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दिल्ली में ऑक्सीजन ऑडिट पर भाजपा – आप में रार

सुप्रीम कोर्ट की ओएटी यानी कि ऑक्सीजन ऑडिट टीम की एक कथित रिपोर्ट के सामने आने के बाद एक बार फिर से भाजपा और आपके बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति परवान चढ़ने लगी है। भाजपा का आरोप हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई ऑक्सीजन ऑडिट टीम की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जरूरत से 4 गुना ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड की थी। इससे 12 राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित हुई। यही नहीं बल्कि दिल्ली के साथ ही देश भर के कोरोना मरीज पैनिक हुए थे। हालांकि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट की नहीं बल्कि भाजपा की है।

 

इस पूरे मामले को समझने के लिए ” दि संडे पोस्ट ” शुरुआत मे लिखी गई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चिट्ठी को सामने रख रहे हैं। तब केंद्र ने दिल्ली में 730 टन ऑक्सीजन भेजी थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बकायदा चिट्ठी लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया था।

केजरीवाल की पीएम मोदी को पहली चिट्ठी

केजरीवाल ने चिट्ठी में लिखा था कि केंद्र सरकार की तरफ से पहली बार दिल्ली को 730 टन ऑक्सीजन भेजी गई है। दिल्ली के लोगों की तरफ से मैं आभार व्यक्त करता हूं। राज्य की खपत 700 टन ऑक्सीजन रोजाना है। इसके लिए हम काफी समय से केंद्र से प्रार्थना कर रहे थे। आपसे विनती है कि इतनी ही ऑक्सीजन हमें रोज मिले और इसमें किसी तरह की कटौती न की जाए।

केजरीवाल की पीएम मोदी को दूसरी चिट्ठी

इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए दूसरी चिट्ठी लिखी। जिसका सार कुछ इस तरह है। ” यदि हमें लगातार 700 टन ऑक्सीजन भेजी जाती है तो हम दिल्ली में 9000-9500 मरीजों का ऑक्सीजन का इंतजाम कर सकते हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इसके बाद दिल्ली में किसी को ऑक्सीजन की कमी से नहीं मरने दिया जाएगा। पिछले कुछ दिनों में ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों को बेड की कैपेसिटी घटानी पड़ी थी। मैं सभी अस्पतालों से अनुरोध करता हूं कि वे अब बेड की संख्या वापस बढ़ा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने किया ऑक्सीजन ऑडिट टीम का गठन

इसी दौरान जब कोरोना काल में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मच रहा था .तब सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑक्सीजन ऑडिट टीम का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की बेच ने 12 सदस्यीय टास्क टीम का गठन कर उनसे ऑक्सीजन वितरण जरूरत और सप्लाई पर ऑडिट रिपोर्ट मांगी थी । इस टीम ने दिल्ली के लगभग सभी बड़े अस्पतालों में ऑडिट किया।

 

भाजपा का दावा केजरीवाल ने की 4 गुना ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड

ऑक्सीजन टास्क टीम के द्वारा 29 अप्रैल से 10 मई के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन का ऑडिट कराया गया। दिल्ली सरकार ने इस दौरान 1140 एमटी ऑक्सीजन की जरूरत बताई थी । अब भाजपा का दावा है कि इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली को 1140 एमटी ऑक्सीजन की बजाय मात्र 300 एमटी ऑक्सीजन की जरूरत थी। मतलब यह है कि उस दौरान दिल्ली सरकार द्वारा 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पर बल दिया था। लेकिन तब दिल्ली को सिर्फ 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी।

 संबित पात्रा ने कहा केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में बोला झूठ

इस पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि केजरीवाल ने ऑक्सीजन को लेकर दूषित राजनीति करके जघन्य अपराध किया है। इस आपराधिक लापरवाही के लिए उन्हें उच्चतम न्यायालय में दोषी ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने ऑक्सीजन रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उन्होंने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा निर्देशों के अनुसार ऑक्सीजन की जरूरत की गणना की थी। मगर जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने केजरीवाल से आईसीएमआर की दिशा निर्देशों की प्रति मांगी तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

 

एक ही दिन में बताया गया दो अलग-अलग आंकड़ा

पात्रा ने आप सरकार को यह कहकर कटघरे में ले लिया कि छह मई को श्री केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन करके 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग की थी। उसके कुछ घंटे बाद उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्डा ने कहा था कि उन्हें 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन चाहिए। एक ही दिन में दो अलग-अलग आंकड़ा बताया गया। यह कहीं न कहीं एक साजिश के तहत किया गया है, दिल्ली सरकार ने अपनी गलती छिपाने के लिए केंद्र पर दोषारोपण किया। ऑक्सीजन ऑडिट के लिए गठित समिति के अनुसार दिल्ली सरकार की तरफ से 25 अप्रैल से 10 मई के बीच ऑक्सीजन की जो मांग रखी गयी। वह वास्तविक आवश्यकता से चार गुना तक अधिक थी।

 

 मनीष सिसोदिया ने कहा भाजपा पेश कर रही झूठी रिपोर्ट

इसके बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया के समक्ष जो उजागर किया उसमें कहा गया कि यह रिपोर्ट भाजपा की है। ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। हमने उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ के सदस्यों से बात की है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी रिपोर्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भाजपा झूठी रिपोर्ट पेश कर रही है।  जो उसकी पार्टी मुख्यालय में तैयार की गई है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि ऐसी रिपोर्ट पेश करें, जिस पर ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हों।

 

ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हुआ केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन के कारण

ऐसा करके भाजपा केवल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अपमान नहीं कर रही, बल्कि उन लोगों का भी अपमान कर रही है जिन्होंने कोरोना वायरस के कहर के प्रकोप के दौरान अपने परिवार वालों को खो दिया। यही नहीं बल्कि सिशोदिया ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन के कारण ही ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हुआ था। दिल्ली में अप्रैल तथा मई में कोविड-19 की दूसरी लहर का बहुत बुरा असर हुआ था। इस दौरान शहर के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण रोजाना कई लोगों की मौत हुई थी।

 

जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जग कर ऑक्सीजन का इंतज़ाम कर रहा : केजरीवाल

ऑक्सीजन ऑडिट मामले में घेराबंदी होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सफाई पेश की है। केजरीवाल ने ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने कहा कि मेरा गुनाह यह है कि मैं अपने दो करोड़ लोगों की सांसों के लिए लड़ा। जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जाग कर ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सीजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है। जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जग कर ऑक्सीजन का इंतज़ाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सिजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया । लोगों ने ऑक्सिजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा हैं।

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