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दिल्ली दंगे के बाद अब पटरी पर लौट रही है जिदंगी

दिल्ली दंगे के बाद अब पटरी पर लौट रही है जिदंगी

देश की राजधानी दिल्ली में छह दिन पहले सब कुछ सामान्य था। लोग अपनी जिंदगी में हर खुशी तलाश कर रहे थे। रविवार का दिन था और सभी लोग आमतौर पर छुट्टी के इस दिन में अपने परिवार के साथ पल बिता रहे थे। शाम होते होते सब कुछ ठीक-ठाक नहीं रहा। हालांकि, यह खबर दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट में ज्यादा तेजी से फैली। दिल्ली के जाफराबाद, मुस्तफाबाद, मौजपुर, चाँदबाग और गोकुलपुरी के इलाके में एनआरसी और सीएए के विरोध और समर्थन को लेकर दो गुट आपस में लड़ गए। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया जो बाद में आगजनी और लोगों की हत्या होने पर पहुंच गया।

दिल्ली में सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति सोमवार को देखी गई। जब दिल्ली की सड़कों पर नंगई नाच हुआ। उपद्रवी खुलेआम लोगों को मार रहे थे। पत्थर फेंक रहे थे। आग लगा रहे थे। मंगलवार को भी लगभग यही स्थिति रही। इस दौरान देश का मीडिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ब्रेकिंग न्यूज़ में व्यस्त रहा। उन्हें यह देखने के लिए फुर्सत नहीं रही कि लोग आपस में लड़ रहे हैं। एक दूसरे को मार काट रहे हैं।

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के जाने के बाद मीडिया के ध्यान दिल्ली के दंगों की तरफ गया। इसके बाद उपद्रवियों का असली रूप दिखाया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के साथी अर्धसैनिक बलों ने दिल्ली की हिंसा पर रोकथाम करने के लिए पूरे प्रयास किए। फलस्वरूप आज 6 दिन बाद दिल्ली के लोगों की जिंदगी पटरी पर लौटती प्रतीत हो रही है।

पिछ्ले छह दिन से दिल्ली में तनाव है। 23 फरवरी की रात को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर भीड़ के इकट्ठा होने के बाद भड़की हिंसा, दंगों में तब्दील हो गई। इन दंगों में अब तक 42 की मौत हो चुकी है, जबकि 350 से ज्यादा लोग घायल हैं। मरने वालों का आंकड़ा थमने की बजाय रोज बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक ज्यादातर लोगों की मौत गोली लगने की वजह से हुई है। जबकि कुछ लोगों की मौत दंगाइयों के हमले से हुई।

दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में अब धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा को लेकर मुस्तैदी जारी है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। पुलिस अब हालात के सामान्य होते जाने का दावा कर रही है। उसके मुताबिक हिंसा के मामले में अभी तक 123 एफआईआर दर्ज की गई है। 25 फायर आर्म्स की एफआईआर भी दर्ज की गई है। जबकि 630 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सोशल मीडिया पर भी खास निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने फेक मैसेज करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही है।

वहीं दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाके में जाकर आज से स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम सबूत जुटाएगी। फॉरेंसिक टीम ने ताहिर हुसैन के घर से ब्लड सैंपल जमा किए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। करीब ढाई घंटे तक ताहिर के घर के आसपास 100 मीटर तक फॉरेंसिक टीम सबूत जुटाती रही। एसआईटी अब बड़े पैमाने पर कॉल रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। ताहिर समेत दर्जनों लोगों की कॉल्स डिटेल्स को खंगालने के लिए 100 से ज्यादा लोगों की एक सूची तैयार की गई है। जिसमें पिछले करीब 15 दिन से लेकर अब तक की कॉल्स डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं।

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