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अयोध्या रामजन्मभूमि विवाद : मुस्लिम पक्ष ने माना, राम चबूतरा भगवान राम का जन्मस्थान

सुप्रीम कोर्ट में कल 24 सितंबर को अयोध्या रामजन्मभूमि विवाद की सुनवाई के 30 वें दिन सुनवाई के  दौरान मुस्लिम पक्ष ने स्वीकार किया  कि ‘राम चबूतरा’ भगवान श्रीराम का जन्मस्थान है। अब तक मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि अयोध्या, राम की जन्मस्थली है, लेकिन जन्मस्थान कहां है, यह तय नहीं है। साथ ही मुस्लिम पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि बाबरी मस्जिद का निर्माण मंदिर को तोड़कर नहीं किया गया था, बल्कि खाली स्थान पर किया गया था।

वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि ‘हमें यह मानने में कोई ऐतराज नहीं कि राम चबूतरा श्रीराम का जन्मस्थान है क्योंकि ऐसा तीन कोर्ट ने माना है। दरअसल, जस्टिस एसए बोबडे ने जिलानी से सवाल किया कि क्या आप मानते हैं कि राम चबूतरा, भगवान राम का जन्मस्थान है? इसपर जिलानी ने कहा, इसे लेकर विवाद नहीं। यह सभी यहीं मानते हैं। स्कंद पुराण के मुताबिक जन्मस्थान, अमुक स्थान से अमुक दूरी पर है, लेकिन अब वह स्थान अस्तित्व में नहीं है। वर्ष 1886 में जिला जज ने राम चबूतरे को जन्मस्थान मानते हुए पहां पूजा करने की इजाजत दी थी। लेकिन बाद में हिन्दू, जन्मस्थान मंदिर बताते हुए भीतरी अहाते और गुंबद वाली इमारत पर दावा करने लगे। विवाद मस्जिद के भीतर अहाते को लेकर है।

ऑल इंडिया मुस्‍लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने ‘आइने अकबरी’ का जिक्र करते हुए कहा कि ये पुस्तक सभी वर्गों में लोकप्रिय थी. बावजूद इसके आइने अकबरी में भी ‘जन्मस्थान’ का कहीं जिक्र नहीं मिलता. जफरयाब जिलानी ने कहा कि रामायण और रामचरित मानस में राम जन्मस्थान का ज़िक्र नहीं है।  इसपर जस्टिस बोबडे ने सवाल किया कि ‘आईने अकबरी’ सभी वर्गों में लोकप्रिय थी. इसमें बाबरी मस्जिद का ज़िक्र क्यों नहीं है?

जस्टिस चंद्रचूड़ – किसी ग्रन्थ में ‘जन्मभूमि’ का ज़िक्र नहीं होने का मतलब यह नहीं कि जन्मभूमि का अस्तित्व ही नहीं है! जस्टिस चन्दचूड़ ने जिलानी से सवाल किया कि सिर्फ इसलिए कि वाल्मिकी रामायण और रामचरितमानस में श्रीराम के जन्म के किसी ‘खास जगह’ का जिक्र नहीं है,  इतना भर से हिन्दू नहीं मान सकते कि अयोध्या में किसी  ‘खास जगह’ पर श्रीराम ने अवतार लिया था।

जिलानी- हमे ये मानने में कोई हर्ज नहीं . तीन कोर्ट इससे पहले ये बात कह चुके है. जस्टिस बोबड़े ने जिलानी से सीधा सवाल किया आपकी बात को माने तो इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है कि श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था?

ज़फरयाब जिलानी- हमे ये मानने में कोई दिक्कत नहीं कि श्रीराम ने अयोध्या में जन्म लिया था. विवाद इस बात को लेकर है कि श्री राम का  जन्मस्थान मस्जिद के अंदर नहीं है।

जन्मस्थान पर विश्वास आस्था के आधार पर

जन्मस्थल पर भगवान राम के जन्म, विश्वास व आस्था के आधार पर है, कोई सबूत नहीं है। रामचरित्र मानस और रामायण में जन्मस्थान का जिक्र नहीं है। यह तो हिन्दू पक्ष को साबित करना है कि किस किताब में जन्मस्थान का जिक्र है।गुबंद के नीच कभी पूजा नहीं हुईइससे पहले मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा, मस्जिद के बीच वाले गुबंद के नीचे कभी पूजा नहीं हुई। 1949 में गलत तरीक से वहां मूर्ति रखी गई। सन् 1528 में  बाबर के कमांडर मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद बनवाई थी। तब से वहां नमाज पढ़ी जा रही थी। जबकि राम चबूतरे पर हिन्दू पूजा करते थे।

जस्टिस बोबडे (मुस्लिम पक्ष से): यानी आप इस बात पर विवाद नहीं कर रहे हैं कि राम का जन्म अयोध्या में हुआ था।

जिलानी (मुस्लिम पक्ष के वकील): अयोध्या का राम का जन्म हुआ, इसे लेकर कोई विवाद नहीं है। हमारा विवाद इस मस्जिद के भीतर अहाते में जन्मस्थान को लेकर है।

जिलानी: 1949 से पहले मध्य गुंबद के नीचे पूजा का कोई सुबूत नहीं है।आपके पास यह सबूत है कि 1949 से पहले वहां नियमित रूप से नमाज होती थी।
जिलानी: इसके लिखित सबूत तो नहीं है लेकिन जुबानी सबूत हैं।
जस्टिस अशोक भूषण: रामचरित्र मानस और रामायण में अयोध्या में दशरथ महल में राम के जन्म का जिक्र है, स्थान का नहीं।
जस्टिस चंद्रचूड़: ग्रंथों में जन्मथान का जिक्र नहीं है तो क्या भगवान राम का जन्म अयोध्या में नहीं हुआ?
जस्टिस बोबडे: आइन-ए-अकबरी में मस्जिद का जिक्र क्यों नहीं है?
जिलानी: किताब में रामजन्मभूमि का भी जिक्र नहीं है। जिक्र अवध का है।

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