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ऑल वेदर रोड से संकट में व्यवसायी

  • आल वेदर रोड निर्माण से हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट
  • राज्य सरकार के पास आॅल वेदर रोड से बेघर होने वाले व्यवसायियों के लिए ठोस रोड मैप नहीं
  • स्वरोजगार के लिए लोगों ने लाखों रुपए बैंक से कर्ज लिये हैं, रोजगार उजड़ने पर अब ऋण चुकाने की समस्या
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट आॅल वेदर रोड का कार्य ऋषिकेश से बदरीनाथ, गंगोत्री, केदारनाथ एवं यमनोत्री तक युद्ध स्तर पर जारी है। चारधाम को जोड़ने वाली आॅलवेदर रोड का फेज वन में हिल कटिंग का लगभग 60 फीसदी काम हो चुका है। लोकसभा चुनाव के चलते आॅल वेदर रोड निर्माण की गति कुछ धीमी हुई थी। लेकिन दोबारा मोदी सरकार के सत्ता में आने से एक बार फिर निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। सरकार ने फेज-1 में आॅल वेदर में आने वाली सभी भूमि का मूल्यांकन कर लिया गया है और इसका मुआवजा भी वितरित कर दिया है। आॅल वेदर रोड निर्माण में आने वाले होटलों, दुकानों और घरों का भी मूल्यांकन कर मुआवजा देने की कार्यवाही की जा रही है। जिन जगहों पर मुआवजा वितरण कर दिया गया है उन स्थानों पर होटल और दुकान मालिकों को नोटिस देकर खाली करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
कहा जा रहा है कि आॅल वेदर रोड भविष्य के लिए तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देगी, लेकिन फिलहाल आज हाईवे चैड़ीकरण से चारधाम यात्रा के सैकड़ों होटल और अन्य व्यवसायों के सामने संकट गहरा गया है। चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव पीपलकोटी के व्यवसायी संकट में हैं। आॅल वेदर रोड में नेशनल हाईवे द्वारा चैड़ीकरण के लिए जिन दुकानों व होटलों की कटिंग होनी है, उनको चिÐित कर दो सप्ताह पूर्व पीपलकोटी नगर में नोटिस चस्पा कर दिया गया है। एनएच द्वारा जल्द ही दुकानों एवं होटलों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापार संघ पीपलकोटी द्वारा आनन-फानन में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कुछ समय की मांग की गई। जिससे फिलहाल कुछ दिनों के लिए खतरा टला हुआ है, लेकिन जल्द ही एनएच द्वारा
पीपलकोटी नगर में चैड़ीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। चैड़ीकरण में कम से कम 50 से अधिक दुकानों पर खतरे का साया बना हुआ है।
चारधाम यात्रा को आॅल वेदर से जोड़ने से जहां आने वाले भविष्य में तीर्थाटन और पर्यटन के बढ़ने की अपार संभावनाएं हो सकती हंै, वहीं आॅल वेदर रोड निर्माण से चारधाम यात्रा के मुख्य पडावों के होटल और अन्य व्यवसायियों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा इसके लिए कोई स्पष्ट मैप तैयार नहीं किया गया है। आॅलवेदर में सैकड़ों होटल और दुकानें कर जाएंगी। इससे दशकों से व्यवसाय कर रहे लोगों की रोजी-रोटी संकट में पड़ जाएगी।
चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव पीपलकोटी में मई-जून सीजन में 5000 से अधिक तीर्थयात्री निवास करते हैं, इससे सैकड़ों लोगों का व्यवसाय जुड़ा हुआ है। लेकिन अचानक ही एनएच अधिकारियों ने 26 जुलाई को पीपलकोटी के दुकानदारों को तीन दिन के अंदर दुकान खाली करने का आदेश दिया तो उनमें हड़कंप मच गया। आखिर इतने कम समय में वो अपनी दुकानों को कहां शिफ्ट करें। आनन- फानन में व्यापार संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल अपर जिलाधिकारी चमोली को मिला और अपनी समस्यओं से अवगत कराते हुए कुछ महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की गई। व्यापारियों ने बताया कि अपर जिलाधिकारी ने भी लिखित रूप से तो कोई आश्वासन नहीं दिया, लेकिन मौखिक रूप में एक सप्ताह का समय देने का आश्वासन अवश्य दिया गया है।
पीपलकोटी नगर में 29 जुलाई से चैड़ीकरण का कार्य शुरू होना था, लेकिन फिलहाल प्रशासन से गुहार लगाने पर यह संकट 10 दिनों के लिए टला है। आॅल वेदर चैड़ीकरण में पीपलकोटी में लगभग 50 से अधिक दुकानें कटिंग में आ रही हैं। बाजार का सबसे बड़ा संकट यह है कि स्थाई दुकान एवं होटल मालिकोें को तो मुआवजा मिल रहा है, लेकिन इन पर जो दुकानदार लाखों रुपए कर्ज लेकर व्यवसाय चला रहे हैं उनके सामने स्थिति यह है कि वे लाखों का सामान एक सप्ताह में कहां ले जाएं। बाजार में एक-दो दुकानंे कटिंग में आती तो उन्हंे कहीं शिफ्ट किया जा सकता था, लेकिन एक साथ 50 से अधिक दुकानों की कटिंग के चलते दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट करना नामुमकिन बना हुआ है।
बात अपनी-अपनी
सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत नगर के व्यवसायियों ने बैंकों से ऋण लेकर अपना काम शुरू किया था। आल वेदर चैड़ीकरण से पीपलकोटी में 50 से अधिक व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी के साथ ही बैंक कर्जा लौटाने का संकट बना हुआ है। सरकार को चाहिए कि व्यवसायियों के हित में कोई ठोस कदम उठाए, जिससे लोगों का रोजगार बना रहे।
अतुल साह, होटल व्यवसायी पीपलकोटी
आल वेदर चैड़ीकरण में पीपलकोटी बाजार का अधिकतर भाग कटिंग होने से बाजार का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। 5 दशक से लोग यहां अपना व्यवसाय चला रहे हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट है। एचएच द्वारा बिना स्पष्ट जानकारी दिए बिना चैड़ीकरण की बात की जा रही है, जिससे व्यवसायियों में आक्रोश है। हमने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दो से तीन महीने का समय देने की मांग की है।
मोहन सिंह राणा, अध्यक्ष व्यापार संघ पीपलकोटी

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