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पालघर मॉब लिंचिंग की उद्धव ठाकरे से अमित शाह ने मांगी रिपोर्ट, दो पुलिसवाले सस्पेंड

पालघर मॉब लिंचिंग केस की उद्धव ठाकरे से अमित शाह ने मांगी रिपोर्ट, दो पुलिसवाले सस्पेंड

पूरा देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगा हुआ है।  ऐसे माहौल में महाराष्ट्र के पालघर में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना पर सरकार अब सख्त नजर आ रही है। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं। गुरुवार को हुई इस घटना से सबंधित 110 लोगों की गिरफ़्तारी भी हो चुकी हैं। साथ ही लापरवाही बरतने की आरोप में कोंकण रेंज के आईजी ने कासा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और सेकेंड ऑफिसर को पद से हटा दिया गया है। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने भी महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से इस सम्बन्ध में रिपोर्ट देने को कहा है।

हनुमानगढ़ी के पुजारी धरने पर बैठे

इस मामले से रुष्ट अयोध्या में हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास धरने पर बैठ गए हैं। आक्रोशित संतों ने दोषियों के खिलाफ फांसी की अपील की है। हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में धरना देते हुए संतों की ओर से केंद्र सरकार से आरोपियों के साथ-साथ घटना के समय मौजूद पुलिस कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

पालघर में साधुओं की हत्या के यह मामला घटित होने के बाद संत समाज में काफी आक्रोश है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की ओर से भी सरकार को चेतावनी दी गई। अगर इस मामले के दोषियों को जल्द सजा नहीं दी गई तो महाराष्ट्र में एक बड़ा आंदोलन होगा। इस मामले में बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने तो ट्वीट करते हुए कहा है कि सभी आरोपियों पर रासुका लगना चाहिए।

योगी और फडणवीस ने की कार्रवाई की मांग

इस घटना पर रविवार को राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आदेश दिया कि इसकी जाँच हो। साथ ही उन्होंने इस घटना को सांप्रदायिक रंग न देने की चेतावनी भी दी। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, “सूरत जा रहे तीन लोगों की पालघर में हुई हत्या में संलिप्त 101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हत्या के मामले में मैंने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है।”

इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भी रविवार शाम को उद्धव ठाकरे से बात की गई। उन्होंने उद्धव सरकार से इसमें कठोर करवाई की मांग की। वहीं पूर्व सीएम फडणवीस ने ट्वीट किया, “पालघर में भीड़ हिंसा की घटना का वीडियो हैरान करने वाला और अमानवीय है। ऐसे संकट के समय इस तरह की घटना और भी ज्यादा परेशान करने वाली है। मैं राज्य सरकार से गुजारिश करता हूं कि वह इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएं और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।”

महाराष्ट्र शासन के माथे पर कलंक

वहीं देश के मशहूर कवि कुमार विश्वास ने भी इस घटना पर दुःख जताया। उन्होंने गुस्सा जाहिर करते हुए ट्वीट किया, “महाराष्ट्र शासन के माथे पर कलंक है पालघर की लोमहर्षक घटना! छत्रपति महाराज शिवाजी की धरा पर मित्रता-शत्रुता से उपर उठ चुके साधुओं को अगर उन्मादी जाहिल भीड़ घेर कर मार दें तो यह उस ऐतिहासिक परम्परा पर धब्बा है जिसमें शत्रुपक्ष की महिलाओं तक को आदर दिया जाता है। भीषण दंड मिले।”

https://twitter.com/DrKumarVishwas/status/1251891134235734016

क्या है पूरी मामला?

बीते गुरुवार को लगभग 200 लोगों की भीड़ द्वारा दो साधुओं और एक ड्राइवर की लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया यह भी जा रहा है की यह घटना पुलिस की मौजूदगी में घटित हुई। एक अफवाह के चलते लोगों की भीड़ ने साधुओं पर हमला बोल दिया। लोगों को शक था कि यह चोर है। परन्तु बाद में पता चला कि दो साधु थे और एक ड्राइवर। जब यह पालघर के गड़चिनचले गांव में जब इंटिरयर रोड से होते हुए मुंबई से गुजरात की ओर जा रहे थे उसी दौरान किसी ने अफवाह फैला दी कि वे चोर हैं और भाग रहे हैं।

जिसके बाद तो दर्जनों की संख्या में लोगों ने उनपर हमला बोल दिया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी पर भी हमला किया गया। हमले के बाद जब साधुओ को अस्पताल में लेकर जाया गया तो वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मॉब लिंचिंग में मारे गए लोग सुशील गिरि महाराज, चिकने महाराज कल्पवरुक्षगिरी और ड्राइवर नीलेश तेलगाड़े हैं।

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