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जन्मदिवस स्पेशल :मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बातें करतें हैं तुम होती तो कैसा होता………

अपनी दमदार आवाज और अभिनय के दम पर दर्शकों को अपना दीवाना बनाने वाले बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का आज 77वां जन्मदिन है।
11 अक्टूबर, 1942 को जन्मे अमिताभ बच्चन अपनी जिंदगी में एक्टर नहीं बल्कि इंजीनियर बनना चाहते थे, साथ ही एयरफोर्स में जाने का भी उनका सपना था। इलाहाबाद में जन्में अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की शुरुआत कोलकत्ता में बतौर सुपरवाइजर की जहां उन्हें 800 रुपये मासिक वेतन मिला करता था। साल 1968 मे कलकत्ता की नौकरी छोड़ने के बाद मुंबई आ गये। बचपन से ही अमिताभ बच्चन का झुकाव अभिनय की ओर था और दिलीप कुमार से प्रभावित रहने के कारण वह उन्हीं की तरह अभिनेता बनना चाहते थे।

जब राजनीति के क्षेत्र में उतरें थें बॉलीवुड शहंशाह 
अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री के साथ -साथ राजनीति में भी जा चूकें हैं।  एक समय ऐसा था जब गांधी परिवार से नजदीकियों की वजह से अमिताभ को इंदिरा गांधी का तीसरा बेटा तक कहा जाता था। फिर कुछ दिनों बाद ही उन्होंने राजनीति से सन्यास भी ले लिया था।
दरअसल इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अपने दोस्त राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में आए अमिताभ बच्चन 1984 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतरे थे। चुनाव के समय इलाहाबाद की गलियों में अमिताभ के पोस्टर लगाकर विरोधी पार्टी के नेता उनका मजाक उड़ाते थे। उन्हें नचनिया कहते थे। लेकिन इन सबसे हटकर अमिताभ बच्चन यूपी के पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा को हराने में सफल हो गए थे। लेकिन राजनीति ने ऐसी करवट ली कि बोफोर्स घोटाले में नाम आने के बाद सांसद अमिताभ का राजनीति से मोह भंग हो गया और उन्होंने राजनीति छोड़ दी।


एक इंटरव्यू में बिग बी ने राजनीति में एंट्री को लेकर कहा था- ”मेरा वह फैसला भावनात्मक था। मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया लेकिन राजनीति में आने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं। मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी।”

फिल्म इंडस्ट्री में फ्लॉप होती फिल्मों को देखकर हो गए थे उदास 
फिल्मों की बात करें तो अमिताभ ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। ऐसा नहीं है कि उन्होंने अपने करियर में सिर्फ सफलता ही देखी है। एक वक्त ऐसा था जब लगातार फ्लॉप होती फिल्मों से परेशान अमिताभ बच्चन मुंबई छोड़कर अपने मां-बाप के पास दिल्ली वापस जा रहे थे तब मनोज कुमार ने अमिताभ को रोका और अपनी फिल्म ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ में मौका दिया। अमिताभ ने ‘जंजीर’ से पहले ‘रोटी कपड़ा और मकान’ साइन की थी। ये फिल्म हिट हुई साथ ही अमिताभ का दौर फिर से आ गया जो आज तक कायम है। उनकी फिल्में आती रहीं, पिटती भी रहीं। समय का पहिया ऐसे घूमा कि ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से टीवी पर जोरदार दस्तक के साथ ‘सरकार’, ‘पा’, ‘चीनी कम’, ‘ब्लैक’ जैसी फिल्मों से उनके अभिनय का वृक्ष आज लहलहा रहा है।

जब मौत के मुँह से बचकर आए बिग बी  
सुपर स्टार के रूप मे अमिताभ बच्चन किस उंचाई पर पहंच चुके थे इसका सही अंदाजा लोगों को तब लगा जब 1982 में निर्माता-निर्देशक मनमोहन देसाई की फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद लगभग मौत के मुंह मे पहुंच गए थे। इसके बाद देश के हर मंदिर, मस्जिद और गुरुदारे में लोगों ने उनके ठीक होने की दुआएं मांगी मानों अमिताभ बच्चन उनके ही अपने परिवार का कोई सदस्य हो। लोगो की दुआएं रंग लाई और अमिताभ जल्द ही ठीक हो गये।

बेटी स्वेता के बहुत करीब हैं अमिताभ 
बिग बी के जन्मदिन के इस खास मौके पर उनकी बेटी श्वेता बच्चन नंदा ने भी अपने पापा को खास तरीके से बधाई देते हुए ट्वीट किया, ”जब आप पहाड़ की चोटी पर भी पहुंच जाएं, तो भी आप आगे बढ़ते रहें- जन्मदिन की ढेर सारी बधाई हो पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ।”

रेखा के साथ रहा आधा -अधूरा प्यार  
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और रेखा की जोड़ी को सदाबहार जोड़ी कहा जाता हैl इन दोनों को लेकर अक्सर अफेयर की खबरें भी आती रहती हैl हालांकि दोनों ने कभी भी इस बात की पुष्टि नहीं की हैl रेखा का जन्मदिवस भी अमिताभ से एक दिन पहले ही होता हैं।

रेखा और अमिताभ की मुलाकात पहली बार फिल्म ‘दो अंजाने’ के सेट पर हुई थी। अमिताभ सुपरस्टार बन चुके थे और जया से शादी भी हो चुकी थी। लेकिन रेखा को कोई खास पहचान नहीं मिली थी।

शूटिंग शुरू होने के साथ-साथ इन दोनों की गुपचुप प्रेम कहानी भी शुरू हो गई। फिल्म हिट रही और इनकी जोड़ी इतनी पसंद की गई कि उन्हें ‘सुहाग’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ और ‘राम बलराम’ जैसी कई और फिल्में साथ में ऑफर हुईं।

2019 का ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ किया अपने नाम   

दादा साहब फाल्के पुरस्कार सिनेमा का सबसे बड़ा योगदान है और कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है। हर साल किसी एक अभिनेता या अभिनेत्री को इस पुरस्कार के लिए चुना जाता है। फिल्मी सितारों के अलावा कई राजनेताओं और कैबिनेट मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए अभिताभ बच्चन को इस बड़े पुरस्कार के लिए बधाई दी है।

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