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रुपेश हत्याकांड पर घिरी बिहार सरकार , बढ़ता अपराध बना बड़ा मुद्दा 

इंडिगो के स्टेशन हेड रुपेश सिंह की पटना में की गई सरेआम हत्या मामले से बिहार की राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है। चौकाने वाली बात यह है कि राजद सरकार में जिस  कानून व्यवस्था के मुद्दे को उछालकर नीतीश कुमार ने बिहार की सत्ता पाई थी अब वह उसी मुद्दे पर बुरी तरह घिरते नजर आ रहे है। विपक्ष के साथ – साथ अब सत्ता पक्ष भी नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगी है। इस घटना के तुरंत बाद भाजपा के राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। बीजेपी सांसद ने रूपेश की हत्या को बिहार पुलिस पर प्रश्न वाचक चिन्ह बतलाते हुए कहा कि मृतक की आपराधिक पृष्ठभूमि नही होने के बावजूद एक दर्जन गोली मारकर हत्या करना एनडीए सरकार के लिये चिंता का विषय है।

इस घटना के तुरंत बाद जहां विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे सुशासन का नमूना बतलाया तो पप्पू यादव ने नीतीश के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तंज कसा है कि राज्य में अपराधी जितना अधिक तांडव मचाएंगे, नाीतीश कुमार के पांच पांडव उतनी ही मौज मनाएंगे।  तेजस्वी ने अखबारों के कतरन को साझा करते हुए ट्वीट किया कि बढ़ते बेलगाम अपराध से बिहार के व्यवसायी डरे… प्रतिदिन बैंकों व दुकानों में हो रही करोड़ों की लूट…कहीं बम ब्लास्ट तो कहीं अंधाधुँध गोलीबारी..सरेआम अपहरण और महिलाओं के साथ दुष्कर्म..जितना होगा अपराधियों का ताबड़तोड़ तांडव..उतना मौज मनायेंगे नीतीश के खास पाँच पांडव् ”

दूसरी ओर कांग्रेस के बिहार प्रभारी महासचिव भक्त चरण दास हो या फिर प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा सभी नेताओ ने इसे बिहार में जंगल राज करार दिया है। वही राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बीजेपी से नीतीश सरकार से समर्थन वापस लेने की सलाह दे डाली है।  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व बिहार प्रभारी सांसद संजय सिंह ने नीतीश सरकार पर अपराध रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध, हत्या, लूट और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ गईं हैं और सरकार मौन है। बढ़ते अपराध के बाद बिहार में सुशासन कहना हास्यास्पद होगा। बिहार में कानून का राज है तो अपराध की घटनाओं पर सरकार चुप क्यों है?

हालाँकि इस हत्याकांड की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। लेकिन लोगों की मांग है कि इस मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया जाना चाहिए। हत्या की यह वारदात दो दिन पहले हुई। शाम सवा सात बजे बिहार की राजधानी पटना में जब हालात पूरी तरह सामान्य थे तब इंडिगो के मैनेजर की हत्या कर दी गई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जब अपार्टमेंट के पास पहुंचे थे उन्होंने देखा कि ड्राइविंग सीट की साइड विंडो चकनाचूर होकर गिरी पड़ी है और हर जगह कांच बिखरा पड़ा है।  वहीं चालक सीट पर बैठे रूपेश सिंह लहू-लुहान अधमरे से पड़े हुए थे। यह सनसनीखेज वारदात मुख्यमंत्री निवास से महज दो किलोमीटर दूरी पर हुई। गौरतलब है कि नीतीश कुमार के राज में बिहार में अपराध की घटनाएं बेतहाशा बढ़ी हैं। इस वजह से विपक्षी पार्टियां सरकार पर हमलावर हैं।  बिहार में साल 2020 में जनवरी से लेकर सितंबर तक 2406 हत्याए, 1106 रेप की वारदात रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े के मुताबिक औसतन हर दिन 9 हत्याए और चार रेप की घटना बिहार में हो रही है।

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