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नैनवाल बंधुओं पर भाजपा में वार, आर्य – भट्ट में खिची तलवार

 

कहते हैं कि राजनीति और जंग में सब कुछ जायज है । नैनीताल जनपद की राजनीति में यह सब कुछ देखने को मिल रहा है । बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को लेकर भाजपा के दो बड़े नेताओं में तलवार खिंच गई है । भाजपा के ही भीतरी सूत्रों की माने तो दोनों ही नेताओ में नैनवाल को लेकर वार शुरू हो गया है।

मामला बेतालघाट ब्लॉक के चुनाव में भाजपा के बागी बने प्रमोद नैनवाल और सतीश नैनवाल से जुड़ा हुआ है । याद रहे कि यह वही नैनवाल है जिनपर पत्रकार गोली कांड में एफाईआर दर्ज हुई थी। यहा यह भी उल्लेखनीय है कि करीब 4 माह पूर्व ही नैनवाल बंधुओ को बैकडोर से भाजपा में एंट्री दिलाई गई थी । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल लोकसभा सांसद अजय भट्ट की मर्जी के खिलाफ जाकर उनके कुछ विरोधी पार्टी नेताओ ने नैनवाल को पार्टी ज्वाईन कराई थी। तब भट्ट को इस बात का गहरा सदमा लगा था। लेकिन वह तब नैनीताल लोकसभा से प्रत्याशी होने के चलते सब्र का घूंट भर कर रह गए थे । यहा यह भी याद दिलाना जरुरी है कि अजय भट्ट की प्रदेश के सीएम बनने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा प्रमोद नैनवाल ही बने थे । यह प्रमोद नैनवाल ही थे जिन्होंने अजय भट्ट के खिलाफ भाजपा का बागी उम्मीदवार बनकर चुनाव लड़ा था । 2017 के विधानसभा चुनाव में अजय भट्ट की हार का कारण प्रमोद नैनवाल ही बने थे ।

फिलहाल एक बार फिर नैनवाल बंधुओं को भाजपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है । इस बार भी नैनवाल पर बागी बनने का आरोप है । मजेदार बात यह है कि नैनवाल को भाजपा में सपोर्ट करने के लिए जहां प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और नैनीताल के विधायक संजीव आर्य का नाम आ रहा है वहीं दूसरी तरफ नैनवाल बंधुओं को बागी घोषित कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने दिलचस्पी दिखाई है । इस तरह भाजपा की राजनीति में एक बार फिर नैनवाल बंधुओ ने उथल-पुथल मचा दी है ।

हालांकि पार्टी लाइन से इतर बागी बन कर पार्टी समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के आरोप में प्रमोद नैनवाल और सतीश नैनवाल को ही बाहर नहीं किया गया है बल्कि इसके साथ ही आधा दर्जन नेता और भी है जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण भाजपा से बाहर कर दिया गया है । इनमें रामनगर के भाजपा विधायक दीवान सिंह बिष्ट के पुत्र और पुत्रवधू भी शामिल है लेकिन फिलहाल रामनगर के भाजपा विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने बैकफुट पर आ गए हैं जिसके चलते उन्होंने अपनी पुत्रवधू को भाजपा समर्थित प्रत्याशी के सामने से हटा लिया है इस तरह रामनगर ब्लाक प्रमुख का चुनाव में भाजपा के लिए अंदर खाने अपनी ही पार्टी का भीतर ज्ञात करना खत्म हो गया है लेकिन वहीं दूसरी तरफ बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है यहां भाजपा नेता प्रमोद नैनवाल और सतीश नैनवाल ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी भावना जोशी के सामने अपनी बहन आनंदी देवी को चुनाव लड़ाने के लिए मैदान में उतार दिया है ।

इस बाबत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे या लड़ा रहे नेताओं को वार्निंग भी दी थी । लेकिन नैनवाल बंधुओ पर अजय भट्ट की इस वार्निंग का कोई असर नहीं हुआ । फिलहाल नैनवाल बंधुओं की बहन आनंदी देवी और भाजपा समर्थित प्रत्याशी भावना जोशी एक दूसरे के विपरीत ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ रही है । चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लाक प्रमुख बेतालघाट के इस चुनाव में भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है ।प्रमोद नैनवाल और सतीश नैनवाल को जहां प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र नैनीताल के विधायक संजीव आर्य का समर्थन बताया जा रहा है । तो दूसरी तरफ भावना जोशी को अजय भट्ट ब्लॉक प्रमुख बनाने की राह पर चल पड़े हैं । भावना जोशी को कांग्रेस से लाकर भाजपा ज्वाइन कराने वाले भी अजय भट्ट ही है। अभी एक सप्ताह पूर्व ही वह कांग्रेस से भाजपा में आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बेतालघाट से कौन ब्लॉक प्रमुख बनता है ,भाजपा का बाकी खेमा या भाजपा समर्थित प्रत्याशी ।

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