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MP के बाद अब राजस्थान पर BJP की नजर, CM ने सभी MLA को किया कैद 

MP के बाद अब राजस्थान पर BJP की नजर, CM ने सभी MLA को किया कैद 

राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटों पर 19 जून को चुनाव प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर वीरभूमि राजस्थान में राजनीति का पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं कि वह उनके विधायकों की खरीद-फरोख्त करना चाहती है। जिसके मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी विधायकों को जयपुर स्थित एक रिसॉर्ट में लॉकअप कर दिया है। फिलहाल राजस्थान सरकार डरी हुई है । पूरे मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की नजर है।

जबकि राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाया है कि कर्नाटक और मध्‍य प्रदेश की तर्ज पर राजस्‍थान की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं बल्कि उन्‍होंने इस संबंध में राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख को पत्र लिखा है।  पत्र में हालांकि, बीजेपी के नाम का जिक्र नहीं है लेकिन इशारा इसी पार्टी की ओर है। महेश जोशी के पत्र में कहा गया है कि हमारे विधायकों और उन निर्दलीय उम्मीदवारों, जिन्‍होंने हमें समर्थन दिया है, को धन शक्ति के साथ लुभाने की कोशिश की जा रही है।

 

गौरतलब है कि कई दिनों से राजस्थान के कांग्रेस विधायक यह कहते सुने जा रहे थे कि उनके पास दिल्ली से भाजपा नेताओं के फोन आ रहे हैं। भाजपा के नेता उनको पार्टी ज्वाइन करने के लिए लालच दे रहे हैं। हालांकि, कौन भाजपा नेता कांग्रेस विधायकों को लालच दे रहा है तथा फोन कर रहा है, इसके बाबत कांग्रेस के विधायकों ने कुछ नहीं बताया। लेकिन इसके बाद राजस्थान की राजनीति में अचानक तपिश पैदा हो गई ।

कोरोना काल में जहां जनता लॉक डाउन में अपने घरों में रह रही है वही राजस्थान सरकार ने अपने 100 से ज्यादा विधायकों को ही लॉकअप कर दिया हैं। दरअसल, राजस्थान सरकार को अपने साथ मध्य प्रदेश सरकार जैसी पुनरावृत्ति होने का डर सता रहा है।

MP के बाद अब राजस्थान पर BJP की नजर, CM ने सभी MLA को किया कैद 

उधर, भाजपा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। भले ही कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाए, लेकिन खुद का उनका घर सुरक्षित नहीं है। पुनिया ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार को अपने विधायकों पर भी भरोसा नहीं है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यूं तो खाटी राजनेता कहीं जाते हैं। लेकिन भाजपा के राजनीतिक तीरों से वह आहत दिखे । गहलोत ने कहा कि उनके विधायक बहुत समझदार है और वह पूरे खेल को समझ गए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने हमारे विधायकों को को खूब लालच देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन यह भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां एक भी पैसे का सौदा नहीं होता। यह इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसी धरती का मुख्यमंत्री हूं जिसके लाल बिना लालच के सरकार का साथ देते हैं कि राज्य में सरकार स्थिर रहनी चाहिए।

 

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1 दिन पूर्व कांग्रेस नेता और पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने एक ट्वीट करते हुए अपनी पार्टी की सच्चाई को उजागर किया और कहा कि कांग्रेस के विधायक लॉकअप में है। जबकि इससे पहले कांग्रेस ने भाजपा पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए सभी विधायकों को मुख्यमंत्री आवास जयपुर में बुलाया। बताया जा रहा है कि इसके बाद विधायकों को सीधे जयपुर दिल्ली हाईवे पर स्थित एक रिसॉर्ट में लॉकअप कर दिया गया है ।

देखा जाए तो यह मामला राज्यसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। राज्यसभा की 3 सीटों के चुनाव 19 जून को होना निश्चित हुए हैं। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने 2 कैंडिडेट खड़े किए हैं । जिनमें एक केसी वेणुगोपाल है और दूसरे नीरज डांगी। जबकि दूसरी तरफ भाजपा ने राजेंद्र गहलोत को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि बाद में भाजपा के ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा दाखिल कर दिया है।

लेकिन देखा जाए तो आंकड़ों के हिसाब से राजस्थान में कांग्रेस का पलड़ा भारी है ।यहां 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं। जिनमें 101 विधायक कांग्रेस के हैं तथा छह विधायक वह हैं जो पिछले साल बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए। इसके अलावा बताया जा रहा है कि 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 विधायकों को कांग्रेस का समर्थन मिल रहा है। इस तरह 119 विधायक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ है। अब देखना यह होगा कि यह चुनावी चाल भाजपा और कांग्रेस के राज्यसभा चुनावों को कितना प्रभावित करती है।

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