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किन्नरों को खाकी वर्दी पहनाने वाला दूसरा राज्य बनेगा बिहार

किन्नरों को हमारे देश में सिर्फ ताली बजाने वाला और खुशियों के अवसर पर बधाई देने औऱ उगाही करने वाला वर्ग माना जाता है। अभी पिछले दिनों यह भी पहली बार हुआ था कि किन्नरों पर रेप केस की धारा का प्रावधान किया जाना चाहिए । अभी तक किन्नरों पर रेप केस होने पर किस धारा में मामला दर्ज करें यह कानून में कहीं स्पष्ट नहीं है।
इसी के साथ ही अब बिहार देश का दूसरा राज्य बन गया है। जहां किन्नरों को खाकी वर्दी पहनाई जाएगी। यानी कि किन्नर अब पुलिस सेवा में ड्यूटी करेंगे । बिहार सरकार किन्नरों की सीधी भर्ती करने जा रही है। यह देश में दूसरी बार हो रहा है, जब ताली बजाने वाले एक वर्ग के हाथ में कानून का डंडा होगा। जबकि इससे पहले छत्तीसगढ़ में किन्नरों को 2018 में पुलिस में भर्ती करने की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है।
बिहार सरकार ने सिपाही और अवर निरीक्षक के पदों पर किन्नरों की सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद गृह विभाग ने कल इससे जुड़ा संकल्प पत्र भी जारी कर दिया है। फिलहाल, 500 पदों पर एक पद किन्नर समुदाय के लिए आरक्षित होगा। जहां तक किन्नरों की बिहार पुलिस में बहाली का सवाल है तो सिपाही के पद के लिए पुलिस अधीक्षक को यह अधिकार दिया गया है कि वह किन्नर की बहाली कर सकता है ,  वहीं सब इंस्पेक्टर पद के लिए किन्नर की बहाली का अधिकार डीआईजी लेवल के अधिकारी को दिया गया है.
इस तरह बिहार पुलिस में सिपाही औऱ पुलिस सब इंस्पेक्टर संवर्ग में प्रत्येक 500 पदों पर एक पद किन्‍नर समुदाय के लिए आरक्षित रहेगा। इस पद के लिए सरकार अलग से विज्ञापन भी प्रकाशित करेगी। अगर किन्‍नर के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्ति के क्रम में चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति कम पड़ जाती है, तो आरक्षित शेष रिक्तियों को उसी मूल विज्ञापन के सामान्य अभ्यर्थियों से भरने की कार्यवाही की जाएगी।
बिहार पुलिस में किन्नरों की सीधी नियुक्ति के लिए शैक्षणिक अहर्ता बिहार पुलिस हस्तक 1978 के सिपाही तथा पुलिस अवर निरीक्षक संवर्ग के अनुसार ही होगी। किन्नर अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक मापदंड तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा का मापदंड संबंधित संवर्ग के महिला अभ्यर्थियों के समान होगा। अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उम्र विज्ञापन के अनुसार होगा और अधिकतम उम्र सीमा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कोटे के समरूप ही छूट प्राप्त होगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की कुल जनसंख्या 10.41 करोड़ थी, जिनमें किन्‍नर वर्ग की जनसंख्या 40,827 थी। इस प्रकार राज्य की जनसंख्या में इस वर्ग का प्रतिनिधित्व प्रत्येक एक लाख में 39 है। सामान्यत: आरक्षण की व्यवस्था जनसंख्या के प्रतिनिधित्व के समरूप रहती है। याद रहे कि  बिहार पुलिस में वर्तमान स्वीकृत बल 1,30,243 है।

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