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तो क्या ये बदलाव की आंधी है..

यूपी कांग्रेस का जोश आज देखते बन रहा था। मानो गोया कांग्रेस ने कोई चुनाव फतह कर लिया हो। ‘बदलाव की आंधी, राहुल गांधी संग प्रियंका गांधी’ नारों से पूरा लखनऊ गुंजायमान था। घरों की छतों, सड़कों और वाहन रोक-रोककर प्रियंका गांधी की एक झलक पाने को राजधानी की जनता बेताब नजर आ रही थी।
यूपी की सियासत के केन्द्र राजधानी लखनऊ में आज के माहौल की बात करें तो लगभग पूरा लखनऊ कांग्रेसमयी नजर आ रहा है। भले ही लखनऊ को भाजपा का गढ़ न माना जाता रहा हो लेकिन आज लखनऊ में भाई-बहनों (राहुल गांधी व प्रियंका गांधी) का जलवा कायम है। जिस तरह से हुजूम का हुजूम उनके स्वागत के लिए पूरे लखनऊ में जगह-जगह फूल-माला लिए नजर आ रहा है उसे देखकर लगता है कि भले ही इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कोई बड़ा तीर न मार सके लेकिन यूपी की राजनीति में प्रियंका की आंधी कुछ न कुछ गुल अवश्य खिलायेगी, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
स्थिति यह है कि प्रियंका के रोड शो में वैसे तो तमाम नारे गुंजायमान हो रहे हैं लेकिन एक नारा ‘‘बदलाव की आंधी, राहुल गांधी संग प्रियंका गांधी’’ बुलन्द है। कार्यकर्ता से लेकर विधायक और पदाधिकारी तक पूरे जोश में हैं। बताते चलें कि पार्टी के महासचिव का पद संभालने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी नियुक्ति की गयीं प्रियंका गांधी आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लखनऊ पहंच चुकी हैं। जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया जा रहा है। प्रियंका गांधी के साथ ही राहुल गांधी और गांधी परिवार जिन्दाबाद के नारे गुंजायमान हो रहे हैं। बीच-बीच में कुछ स्थानों पर राजबब्बर जिन्दाबाद के नारे भी लग रहे थे। जहां तक मेरी जानकारी की बात है तो कई दशक बाद आज राजधानी की सड़कों पर न सिर्फ पुराने समय वाला चुनावी महौल नजर आ रहा है बल्कि कांग्रेस का वह शोर सुनायी दे रहा है जो भितरघातियों की वजह से दफन हो चुका था। स्थिति यह रही कि प्रियंका के एयरपोर्ट से रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने उमड़ पड़े। हर किसी की इच्छा थी कि वह उन्हें और अधिक नजदीक से देखे। हाथ हिलाने वालों से लेकर हाथ मिलाने वालों का झुण्ड ऐसा दिखा कि मानो कोई फिल्मी सेलिब्रिटी सड़क के रास्ते निकली हो। इससे पहले एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद रथ पर सवार होकर उन्होंने रोड शो शुरू किया। रथ पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राज बब्बर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह, जितिन प्रसाद के साथ राजीव शुक्ला तथा अन्य दिग्गज कांग्रेसी सवार थे।
बताते चलें कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान मिलने के बाद प्रियंका गांधी लखनऊ में अपना पहला मेगा रोड शो कर रही हैं। प्रियंका और राहुल संग कांग्रेस के बडे़ नेताओं को देखकर प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश देखते ही बनता है। समाचार लिखे जाने तक प्रियंका गांधी का रोड शो पार्टी कार्यालय के समीप तक पहुंच चुका था। ज्ञात हो कांग्रेस में एक महिलाओं की प्रियंका सेना भी बनी हुई है। इस सेना ने भी प्रियंका गांधी के रोड शो का जोरदार स्वागत किया। स्थिति यह थी कि राहुल गांधी के माइक पकड़ते ही भीड़ जिन्दाबाद-जिन्दाबाद के नारे ऐसे लगाने लगती थी कि उस शोर में लाउडस्पीकर की आवाज भी स्पष्ट सुनायी नहीं दे रही थी।
रही भीड़ के बीच हो रही चर्चाओं की तो आज भी महिलाएं प्रियंका गांधी में उनकी दादी स्वर्गीय इन्दिरा गांधी नजर आ रही थीं। उम्मीद से अधिक भीड़ का जोश देखकर राहुल और प्रियंका गांधी के चेहरों पर अभी से कामयाबी की झलक नजर आ रही थी। जलसा ऐसा था मानों कांग्रेस ने चुनाव में फतह हासिल कर ली हो। कहना गलत नहीं होगा कि जिस तरह से प्रियंका गांधी के स्वागत में लोगों का हुजूम जुटा है उस तरह से राहुल गांधी का अध्यक्ष बनने के बाद लखनऊ आगमन पर नहीं जुटा था।
प्रियंका के रोड शो का असर भाजपा में भी देखने को मिला। दबी जुबान से चर्चा करते हुए मिले भाजपा नेताओं की मानें तो भाजपा को प्रियंका की रैली के उपरांत अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है। भाजपाइयों का भय इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि प्रियंका का रोड शो अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा है। स्थिति यह थी कि अमौसी एयरपोर्ट से लेकर माल एवेन्यू स्थित यूपीसीसी तक लगभग 18 किलोमीटर के दायरे में शायद ही कोई कोना शेष बचा हो जहां पर बैनर-पोस्टर न लगे हों।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोड शो को सफल बनाने के लिए कांग्रेसियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। राजधानी लखनऊ ही नहीं वरन् अन्य जनपदों से भी कांग्रेसियों का हुजुम इस रोड शो में शामिल होने के लिए दो दिन पहले से ही लखनऊ पहुंच गया था। बसों और टेªनों से आए हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इस रोड शो में शामिल हुए।
प्रियंका गांधी का रोड शो अमौसी एयरपोर्ट से कानपुर रोड तिराहा, शहीद पथ तिराहा, सिग्रेट होटल, बिमा अस्पताल, पुरानी चुंगी, विजय नगर मोड़, कृष्णानगर, बार बिरवा पिकेडली, अवध हाॅस्पिटल चैराहा, सिंगार नगर गेट, पूरण नगर, आलमबाग चैराहा, छोटी मस्जिद, आलमबाग बस अड्डा, टेढ़ी पुलिया, आलमबाग थाना चैराहा, मवैया चैराहा, नत्था होटल तिराहा, रवीन्द्रालय, केकेसी, पुलिस चैकी छितवापुर, महाराणा प्रताप चैराहा, दीप होटल के सामने, राज होटल के सामने, वर्लिंगटन चैराहा, एफआई हाॅस्पिटल के सामने, ओडियन सिनेमा के पास, छेदीलाल होटल से मंदिर मोड़, नूर मंजिल अस्पताल प्रथम तिराहा, लालबाग गल्र्स काॅलेज के सामने, लालबाग चैराहा नावेल्टी प्रथम, लालबाग चैराहा नावेल्टी द्वितीय, एलोरा होटल के सामने, गांधी प्रतिमा हजरतगंज, सरदार पटेल प्रतिमा, डाॅ आंबेडकर प्रतिमा, डीएसओ चैराहा, पीडब्लूडी मुख्यालय, विक्रमादित्य चैराहा, वीवीआईपी गेस्ट हाउस, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग जल निगम होते हुए माल एवेन्यू स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचा।
रोड शो के दौरान जगह-जगह रुककर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भीड़ को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस बार उनका लक्ष्य लोकसभा नहीं बल्कि यूपी का अगला विधानसभा चुनाव है। जोश में भरे राहुल गांधी ने कहा कि वे वर्ष 2022 के विधानसभा में कांग्रेस की सरकार बनाकर रहेंगे।
यूपी की हवा देखकर राहुल गांधी ने यह भी कहा कि इस देश का कोई दिल है तो वह यूपी है। रोड शो के दौरान सैकड़ों की संख्या मंे कार्यकर्ता राहुल और प्रियंका गांधी के चित्र बने टीशर्ट में नजर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था प्रदेश कांग्रेस स्तर पर की गयी थी। कुल मिलाकर ऐसा लग रहा था मानों कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के रोड शो ने आज यूपी में हाशिए पर पड़ी कांग्रेस में नई जान फूंक दी हो। उन पुराने कांग्रेसियों के चेहरे भी खिले-खिले नजर आ रहे थे जो काफी पहले पार्टी से किनारा कर चुके थे। कुल मिलाकर यदि यह कहा जाए कि प्रियंका के रोड शो से यूपी कांग्रेस को नयी जान मिली है तो शायद गलत नहीं होगा।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखनऊ में चार दिन का प्रवास पार्टी दफ्तर में नहीं, बल्कि होटल ताज में करेंगी। इससे पहले वे वीवीआईपी गेस्ट हाउस में रुककर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। तय कार्यक्रम के अनुसार वह हर रोज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय जाएंगी। इस दौरान वे पार्टी के नए और पुराने कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। बताते चलें कि प्रियंका गांधी चार दिनों तक लखनऊ के प्रतिष्ठित होटल ताज में रुकेंगीं। विपक्ष पांच सितारा ताज होटल में उनके प्रवास को टीका-टिप्पणी करे तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। कल यानी 12 फरवरी को प्रियंका गांधी तय कार्यक्रम के अनुसार मोहनलालगंज और दोपहर बाद उन्नाव के पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगी। इसके बाद वाराणसी, गोरखपुर, कौशांबी, फूलपुर, इलाहाबाद, चंदौली, गाजीपुर, धौरहरा, फतेहपुर और लखनऊ के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक रखी गयी है। अगले दिन 13 फरवरी को बाराबंकी, कैसरगंज, बहराइच, बांसगांव, देवरिया, डुमरियागंज, कुशीनगर, संत कबीरनगर, महाराजगंज, फैजाबाद, श्रावस्ती, गोण्डा और बस्ती के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है। 14 फरवरी को प्रियंका गांधी की मुलाकात सीतापुर, सलेमपुर, घोसी, आजमगढ़, लालगंज, मछलीशहर, जौनपुर, राॅर्बट्र्सगंज, मीरजापुर, भदोही, अंबेडकर नगर, बलिया और मिश्रिख के कार्यकर्ताओं से होगी।

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