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‘अमेरिकन नर्स ऑन ए मिशन’ के तहत भारत आ रही हैं अमेरिकी नर्से

भारत इस समय कोरोना की दूसरी लहर झेल रहा है। देश की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, हर तरफ महामारी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से रोजाना हजारों मरीजों की मौत हो रही है। अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही देश मरीजों की देखभाल के लिए नर्सों और डॉक्टरों की कमी से भी जूझ रहा है। संकट की घड़ी में भारत को विदेशों से मदद मिल रही है। जैसे ही कोरोना से भारत भर में सामूहिक अंतिम संस्कार की खबरें फैलीं, यहां नर्सों के एक समूह ने भारत की मदद करने का संकल्प लिया। 100 से ज्यादा नर्सें नौकरी और परिवार छोड़कर भारत आ रही हैं। इनकी सरकार से वीजा और अन्य जरूरी मंजूरी को लेकर बातचीत चल रही है।

नर्सों का यह दल जून के पहले सप्ताह में भारत पहुंचेगा। इस समूह का नाम ‘अमेरिकन नर्सेस ऑन अ मिशन’ है। इस विचार के पीछे वाशिंगटन की नर्स चेल्सिया वॉल्श का हाथ है। चेल्सिया ने ट्रैवलिंग नर्स नामक एक समूह में भारत में अस्पतालों और अंतिम संस्कार की तस्वीरें साझा कीं। साथ ही उन्होंने फोटो के कैप्शन में लिखा, यह देखकर मेरा दिल बहुत दुखी है, मैं भारत जाने के बारे में सोच रही हूं। इससे पहले, चेल्सिया ने भारत में एक अनाथालय में सेवाएं दी थी।

चेल्सिया ने बताया कि जैसे ही मैंने ये पोस्ट किया उसके बाद उनके पास कई कॉल आ रही हैं। हजारों अमेरिकी नर्सों ने भारत की मदद के लिए उनसे संपर्क किया। भारत को इस समय पेशेवर डॉक्टरों और नर्सों की जरूरत है। चेल्सिया ने कहा कि हम चमत्कार तो नहीं कर सकते, लेकिन जो हमसे होगा हम उससे पीछे नहीं हटेंगे। वॉल्श ने ‘मिशन इंडिया’ अभियान में शामिल होने की इच्छा रखने वाली नर्सों को पहले चेतावनी भी दी और उन्हें सारी मुश्किलें बताईं।

इस पर नर्सों का कहना है कि हमारे सामने चुनौतियां हैं। अपना ग्रुप बनाने के बाद टीम ‘टर्न योर कंसर्न इन एक्शन फाउंडेशन’ से जुड़ी है, जो उनके भारत प्रवास में सहयोग करेगी। भारत जा रही नर्स मॉर्गन क्रेन का कहना है कि अमेरिका में कोविड से लोगों की मौत ने मुझे बदल दिया है। यह जितना चुनौतीपूर्ण था, मैं सोच भी नहीं सकता कि भारत के लोगों के लिए यह कितना कठिन समय है।

नर्सों का यह समूह भारत में अपने खर्चे पर रहेगा। कुछ नर्सें यात्रा जैसे बड़े खर्च को उठा नहीं सकती थीं, इसलिए उन्होंने ‘अमेरिकन नर्सेस ऑन अ मिशन’ नाम से क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म गोफंडामी में याचिका दायर की। 50 हजार डॉलर (36.6 लाख रुपये) जुटाने का लक्ष्य है। टीम ने रविवार तक 12 लाख रुपये जुटाए थे।

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