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केजरीवाल सरकार का बड़ा ऐलान

 दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि वह दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस भरेगी। इस योजना का लाभ सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। दिल्ली कैबिनट ने कल 18 सितंबर बुधवार को सरकारी स्कूलों के दसवीं और बारहवीं के लगभग 3.14 लाख छात्रों की सीबीएसई परीक्षा फीस 2019-20 से देने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में पिछले माह 18 अगस्त को हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन स्कूलों के 3 लाख 14 हजार बच्चों की फीस भरने पर सरकार 57 करोड़ रुपए खर्च करेगी। राजधानी में 10वीं और 12वीं कक्षा के बच्चे सीबीएसई द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। सरकार ने कहा है कि “इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) की फीस में पूरी तरह से छूट है।”  दिल्ली सरकार के बयान के अनुसार, “इसके अंतर्गत विज्ञान संकाय और कक्षा 12 के वोकेशनल विषयों के प्रैक्टिकल परीक्षा की फीस भी शामिल है।”

दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले 3.14 लाख विद्यार्थियों का सीबीएसई परीक्षा शुल्क सरकार देगी। पैसों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई हम रुकने नहीं देंगे। दिल्ली के हर बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेदारी अब मेरी है।- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री

पहले दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य 10वीं व 12वीं कक्षा के बच्चों से फीस लेकर सीबीएसई  को भेजते थे। लेकिन इस वर्ष से सभी स्कूलों के बच्चों की फीस शिक्षा निदेशालय सीबीएसई को अदा करेगा। फीस अदायगी की व्यवस्था 2019-20 सत्र से ही लागू हो जाएगी। दसवीं और बारहवीं के लिए लगभग 3:14 लाख छात्रों को लाभ होने की उम्मीद है।

दिल्ली कैबिनेट ने 10वीं और 12वीं क्लास के छात्रों की सीबीएसई की फीस, शिक्षा विभाग द्वारा दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसका लाभ दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त तथा पत्राचार के 3.14 लाख बच्चों को मिलेगा। – मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री

वर्तमान में दसवीं के 179914 और बारहवीं के 133802 छात्र पढ़ रहे हैं। इन कक्षा के छात्रों कलिए पांच अनिवार्य विषय और एक वैकल्पिक विषय है, इस तरह से 12वीं और दसवीं के स्टूडेंट्स की 1800 रुपए की फीस का भुगतान भी सरकार करेगी।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार तीसरी से 8वीं क्लास तक और 9वीं व 11वीं क्लास के लिए सेंट्रलाइज्ड एग्जाम करवाती है और आंसर शीट से लेकर क्वेश्चन पेपर प्रिंटिंग तक का सारा खर्च सरकार उठाती है। वहीं 10वीं व 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स से सीबीएसई एग्जाम फीस लेती है लेकिन इस बार सीबीएसई ने फीस में दोगुना से ज्यादा बढ़ोतरी कर दी थी। उसके बाद दिल्ली सरकार ने स्टूडेंट्स की फीस का भुगतान करने की बात कही थी। सरकार ने बढ़ी हुई फीस समेत सारी एग्जाम फीस खुद देने का फैसला किया है।

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