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भाजपा की हुई पूरी ‘रामायण’

देश के पांच राज्यों में चुनाव के कारण राजनीतिक माहौल पूरा गर्माया हुआ है। राजनीतिक पार्टियां अपनी सत्ता कायम करने के लिए तरह-तरह के प्रयत्न कर रही है। लेकिन सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल के चुनाव पर देश के लोगों की निगाह है। एक तरफ भाजपा, जिसने पश्चिम बंगाल को जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है तो वहीं ममता बंगाल को दोबारा जीतने के लिए भाजपा को कुचलने की कोशिश कर रही है। बंगाल की राजनीति में खूनी धब्बे शुरू से ही रहे है। अब वहां राजनीति इतनी हिंसक हो रही है कि हर दिन किसी न किसी पार्टी कार्यकर्ता पर हमले की खबर आती रहती है। बंगाल चुनाव में सबसे ज्यादा धर्म का बोलबाला बढ़ गया है। भाजपा जय श्रीराम के उद्घोष के साथ दीदी को लताड़ने में लगे हुए है। तो वहीं दीदी मंदिरों में जाकर खुद को हिंदू साबित करने में लगी हुई है। पौराणिक शो रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। इससे पहले सीता का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया और रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद तिवारी भी भाजपा में शामिल हो चुके है। यानि अब रामायण के सारे किरदार भाजपा में शामिल हो गए है।

अपने एक इंटरव्यू के दौरान दीपिका चिखलिया ने कहा कि “अरुण जी के इस कदम से मैं काफी खुश हूं, पूरा रामायण ही अब बीजेपी में शामिल है। इससे पहले रावण (अरविंद तिवारी) और सीता (दीपिका चिखलिया) बीजेपी का हिस्सा रह चुके थे और अब रामजी ने अपना कदम रखा है। अरुण जी के इस फैसले से आखिरकार अब रामायण पूरी तरह से बीजेपी का हिस्सा बन गई है।” दीपिका ने 1991 में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी, और वडोदरा से भाजपा की सांसद बनी थी। लेकिन अपने बच्चों को समय न देने के कारण उन्हें राजनीति से दूरी बनानी पड़ी।

दीपिका पिछले कुछ सालों से बीजेपी का हिस्सा ना रही हों, लेकिन उनके एक्टिंग करियर में वे ‘हिंदुत्व’ से जुड़ी हुई थीं, जो कि बीजेपी के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। दीपिका ने हाल ही में अपनी एक फिल्म की शूटिंग पूरी की जिसका नाम है ‘हिंदुत्व’। इस बारे में अभिनेत्री ने कहा, “मैंने हाल ही में एक फिल्म की शूटिंग खत्म की है जिसका नाम ‘हिंदुत्व’ है। फिल्म का ज्यादातर हिस्सा ऋषिकेश में शूट किया गया है। मैं इसमें गुरु मां का किरदार निभा रही हूं जो फिल्म के हीरो को हिंदुत्व का महत्त्व सिखाती है। फिल्म की कहानी हिंदुत्व के जरिए कैसे जीवन जिया सकता है, इस पर आधारित है।

बता दें पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव होगा। राज्य में वोटों की गिनती 2 मई को होगी। राज्य में विधानसभा में 295 सदस्य है जिनमे 294 सीधे जनता के द्वारा तथा एक सदस्य ऐंग्लो इंडियन समुदाय का नामांकित किया जाता है। इसका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। 2016 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को 210 सीटें मिली थी, कांग्रेस को 44 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्कवादी को 25 सीटें मिली थी। भारतीय जनता पार्टी को केवल तीन सीटें ही मिली थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में 42 में से 18 सीटें जीती थी, जिसके बाद भाजपा के हौसले बुलंद हुए थे। इस बार कांग्रेस की बजाय बीजेपी ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर दे रही है।

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