[gtranslate]
Country

अगले हफ्ते हो सकती है विधानसभा चुनावों की घोषणा

देश में बढ़ते कोरोना का नया संक्रमण ‘ओमिक्रॉन’ के मामलों ने केंद्र और राज्य सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। इसके खतरे को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने आम लोगों के लिए नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ कई प्रतिबंध लगाए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों का दौरा पूरा कर लिया है और संभवतः अगले हफ्ते इन राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी। चुनाव घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी और रैलियां और चुनावी सभाएं निर्वाचन आयोग के अधीन आ जाएंगी। आयोग एसडीएमए (राज्य आपदा प्रबंधन एक्ट) के तहत रैलियों को नियंत्रित करेगा।

 

 


चुनाव आयुक्त

 

चुनाव आयोग के मुताबिक सभी राज्यों में चुनावों में भाग लेने वाले राजनीतिक दलों ने कहा है कि चुनाव समय पर होने चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया है कि चुनावों के दौरान वे कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखेंगे।

उत्तर प्रदेश में चुनाव सात चरणों में हो सकता है। मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होंगे तो गोवा, पंजाब और उत्तराखण्ड में एक-एक चरण में चुनाव करवाए जाएंगे। मतदान की प्रक्रिया फरवरी से शुरू होकर मार्च माह में समाप्त होगी। 2017 में ही पिछले चुनाव भी इतने ही चरणों मे संपन्न किए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दागी उम्मीदवारों के चयन के 72 घंटे के भीतर अखबारों और टीवी पर उनका पर्याप्त प्रचार-प्रसार तथा पार्टी की वेबसाइट पर होस्टिंग करने का पालन करवाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इन आदेश का पालन नहीं करने पर उम्मीदवार को चुनाव लड़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन चुनाव आयोग ऐसे उम्मीदवारों और दलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार चुनावों में इन आदेशों का पालन नहीं करने पर हाल ही में कई राजनीतिक दलों पर भारी जुर्माना लगाया था।

सूत्रों के अनुसार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाते हुए निर्वाचन आयोग चुनाव करवाएगा। इसके लिए जमीनी तैयारियां जैसे तीन साल से पदों पर जमे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले, मतदान केंद्रों का निर्धारण, लाइसेंसी शस्त्र जमा करवाने, मतदाताओं की संख्या घटाने आदि तकरीबन पूरी की जा चुकी हैं।

 

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कई बड़े एलान किए। मतदान का समय बढ़ाया जाएगा, ताकि मतदाताओं की भीड़ से बचा जा सके। इस बार सुबह 8 बजे से 6 बजे तक मतदान होगा। सुशील चंद्रा ने बताया कि आयोग किस तरह मतदाता सूची पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी में उन्हीं कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जो कोरोने के दोनों टीके ले चुके हैं। चुनाव प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर्स का दर्जा दिया जाएगा। यूपी में मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया जा रहा है, ताकि कोरोना काल में भीड़ न  जुटे। 5 जनवरी को यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट जाएगी। सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट लगाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1 लाख मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।80 साल से अधिक मतदाताओं को, दिव्यांगजनो को और कोविड मरीजों का वोट चुनाव आयोग की टीम घर जाकर कास्ट कराएगी। पहली बार ये सुविधा दी जा रही है।

इन पांच राज्यों में होने हैं चुनाव 

 

साल 2022 के शुरू में जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें  यूपी, पंजाब,उत्तराखण्ड , गोवा और मणिपुर है । इन राज्यों में चुनाव आयोग ने तैयारियों का जायजा ले लिया है। चुनाव आयोग की टीमों ने सभी राज्यों में जाकर बैठकें की हैं। वहीं दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भी बैठक हो चुकी है। चुनाव आयोग की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि कोरोना के एक बार फिर बढ़ते मामलों के बीच कैसे मतदान करवाया जाए

You may also like

MERA DDDD DDD DD