[gtranslate]
Country

भाजपा का भ्रष्टाचार

पश्चिम बंगाल की चुनावी रैलियों में केंद्रीय गृहमंत्री दहाड़ते घूम रहे हैं कि यदि भाजपा राज्य में सत्ता पाई तो ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेजा जाएगा। शाह के अनुसार ममता और उनके भतीजे ने पिछले दस बरस के दौरान जमकर लूट मचाई है। यहां तक कि केंद्र सरकार ने जो दस हजार करोड़ बंगाल में आए अम्फान तूफान के बाद बतौर राहत भेजी थी उसमें भी भारी भ्रष्टाचार किया गया। भाजपा नेता ऐसे आरोप और भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने की बात जहां कहीं भी चुनाव हो करते आए हैं। हकीकत में चुनाव बाद ऐसे आरोपित नेताओं को न तो कभी भाजपा ने जेल भेजा, न ही भविष्य में ऐसा कुछ होने जा रहा है।

कमाल यह कि कई बार जिन नेताओं पर भाजपा ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मढ़े, उन्हें ही अपनी पार्टी में शामिल कर डाला है। उदाहरण बंगाल का सामने है। जिनके दम पर भाजपा राज्य में चुनाव लड़ रही है उनमें से सभी बड़े चेहरे पहले तृणमूल में थे। मुकुल राॅय, शुभेंदु अधिकारी जैसे नेताओं को शारदा चिट फंड घोटाले का आरोपी कह भाजपा ने महाभ्रष्ट तक घोषित किया। केंद्र की जांच एजेंसियां इनके घरों के भीतर तक पहुंची लेकिन जैसे ही ये भाजपा संग हो लिए, सारा भ्रष्टाचार शिष्टाचार में बदल गया। वर्ष 2014 में जम्मू-कश्मीर के चुनाव दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के निशाने पर मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी पुत्री महबूबा मुफ्ती रहे। स्वयं पीएम ने उन पर राज्य को लूटने का आरोप लगाया। चुनाव बाद पूरी बेहयायी से उनके संग मिलकर सरकार बना डाली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति राॅबर्ट वाड्रा पर भी 2014 में जमकर प्रहार किया गया था। मोदी सरकार को केंद्र की सत्ता में काबिज हुए सात बरस बीत चुके हैं लेकिन वाड्रा को जेल भेजने का वादा अभी तक पूरा न तो किया गया, न ही ऐसा कुछ करने की मंशा अब नजर आ रही है।

हरियाणा में भाजपा के निशाने पर चैटाला परिवार रहता आया है। इस बार लेकिन उसी चैटाला परिवार का साथ लेकर भाजपा ने सरकार बना डाली। महाराष्ट्र में भी कुछ ऐसा ही करने का प्रयास किया गया। शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार को पीएम मोदी और शाह हमेशा लुटेरा कह पुकारते थे। जब शिवसेना संग रिश्ते बिगड़ते तो बगैर किसी लाज-शर्म के अजीत पवार संग मिलकर सरकार बना डाली। यह दीगर बात है कि शरद पवार ने गेम उलट दिया। लगभग देश के हर राज्य में भाजपा का यही दोहरा चरित्र-दोहरा मापदण्ड देखने को मिलता है। 2013 में केदारनाथ में आई भीषण आपदा के लिए भाजपा ने पानी पी-पीकर उत्तराखण्ड के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को कोसा था। उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी मढ़े थे। 2016 में लेकिन विजय बहुगुणा का पार्टी ने बाहें फैला कर स्वागत कर उन्हें भाजपाई बनाने से गुरेज नहीं किया।एक वक्त था जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेता सुखराम भाजपा के निशाने पर रहते थे। 2017 में उन्हीं के बेटे अनिल शर्मा को पार्टी ने ‘खुलेमन’ ने अपना बना डाला। 2010 में ‘गुवाहाटी पानी घोटाले’ के लिए भाजपा ने जिन कांग्रेसी नेता को मुख्य आरोपी बताया था, उन्हीं हेमंत बिस्वास शर्मा के दम पर पार्टी ने असम में सरकार बना डाली। राजनीतिक विश्लेषक इसे अवसरवादी राजनीति की पराकाष्ठा मानते हुए भाजपा के चाल-चरित्र और चेहरे में आया भारी विचलन करार देते हैं।

You may also like

MERA DDDD DDD DD