीमारी कोरोना खत्म होने के बाद शुरू होती है। बीमारी उस समय पनपती है जब कोरोना खत्म हो जाता है और आदमी की इम्युनिटी पावर बहुत कम होती है। यानी कि यह बीमारी कमजोरी में अपना घर बनाती है।

म्यूकॉरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मामले गुजरात में सामने आए हैं। इसके अलावा यह महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा भी पहुंच चुका है
। गुजरात में जहां 100 मरीज ब्लैक फंगस के पाए गए । वहीं अब यह उत्तर प्रदेश में भी पैर पसार रहा है । उत्तर प्रदेश में अब तक 89 मरीज इस बीमारी से पीड़ित पाए जा चुके हैं । जबकि 3 लोगों की इस बीमारी की चपेट में आकर मौत हो गई है। जिनमें एक मौत लखनऊ में तथा 2 मौत कानपुर में हुई है । ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मरीज कानपुर में पाए जा रहे हैं।

यूपी के अधिकारियों के आकडो के अनुसार कानपुर में 51, गोरखपुर में 16, लखनऊ में 8, मेरठ में 5 और वाराणसी-झांसी में 3-3, हापुड़ और मथुरा व गाजियाबाद में एक-एक मरीज मिले हैं। ब्लैक फंगस के यह मामले पिछले एक सप्ताह में सामने आए हैं। इसके बाद राज्य सरकारें अलर्ट हो गई हैं। योगी सरकार ने भी स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया है।

इंडियन काउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार म्यूकोरमाइक्रोसिस इंफेक्शन है, जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। यह इंफेक्शन नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है। इस बीमारी में कई बार आंखों की रोशनी तक चली जाती है।

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