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टिकटॉक और हेलो पर लग सकता है बैन

एक बार फिर ‘टिकटॉक’ और ‘हेलो’ एप्प को सरकार द्वारा बड़ा झटका दिया गया है।  दरअसल , चर्चित एप्प ‘टिकटॉक’ और ‘हेलो’ को सरकार द्वारा नोटिस भेजकर 24 सवालों के जवाब मांगे गए है। साथ ही भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा मौजूदा समय में और बाद में किसी विदेशी सरकार या तीसरे पक्ष या निजी इकाई को हस्तांतरित न करने का आश्वासन देने के लिए भी  कहा गया है।  दोनों एप पर शिकायत में  आरोप लगाया गया है कि इन मंचों का उपयोग राष्ट्र – विरोधी गतिविधियों में हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय  द्वारा यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ( RSS) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रधानमंत्री को भेजी गई एक शिकायत पर की गयी है।मंत्रालय द्वारा बाल निजता नियमों के उल्लंघन किए जाने को लेकर भी चिंता जताई  गयी है । मंत्रालय द्वारा इस बात को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा  गया है कि इन सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल करने के लिये बच्चों की न्यूनतम आयु 13 साल क्यों रखी गई है।  जबकि भारत में 18 साल  की आयु वाले को बालिग माना गया है। मंत्रालय ने ‘टिकटॉक’ और ‘हेलो’ से उनके द्वारा जुटाए गए अतिरिक्त डेटा को लेकर भी जवाब माँगा है। उनके भारत में कार्यालयों और कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। उनसे  द्वारा ब्रिटेन में सूचना आयोग द्वारा ‘टिकटॉक’ के खिलाफ की गई जांच और उसके परिणाम को लेकर भी जानकारी मांगी  गई है। सोशल मीडिया से पूछा गया है कि उसकी सामग्री को देखने से पहले छोटे बच्चों के लिए चेतावनी टैग के जरिए उन्हें रोका जाता है या  नहीं।

आधिकारिक सूत्रों द्वारा यह जानकारी दी गयी कि केंद्र ने इन एप को चेतावनी दी है की यदि उन्होंने 22 जुलाई तक उचित जवाब नहीं दिया तो उन्हें प्रतिबंध का सामान भी करना पड़ सकता है। इस पर  ‘टिकटॉक’ एवं ‘हेलो’ ने एक संयुक्त बयान में कहा, हम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था द्वारा हमें मिले अपार सहयोग के लिए आभारी हैं। हम इस समुदाय की जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हैं और अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए सरकार के साथ पूरा सहयोग करने के इस अवसर का स्वागत करते हैं। भारत सबसे मजबूत बाजारों में से एक है। भारत के लिए हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप हम अगले तीन साल में भारत में एक अरब डॉलर का निवेश भी कर रहे हैं। इससे पहले भी ‘टिकटॉक’ पर मद्रास हाई कोर्ट द्वारा लगे बैन के कारण कंपनी को काफी मुश्किलों  का सामना करना पड़ा था। कोर्ट ने बैन लगाते हुए ‘टिकटॉक’ को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल प्ले स्टोर से बैन कर दिया  था। जब इस बैन को हटाया गया तो ‘टिकटॉक’ ने कहा  था कि वो इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखेगी कि उसके प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह का गलत या अश्लील कंटेंट न जाए। साथ ही चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से संबंधित कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। ‘टिकटॉक’ के आधिकारिक बयान में कहा गया था की , हम इस निर्णय को सुनकर बहुत खुश हैं। हम इस बात के आभारी है कि हमें अपने यूजर्स को बेहतर सर्विस देने का दोबारा मौका मिला है। हम इस बात से खुश हैं कि हमारे प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ने के हमारे प्रयासों को मान्यता दी गई है।” लेकिन ‘टिकटॉक’ को लेकर  मामला एक बार फिर गरमा गया है ,हाल ही में लो फ्लोर बस में ‘टिकटॉक’ वीडियो बनने पर चालक को निलबिंत कर दिया गया। दरअसल ,जनकपुरी इलाके में बस के अंदर और बाहर के ‘टिकटॉक’ वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। जिसके बाद डीटीसी प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गयी। वीडियो में एक युवती  बस में तैनात मार्शल के सामने प्रसिद्ध हरयाणवी गाने पर डांस करती नज़र आ रही है। जिस समय इस वीडियो को बनाया गया उस वक़्त बस में कोई यात्री नहीं था केवल चालक और संवाहक ही दिखाई दे रहे है। वीडियो का मामला संज्ञान में आते ही इस पर डीटीसी प्रसाशन द्वारा  उचित कार्रवाई की गयी है। इससे पहले भी ‘टिकटॉक’ पर ऐसे कई मामले सामने आ चुके है। भारत में ‘टिकटॉक’  के 12 करोड़ मंथली ऐक्टिव यूजर्स है।  जो ‘टिकटॉक’ का प्रयोग करते है। इसमें ज्यादातर युवा होते है, इसलिए सरकार द्वारा इस पर कार्रवाई को उचित माना जा रहा है। भारत ‘टिकटॉक’ का सबसे बड़ा मार्किट माना जाता है,इसलिए हो सकता है की कंपनी इसे यहाँ बनाये रखने के लिए अपनी पॉलिसी में कुछ बदलाव करे। भारत में इसकी लोकप्रियता ज्यादा होने  के कारण इस पर सख्त कदम उठाने बेहद जरुरी माने जा रहे है।

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