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अम्बेडकर विवि तकनीकी शिक्षा का बंटाधार

 

सालाना छह करोड़ से अधिक की कमाई और व्यवस्था सरकार के प्राइमरी स्कूलों से भी गयी गुजरी। न रेगुलर शिक्षक हैं और न ही शिक्षा के वास्ते जरूरी संसाधन।  रही बात छात्रों से मोटी फीस वसूली की तो विवि प्रशासन किसी प्रकार की रियायत नहीं देता। स्थिति यह है कि करोड़ों की आमदनी के बावजूद विवि प्रशासन चवन्नी तक खर्च करने को तैयार नहीं।

कुमार राकेश

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक चर्चित नाम है बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय का। इस विवि में तकनीकी शिक्षा के कोर्स भी चलाए जाते हैं। फीस के रूप में छात्रों से मोटी रकम वसूली जाती है लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं। यहां तक कि बीटेक कोर्स के लिए नियमित शिक्षकों की नियुक्ति पिछले कई वर्षों से विचाराधीन है। रही बात सरकार की तो उसकी दृष्टि भी इस विवि पर नहीं पड़ रही। छात्रों और उनके अभिभावकों की तरफ से कई शिकायती पत्र मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ से लेकर तमाम जिम्मेदार अधिकारियों तक भी पहुंचाए जा चुके हैं लेकिन बात यदि ठोस कार्रवाई की हो तो कहीं से भी इस तरह की संभावना हाल-फिलहाल नजर नहीं आ रही।
बताते चलें कि विवि प्रशासन बीटेक कोर्स से सालाना लगभग छह करोड़ रुपये फीस के रूप में वसूलता है। बीटेक की पढ़ाई के लिए इस विवि में एक भी नियमित शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी है। हालांकि विवि प्रशासन का कहना है कि इसकी प्रक्रिया जारी है लेकिन यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षो से यूं ही चलती चली आ रही है। बीटेक की शिक्षा प्रदान करने वाले समस्त शिक्षक आउटसोर्सिंग के आधार पर रखे गए हैं। नियमित शिक्षकों की तैनाती न किए जाने के कारण शिक्षकों की पढ़ाई का तरीका बिलकुल प्रोफेशनल है। छात्र पढ़े अथवा न पढ़े शिक्षक अपनी दिहाड़ी पक्की करके चला जाता है।
छात्रों से मोटी फीस वसूलने वाले इस विवि में शिक्षण कार्य से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी नदारद हैं। लैब खस्ताहाल स्थिति में है। कम्प्यूटर पुराने माॅडल और काॅन्फीग्रेशन के हैं। कहा जा रहा कि पिछले कई वर्षों से कम्प्यूटरों को अपग्रेड तक नहीं कराया गया है। रही बात लैब की तो लैब में केमिकल की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण छात्रों की प्रयोगात्मक शिक्षा प्रभावित हो रही है। छात्रों को एडमीशन के वक्त तो बेहतर प्लेसमेंट के दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत यह है कि बेहतर प्लेसमेंट की कोई व्यवस्था नहीं है। ज्ञात हो इस विवि में वर्ष 2013 से बीटेक स्ववित्तपोषित कोर्स की शुरुआत की गयी थी।
इस विवि में कोर्स की प्रमाणिकता को लेकर कई बार छात्र आन्दोलन हो चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति यह है कि बीटेक कोर्स के लिए अलग से बिल्डिंग तक नहीं बन पायी है। स्थिति यह है कि बीटेक कोर्स को परीक्षा विभाग की बिल्डिंग में ही चलाया जा रहा है।
बारिश के दिनों में यहां की स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। बारिश के मौसम में अधिक बरसात के कारण बीटेक विभाग के सामने मैदान में पानी भर जाता है। छात्रों पानी भरे मैदान से ही गुजरते हुए कक्षा तक जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त लाइब्रेरी और वाहन पार्किंग व्यवस्था भी कहीं नजर नहीं आती। रही बात जिम्मेदार अधिकारियों के निरीक्षण की तो छात्रों के अनुसार सम्बन्धित विभाग के आला अधिकारियों को यहां कभी देखा ही नहीं गया।
मौजूदा हालातों को देखते हुए यहां के छात्र एक बार फिर से बडे़ आन्दोलन के मूड में नजर आ रहे हैं।

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