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देशभर में कोरोना की भयंकर लहर चल रही है। हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों में तालमेल का अभाव बेहद  ताजनक है। राजनीतिक रैलियां और धार्मिक आयोजन स्थिति को बिगाड़ने के बड़े कारण बन रहे हैं

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर इस कदर बेलगाम है कि कई शहरों और राज्यों में नाइट कफ्र्यू लग चुका है। कई जगहों पर संपूर्ण लाॅकडन तक कर दिया गया है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि राज्यों से वैक्सीन की कमी की शिकायतें आ रही हैं। अस्पतालों में बिस्तरों और आॅक्सीजन की कमी देखी जा रही है। देश में हालात दिन प्रतिदिन हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं, लेकिन देश की सत्ता में काबिज भाजपा और अन्य जिम्मेदार राजनीतिक पार्टियां भी चुनावी रैलियों में जमकर कोरोना गाइड लांस की धज्जियां उड़ा रही हैं। धार्मिक आयोजनों में कोरोना फैल रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। हरिद्वार में चल रहा कुंभ मेला इसका उदाहरण है। जहां सरकार और मेला प्रशासन ने एक तरह से कोरोना को खुली छूट दे रखी है।

महाराष्ट्र में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सीएम उद्धव ठाकरे को कहना पड़ा कि अब लाॅकडाउन के अलावा उनके सामने और कोई विकल्प नहीं है। हालांकि मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने लाॅकडाउन की संभावना को खारिज किया था, लेकिन जिस तरह से हालात बिगड़ रहे हैं उससे आने वाले दिनों में लाॅकडाउन से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

इन राज्यों में लगा नाइट कफ्र्यू

अभी तक दिल्ली, यूपी के कुछ शहरों, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा जैसे राज्यों के कई शहरों में नाइट कफ्र्यू लगाया गया है। यहां हर दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। मामले हर दिन नया रिकाॅर्ड बना रहे हैं और ऐसा ही रहा तो स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा सकती है।

महाराष्ट्र में हर दिन 50 हजार मामले

कोरोना वायरस से महाराष्ट्र राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। जहां हर दिन 50 हजार से अधिक नए मामले आ रहे हैं। राज्य में अभी तक नाइट कफ्र्यू के अलावा वीकेंड का लाॅकडाउन हैं लेकिन जल्द ही संपूर्ण राज्य में लाॅकडाउन लगेगा। केंद्र ने महाराष्ट्र के 30 सबसे प्रभावित जिलों के लिए केंद्रीय दल भेजे हैं और ये दल कोविड-19 के प्रसार के कारणों को समझने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में लाॅकडाउन

छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है जहां कोरोना से हालात बिल्कुल बेकाबू हो चुके हैं। राज्य में कोरोना के संक्रामितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। यहां कई जिलों में लाॅकडाउन लगा दिया गया है। बिलासुपर में 14 अप्रैल से 21 अप्रैल, सरगुजा में 13 अप्रैल से 23 अप्रैल, बलरामपुर में 14 अप्रैल 25 अप्रैल, मुंगेली 14 अप्रैल से 21 अप्रैल जांजगीर-चांपा 13 अप्रैल 23 अप्रैल तक लाॅकडाउन की घोषणा की गई है। इन क्षेत्रों में कई तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा रहेगा। इसके साथ ही राज्य के 28 जिलों में से 18 में लाॅकडाउन लगाया गया है।

दिल्ली में कफ्र्यू
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। बिगड़ते हालात को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच हुई समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोरोना की इस लहर से सतर्क रहने और नियमों का पालन करने के लिए कहा है। उन्होंने ऐलान किया है कि हालात को देखते हुए सरकार ने राजधानी में साप्ताहिक कफ्र्यू लगाने का फैसला लिया है। दिल्ली में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हर सप्ताह शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक कफ्र्यू लागू रहेगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में बेड की कोई कमी नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पांच हजार से भी अधिक बेड फिलहाल उपलब्ध हैं। इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को वीकेंड कफ्र्यू के दौरान पास जारी किए जाएंगे। माॅल, जिम, स्पा और आडिटोरियम बंद रहेंगे। वहीं सिनेमा हाॅल खुले रहेंगे लेकिन केवल 30 फीसदी क्षमता के साथ। इसके साथ ही वीकेंड लाॅकडाउन के दौरान रेस्त्रां खुले तो रहेंगे लेकिन लोगों के टेबल पर बैठकर खाने की अनुमति नहीं होगी, केवल होमडिलीवरी की जा सकती है।

केजरीवाल ने कहा कि मेरा निवेदन है कि किसी अस्पताल को लेकर जिद्द न करें। सीएम के नाते मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि दिल्ली के अस्पतालों में बेड की कमी नहीं है। पांच हजार से ज्यादा बेड अभी भी मौजूद हैं। हम फिलहाल अस्पतालों में आॅक्सीजन बेड बढ़ाने में जुटे हुए हैं। यह सब इसलिए किया जा रहा है कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं, जिसके कारण कुछ ठोस निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत दिल्ली में वीकेंड कफ्र्यू लगाने का फैसला लिया गया है। वीकेंड में जो लोग बाहर निकलते हैं उनको टाला जा सकता है। ऐसे में कोरोना की चेन को तोड़ना आसान होगा, इसीलिए वीकेंड कफ्र्यू लगाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के कई शहरों में लाॅकडाउन मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए सभी नगरीय क्षेत्रों में 8 अप्रैल से नाइट कफ्र्यू का ऐलान कर दिया था, जो कि अगले आदेश तक जारी रहेगा। इसके अलावा हर रविवार को सभी शहरों में संपूर्ण लाॅकडाउन रहेगा जिनमें भोपाल, इंदौर, छिंदवाडा, उज्जैन, मंदसौर, जबलपुर, ग्वालियर, और होशंगाबाद समेत सभी बड़े शहर शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के बिगड़े हालात

उत्तर प्रदेश में भी हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और इसी के मद्देनजर राज्य के कई शहरों में इस समय नाइट कफ्र्यू लगा हुआ है जिनमें नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, बरेली, आगरा, प्रयागराज जैसे शहर शामिल हैं। 15 अप्रैल से राज्य के कई जिलों में रात के आठ बजे से सुबह सात बजे तक कफ्र्यू रहेगा।

गुजरात सरकार को हाईकोर्ट की फटकार
गुजरात में हालात किस कदर बिगड़ रहे हैं इसकी एक झलक पिछले हफ्ते उस समय देखने को मिली जब उच्च न्यायालय ने राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति और लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वास्तविकता, सरकारी दावों के विपरीत है। अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, जामनगर, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, मोरबी, दाहोद, पाटन, गोधरा, भुज, गांधीधाम, भरूच, भावनगर, जूनागढ़, गांधीनगर, सुरेंद्रनगर और सूरत में 30 अप्रैल तक रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कफ्र्यू रहेगा।

ओडिशा में संक्रमितों की संख्या चार लाख
ओडिशा में भी कोरोना संक्रमण के मामले हर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या चार लाख से पार हो गई है। बोलंगीर, नुआपाड़ा, कालाहांडी, नवरंगपुर, कोरापुट, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, बारगढ़ और मलकानगिरी में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कफ्र्यू लगाया गया है।

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