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एक ऐसा गांव जिसने खुद लगा लिया ‘लॉकडाउन’

कोरोना का कहर विश्व भर में फैला हुआ है। विश्व का हर कोना कोरोना की चपेट में है। देश अपने-अपने स्तर पर इससे बचाव के उपाय कर रहे हैं। लेकिन सबसे प्रभावी उपाय लॉकडाउन को माना जा रहा है। इसलिए कई देश एक बार फिर से लॉकडाउन की ओर बढ़ गए हैं तो कहीं-कहीं लॉकडाउन लग भी चुका है। इन्हीं देशों में भारत में भी कोरोना लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहा है। भारत में इस बार लोगों के आजीवन को देखते हुए लॉक डाउन तो नहीं लगाया गया लेकिन पाबंदियां जरूर लगा दी है। लेकिन देश का एक राज्य ऐसा भी है जहां लोगों ने सरकार के फैसले का इंतजार नहीं किया बल्कि खुद से लॉकडाउन लगा लिया है।

दरअसल, दो दिन बाद मध्यप्रदेश के दमोह में विधानसभा का उपचुनाव सम्पन्न होना है। ऐसे में पूरे जिले में हलचल तेज हो गई है। चुनाव हो और कार्यकर्ताओं सहित नेताओं का आना जाना न हो, ये तो हो ही नहीं सकता। साथ ही इस कोरोना काल में तो इलेक्शन कमीशन भी कोरोना के खतरे को भांपने में नाकाम साबित हो रहा है। इसलिए कोरोना से खतरे के मद्देनजर दमोह के लोगों कि ओर से स्वतः ही लॉक डाउन लगा दिया गया है।

 

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मध्यप्रदेश के गांव हिनोटा कलां गांव ने सभी के सामने एक उदाहरण पेश करते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया है कि सरकार को फर्क नहीं पड़ता देश के कितने नागरिक मरे, उन्हें केवल आंकड़ा जारी कर देना है। लेकिन आपके एक सदस्य की मौत आपकी पूरी दुनिया बदल सकती है। कोरोना से सुरक्षित करने के लिए इस गांव के लोगों ने बाहर के लोगों से खुद को काट लिया है। यहां की आबादी लगभग 35000 है। ऐसी कठिन स्थिति में आपकी एक लापरवाही आपकी मौत का कारण बन सकती है। गांव ने कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए ये कदम उठाया है।

यह हट्टा तहसील गांव अंतर्गत आता है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, गलियां सुनसान हैं और दुकानें भी बंद हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस गांव ने खुद ही लॉकडाउन लगा लिया है। चुनाव के समय में जनता का न होना नेताओं को खल रहा है। उनकी रैली में भी कोई शामिल नहीं हो रहा है इसलिए कोरोना से नहीं नेता लॉक डाउन से चिंतित नजर आ रहे हैं।

 

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भाजपा नेता नरेंद्र चोकरिया लगातार प्रयास में रहे कि इस गांव के लोग भी पड़ोस के गांव लक्षमण कुटी में होने वाली रैली में शामिल हो जाएं। दरअसल वहां भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की रैली होने वाली थी। दमोह में उपचुनाव होने की वजह यह है कि यहां से चुने गए विधायक राहुल सिंह लोधी ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी से स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां सरकार की ओर से सभी जिलों में वीकेंड लॉकडाउन लगाया गया है। लेकिन दमोह में चुनाव के चलते पाबंदियां सख्त नहीं हैं। यहां के फैसले लेने के लिए प्रशासन ने जिला चुनाव अधिकारी को आदेश दिया है।

विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, कमलनाथ जैसे कई दिग्गज नेता भी पहुंचे हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और वर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी लोगों को संबोधित किया है। हिनोटा कलां के एक ग्रामीण ने कहा कि वह कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और उसे लोगों के साथ दिग्विजय सिंह की रैली में भाग लेने के लिए कई फोन आए थे, लेकिन उसने मना कर दिया। फिलहाल सभी को इस वक्त सरकार कोरोना से बचाव की सावधानियां बरतनी की सलाह दे रही है।

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